फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Rowing players nursery will be ready from Ramgarhtal gorakhpur

Rowing Game: गोरखपुर से तैयार होगी रोइंग खिलाड़ियों की नर्सरी, देश के मानचित्र पर उभरेगा रामगढ़ताल

Fri, 02 Jun 2023 04:58 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 02 Jun 2023 04:58 PM IST
सार

क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर ने कहा कि रामगढ़ताल की पहचान पर्यटन स्थल के रूप में थी, लेकिन रोइंग प्रतियोगिता के बाद अब इस ताल को खेल के भी मानचित्र पर पहचान मिल गई है। यहां रोइंग कोच की नियुक्ति कर दी गई है, जल्द ही प्रशिक्षण शुरू करा दिया जाएगा।
 

विज्ञापन
Rowing players nursery will be ready from Ramgarhtal gorakhpur
रामगढ़ताल में रोइंग खेल का आयोजन हुआ था। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

रामगढ़ताल से रोइंग खिलाड़ियों की पौध तैयार होगी। खेल विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही यहां रोइंग का प्रशिक्षण शुरू होगा जिसके बाद यहां से निकले खिलाड़ी देश ही नहीं विदेश में भी गोरखपुर का नाम रोशन करेंगे।

विज्ञापन


खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में पहली बार रोइंग खेल को शामिल किया गया और इसकी मेजबानी गोरखपुर के रामगढ़ताल को मिली। पर्यटन स्थल के रूप मेें पहचाने जाने वाले रामगढ़ताल को रोइंग प्रतियोगिता के बाद देश में रोइंग के लिए सबसे बेहतरीन ताल के रूप में पहचान मिल चुकी है।
विज्ञापन


चाहे रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष राजलक्ष्मी सिंह हो या पूर्व अध्यक्ष कर्नल सीपी सिंह, सभी ने रामगढ़ताल की सराहना की और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त बताते हुए रोइंग ट्रेनिंग का हब बनाने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन


रामगढ़ताल से रोइंग खिलाड़ी तैयार करने के लिए खेल विभाग ने रोइंग कोच नेशलन खिलाड़ी गणेश निषाद की नियुक्ति कर दी है। वहीं जर्मनी से 20 बोट मंगाने के साथ ही अन्य जरूरी सामान मंगाने की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है। अगस्त के शुरुआत में यहां बोट के आ जाने की उम्मींद है।

अगले सप्ताह से यहां खिलाड़ियों का प्रशिक्षण शुरू करा दिया जाएगा। पहले 14 से 18 आयु वर्ग के बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अंतर्गत पहले स्वीमिंग और फिजिकल प्रशिक्षण देकर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा। इसके बाद रोइंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: BRD में मरीज की पिटाई मामला: एक नामजद समेत आठ अज्ञात जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज, पत्नी को दिया था धक्का

10 से 20 लाख तक की है बोट

सिंगल : 10 लाख रुपये
डबल : 15 लाख रुपये
क्वाड्रपल : 20 लाख रुपये

प्रयागराज की टीम लेती है भाग
रोइंग प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की बात की जाए तो सिर्फ प्रयागराज की राजेंद्र सिंह यूनिवर्सिटी की टीम खेलती है। रामगढ़ताल में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के अंतर्गत हुई रोइंग प्रतियोगिता में प्रयागराज की टीम ने 500 मीटर सिंगल और स्वाड्रपल में प्रतिभाग किया था, लेकिन तैयारी के अभाव में सभी स्पर्धाओं में टीम को हार का मुंह देखना पड़ा था। रामगढ़ताल में प्रशिक्षण शुरू होने के बाद यहां से निकलने वाले खिलड़ी देशभर में नाम करेंगे।

इसे भी पढ़ें: EWS-LIG के फ्लैट के लिए ही आय प्रमाण पत्र जरूरी, यहां नहीं देना होगा दस्तावेज

वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा मददगार
वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग ने रामगढ़ताल क्षेत्र में 54 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के पहले वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया है। रोइंग प्रतियोगिता के लिए देशभर से आए खिलाड़ियों ने वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की खूब तारीफ की और कहा कि इससे बेहतर वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स देश में और कहीं नहीं है। यहां रोइंग प्रशिक्षण शुरू होने के बाद आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए वाटर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स काफी मददगार साबित होगा।

लोगों ने क्या कहा

रामगढ़ताल की पहचान पर्यटन स्थल के रूप में थी, लेकिन रोइंग प्रतियोगिता के बाद अब इस ताल को खेल के भी मानचित्र पर पहचान मिल गई है। यहां रोइंग कोच की नियुक्ति कर दी गई है, जल्द ही प्रशिक्षण शुरू करा दिया जाएगा।: आले हैदर, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी

गोरखपुर में रोइंग के खिलाड़ियों को तैयार करना है। दो महीने में जर्मनी से बोट आ जाएगी। बच्चों का चयन कर जल्द ही प्रशिक्षण शुरू होगा। शुरुआत में बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा।: गणेश निषाद, रोइंग कोच

इसे भी पढ़ें:
जिद के आगे झुके घरवाले: मां की बीमारी कह टालता रहा युवक, अड़ी रही युवती; साढ़े चार घंटे बाद हुआ निकाह

उत्तर प्रदेश में रोइंग का कोई स्कोप नहीं था, इसलिए देवरिया छोड़कर पंजाब जाकर रोइंग का प्रशिक्षण लेना पड़ा। अगर गोरखपुर में रोइंग का प्रशिक्षण शुरू हुआ तो देश को अच्छे रोइंग के खिलाड़ी गोरखपुर से मिलने लगेंगे।: शोभित पांडेय, रोइंग खिलाड़ी, देवरिया

रामगढ़ताल रोइंग के लिए बेहतर है। यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सकती हैं, साथ ही देश का बेहतरीन प्रशिक्षण संस्थान के रूप में भी इसे पहचान मिल सकती है। अगर ऐसा हुआ तो हम जैसे खिलाड़ियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। : किशन पांडेय, रोइंग खिलाड़ी, देवरिया



 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed