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Gorakhpur News: आरआरबी-पीआरकेएस विवाद ने पकड़ा तूल
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गोरखपुर। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) के बीच एक अभ्यर्थी से जुड़े मामले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। मामला नेहा सिंह के चयन और उससे जुड़ी प्रक्रिया को लेकर सामने आया है।
आरआरबी गोरखपुर प्रशासन का कहना है कि 20 मई को पीआरकेएस के पदाधिकारी विनोद कुमार राय अभ्यर्थी नेहा सिंह के साथ कार्यालय पहुंचे और मामले में जल्द निर्णय लेने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की। बोर्ड के अनुसार, उस समय संबंधित प्रकरण की जांच चल रही थी और न तो नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हुई थी और न ही कोई अंतिम निर्णय लिया गया था। प्रशासन ने इसे प्रक्रिया में हस्तक्षेप के रूप में देखा है।
दूसरी ओर पीआरकेएस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। संघ का कहना है कि संगठन का उद्देश्य केवल कर्मचारियों व भावी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराना है। संघ अध्यक्ष विनोद राय ने स्पष्ट किया कि वे केवल अभ्यर्थी की समस्या को समझने और समाधान के लिए अधिकारियों से मिलने गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरआरबी प्रशासन ने मामले पर कोई स्पष्ट या संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
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आरआरबी गोरखपुर प्रशासन का कहना है कि 20 मई को पीआरकेएस के पदाधिकारी विनोद कुमार राय अभ्यर्थी नेहा सिंह के साथ कार्यालय पहुंचे और मामले में जल्द निर्णय लेने के लिए दबाव बनाने की कोशिश की। बोर्ड के अनुसार, उस समय संबंधित प्रकरण की जांच चल रही थी और न तो नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हुई थी और न ही कोई अंतिम निर्णय लिया गया था। प्रशासन ने इसे प्रक्रिया में हस्तक्षेप के रूप में देखा है।
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दूसरी ओर पीआरकेएस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। संघ का कहना है कि संगठन का उद्देश्य केवल कर्मचारियों व भावी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराना है। संघ अध्यक्ष विनोद राय ने स्पष्ट किया कि वे केवल अभ्यर्थी की समस्या को समझने और समाधान के लिए अधिकारियों से मिलने गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरआरबी प्रशासन ने मामले पर कोई स्पष्ट या संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
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