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साधुशरण प्रकरण: आरोपी को थाने बुलाकर फिर भूल गई पुलिस, वीआईपी ड्यूटी का हवाला देकर झाड़ा पल्ला
Mon, 07 Mar 2022 11:29 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 07 Mar 2022 11:29 AM IST
सार
खजनी तहसील में फरियाद लेकर पहुंचे साधुशरण ने तोड़ा था दम, सात महीने से कोई कार्रवाई नहीं।
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साधु शरण की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर में अपनी जमीन की खतौनी ठीक कराने और कब्जा पाने के लिए कई साल से दौड़भाग करने वाले खजनी खुटभार के साधुशरण विश्वकर्मा (65) के मौत मामले में पुलिस एक बार फिर सुस्त पड़ गई। एसएसपी के आदेश के बाद सक्रिय हुई खजनी पुलिस शनिवार को हरकत में आई थी, लेकिन वीआईपी ड्यूटी का हवाला देकर सुस्त हो गई। पुलिस के बुलाने पर भी आरोपी थाने नहीं आया।
जानकारी के मुताबिक, दबाव में पुलिस ने एक आरोपित पर केस दर्ज कर लिया था, लेकिन समय के साथ उसे भी दबा दिया गया। जांच के नाम पर पुलिस की फाइल खुली है, लेकिन आज तक गिरफ्तारी तक नहीं हो सकी। गांव में जाकर दावे करने वाले अफसर भी खामोश बैठ गए हैं।
लेखपाल एक दिन के बाद दोबारा नहीं गए और पीड़ित परिवार खुद की बदनसीबी को ही अपनी नियति मानकर सिस्टम के सामने घुटने टेक चुका है। एसएसपी ने मामले का संज्ञान लिया तो शनिवार को पुलिस हरकत में आई और पीड़ित के घर तक पहुंची थी। आरोपित को थाने बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आया। इंस्पेक्टर मनोज ने बताया कि वीआईपी ड्यूटी की वजह से पुलिस आरोपित तक नहीं पहुंच पाई है। जल्द ही न्याय दिलाया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक, दबाव में पुलिस ने एक आरोपित पर केस दर्ज कर लिया था, लेकिन समय के साथ उसे भी दबा दिया गया। जांच के नाम पर पुलिस की फाइल खुली है, लेकिन आज तक गिरफ्तारी तक नहीं हो सकी। गांव में जाकर दावे करने वाले अफसर भी खामोश बैठ गए हैं।
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लेखपाल एक दिन के बाद दोबारा नहीं गए और पीड़ित परिवार खुद की बदनसीबी को ही अपनी नियति मानकर सिस्टम के सामने घुटने टेक चुका है। एसएसपी ने मामले का संज्ञान लिया तो शनिवार को पुलिस हरकत में आई और पीड़ित के घर तक पहुंची थी। आरोपित को थाने बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आया। इंस्पेक्टर मनोज ने बताया कि वीआईपी ड्यूटी की वजह से पुलिस आरोपित तक नहीं पहुंच पाई है। जल्द ही न्याय दिलाया जाएगा।
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