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स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज 2: 17 राजस्व गांवों में कूड़ा प्रबंधन के लिए 6.33 करोड़ रुपये जारी

Sat, 27 Aug 2022 01:45 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 27 Aug 2022 01:45 PM IST
सार

समिति द्वारा सुझाव को स्वीकार करते हुए जनपद स्तर पर पुन: संशोधित करते हुए कार्य योजना  निदेशक पंचायती राज को प्रस्तुत की गई थी। साथ ही डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने 17 राजस्व गांवों की कार्य योजना शासन को प्रस्तुत करते हुए धनराशि निर्गत किए जाने की मांग की थी।
 

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Rs 6.33 crore released for waste management in 17 revenue villages
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में बड़ी पंचायतों को मॉडल गांव के तौर पर विकसित करने के क्रम में जिले की 13 ग्राम पंचायतों के 17 राजस्व गांवों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए डीएम ने 6.33 करोड़ रुपये की क्रेडिट लिमिट स्वीकृत की है।

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जिला स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण समिति के अध्यक्ष के तौर पर डीएम कृष्णा करुणेश ने निदेशक पंचायती राज की अनुमति के बाद यह धनराशि स्वीकृत की है। पांच हजार या उससे अधिक की आबादी वाली जिले की 76 ग्राम पंचायतों के कुल 98 राजस्व ग्राम में ग्राम स्वच्छता कार्य योजना 2021-22 तैयार की गई है।
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इसके लिए ग्राम सभाओं में खुली बैठक आयोजित की गई थी। जिन पंचायतों के राजस्व गांवों को धनराशि स्वीकृत की गई है वहां के प्रधान, पंचायत सचिव, सफाई कर्मचारी, पंचायत सहायक द्वारा निदेशक पंचायती राज की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष कार्य योजना का पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया गया था।
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समिति द्वारा सुझाव को स्वीकार करते हुए जनपद स्तर पर पुन: संशोधित करते हुए कार्य योजना  निदेशक पंचायती राज को प्रस्तुत की गई थी। साथ ही डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने 17 राजस्व गांवों की कार्य योजना शासन को प्रस्तुत करते हुए धनराशि निर्गत किए जाने की मांग की थी।

शासन ने इसपर धनराशि जारी किए जाने की अनुमति प्रदान की, जिसके बाद जिला स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण समिति के अध्यक्ष यानी डीएम ने इन पंचायतों को धनराशि जारी की। बाकी बचे 81 राजस्व गांवों में भी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जल्द ही धनराशि स्वीकृत होने की उम्मीद है।  

इन पंचायतों को जारी हुई धनराशि
डीपीआरओ ने बताया कि क्रेडिट लिमिट जारी की जाने वाली ग्राम पंचायतों में पिपराइच की ग्राम पंचायत रुद्रापुर में 43.06 लाख, भैसहा में 56. 96 लाख, सरदारनगर की ग्राम पंचायत शत्रुधनपुर में 35.33 लाख, भटहट की ग्राम पंचायत जौनपुर में 74.21 लाख, जंगल कौड़िया में 59.27 लाख, भरोहिया की ग्राम पंचायत कल्याणपुर में 33 लाख, कैंपियरगंज की ग्राम पंचायत इंदरपुर में 40.76 लाख, सहजनवां की ग्राम पंचायत भीटी रावत में 52.47 लाख रुपये जारी किए गए हैं।

इसी तरह ब्रह्मपुर की ग्राम पंचायत जंगल रसूलपुर नंबर 2 में 82.21 लाख, कैंपियरगंज की ग्राम पंचायत राजपुर में 34.45 लाख व मोहम्मदपुर उर्फ जंगल बब्बन में 38.02 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। बड़हलगंज की ग्राम पंचायत मुहालजलकर में 33.30 लाख एवं उरुवा ब्लॉक की ग्राम पंचायत भदार खास में 47.95 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।
 

ये काम कराए जाएंगे

डीपीआरओ ने बताया कि इस धनराशि से ग्राम पंचायतों द्वारा समुदाय स्तर पर समस्याओं का निराकरण होगा। जैसे ग्राम पंचायत में सामुदायिक स्तर पर बेकार जल की निकासी का प्रबंधन किया जाएगा। साथ ही सामुदायिक स्तर पर गांव में कंपोस्ट पिट तैयार कर गोबर रखने एवं कूड़े के उचित प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी। ग्राम पंचायत में ई-रिक्शा का भी प्रावधान किया गया है जिस पर ग्राम पंचायतों द्वारा डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन किया जाएगा।

जगह-जगह समुदाय स्तर पर डंपिंग यार्ड तैयार किया जाएगा। निर्धारित मात्रा में कार्य योजना के अनुसार कचरा पात्र की व्यवस्था की जाएगी। नालियों के निर्माण में जंक्शन चेंबर, फिल्टर चेंबर एवं सिल्क कैचर का भी निर्माण कराया जाएगा। लोगों के व्यवहार परिवर्तन के लिए भी अगले एक साल तक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

समूह की महिलाओं की विशेष भागीदारी
डीपीआरओ ने मुताबिक स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विशेष भागीदारी एवं इसके क्रियान्वयन में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ग्राम पंचायतों के खुले स्थानों पर फेंके जाने वाले सेनेटरी पैड, हगीज, मास्क आदि के डिस्पोजल के लिए सेनेटरी इंस्पेक्टर नैपकिन की भी व्यवस्था की जाएगी।

कार्यों की होगी कड़ी निगरानी
डीपीआरओ ने बताया कि इस धनराशि को व्यय करने के लिए वित्तीय नियमों का पूरी तरह पालन कराया जाएगा। प्रत्येक कार्य की अलग-अलग पत्रावली, ग्राम पंचायतों के द्वारा तैयार की जाएगी। कार्य पूर्ण होने के बाद भारत सरकार की वेबसाइट पर मोबाइल एप के माध्यम से जियो टैग सुनिश्चित कराया जाएगा तथा कराए गए कार्य की पूर्ति भी जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में जमा की जाएगी। धनराशि की निकासी ग्राम पंचायत के एसएन अकाउंट से पंचायत सचिव एवं प्रधान के माध्यम से संबंधित फार्म अथवा कार्यदायी संस्थाओं को भुगतान किया जाएगा। योजना के अलावा अन्य जो कार्य कराए जाएंगे वह व्यक्तिगत तौर पर ग्राम पंचायत के ग्राम निधि प्रथम से 15वें वित्त आयोग की टाइट फंड से किया जाएगा।

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