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21वीं सदी भारतीयों के होगी नाम, गांधी, आंबेडकर और दीनदयाल के आदर्शों को अपनाकर ही राष्ट्र का होगा निर्माण: राम माधव

Sat, 13 Feb 2021 09:20 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 13 Feb 2021 09:20 PM IST
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RSS thinker Ram Madhav Speak in a webinar organized on death anniversary of Deen dayal Upadhyay
आरएसएस के विचारक राम माधव। - फोटो : अमर उजाला।

आरएसएस के विचारक राम माधव ने कहा कि विश्व में तेजी से वैचारिक बदलाव हो रहे हैं। 20वीं सदी यूरोपीय देशों के नाम रही है। मगर 21वीं सदी भारतीयों के नाम होगी। इसके लिए भारतीय अस्मिता और राष्ट्रभाव को जगाना होगा। महात्मा गांधी के राम राज्य, आंबेडकर की सोशल डेमोक्रेसी और दीनदयाल के अंत्योदय को अपनाकर ही राष्ट्र निर्माण करना होगा।

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इंडिया फाउंडेशन शासक मंडल के सदस्य व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारक राम माधव ने यह विचार व्यक्त किए। शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित संगोष्ठी के दूसरे दिन स्पीकर ऑफ द ईयर व्याख्यान में बतौर मुख्य वक्ता वे शामिल हुए।
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कहा कि 1990 में भारत और चीन की जीडीपी लगभग बराबर थी। आज 30 साल के बाद चीन की जीडीपी भारत से पांच गुनी अधिक है। सवाल उठता है कि चीन ने ऐसा क्या किया, जो आज उसके देश की जीडीपी बुलंदियों को छू रही है। चीन ने राष्ट्र शक्ति को जगाने का काम किया किया। हमारे देश की अर्थव्यवस्था तीन ट्रिलियन इकोनॉमी के लक्ष्य को हासिल कर रही है। हम दुनिया के पांच बड़ी अर्थव्यवस्था में से एक हैं। मगर प्रति व्यक्ति जीडीपी के मामले में दुनिया में 158वीं रैंक पर हैं। यह सपना पंडित दीनदयाल का एकात्म मानवदर्शन भी दिखाता है।

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कहा कि कोरोना के कारण विश्व की संरचना में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। पर्यावरण संरक्षण, क्लाइमेट चेंज, हेल्थ केयर के साथ तकनीकी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मेटा डेटा व बिग डेटा बड़ा एजेंडा बन चुका है।


 

विशिष्ट अतिथि कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कहा कि पिछले सात सालों में पंडित दीनदयाल के दर्शन को जमीन पर उतारने की दिशा में तेजी से काम हुए हैं। मंडल में 6.5 लाख शौचालय, 20 लाख किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि, 2.5 लाख गरीबों को आवास देकर सरकार ने दीनदयाल के दर्शन के अनुसार समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचने का काम कर रही है।

कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल विश्वविद्यालय के ब्रांड एंबेसडर हैं। हर साल अब दीनदयाल की स्मृति में स्पीकर ऑफ द लेक्चर का आयोजन किया जाएगा। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों ने दीप जलाकर की। इसके बाद संगीत विभाग की छात्राओं ने राष्ट्रगीत और कुलगीत प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का संचालन और आभार ज्ञापन प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने किया। कार्यक्रम में पूर्व कुलपति प्रो. रजनीकांत पांडेय, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, आरएसएस के रमेश, इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पांडेय, आर्गनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर, मीडिया प्रभारी महेंद्र कुमार सिंह, डॉ. रूचिका सिंह, दीपेंद्र मोहन सिंह आदि मौजूद रहे।

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