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खोराबार टाउनशिप: EWS-LIG के फ्लैट के लिए ही आय प्रमाण पत्र जरूरी, यहां नहीं देना होगा दस्तावेज
Fri, 02 Jun 2023 02:01 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 02 Jun 2023 02:01 PM IST
सार
योजना के तहत 26 मई से पंजीकरण शुरू हुआ है। कुछ आवेदकों की तरफ से प्राधिकरण में शिकायत दर्ज कराई गई है कि एचआइजी श्रेणी के भूखंड के लिए आवेदन करने के लिए आठ लाख या इससे अधिक जमा करना पड़ रहा है लेकिन, नेट बैकिंग में भुगतान की सीमा कम होने से वे भुगतान नहीं कर पा रहे।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के तहत सिर्फ ईडब्लूएस और एलआईजी श्रेणी के फ्लैट के लिए ही आय प्रमाण पत्र आवश्यक है। एलआईजी श्रेणी के भूखंडों के लिए इसकी जरूरत नहीं है। जानकारी के अभाव में कई लोगों को यह भ्रम हो गया है कि फ्लैट के लिए लागू आय प्रमाण पत्र का नियम भूखंड पर भी लागू होगा।
यही वजह है कि पिछले दो-तीन दिनों में तहसीलों में आय प्रमाण पत्र के लिए भीड़ जुटने लगी है। जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि सिर्फ ईडब्लूएस व एलआईजी फ्लैट के लिए ही आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। भूखंडों पर यह शर्त लागू नहीं होगी। उन्होंने बताया कि ईडब्ल्यूएस के लिए तीन लाख रुपये वार्षिक जबकि एलआइजी के लिए छह लाख रुपये वार्षिक तक के आय प्रमाण पत्र पंजीकरण के समय जमा करने होंगे।
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आरटीजीएस से भी कर सकते हैं भुगतान
योजना के तहत 26 मई से पंजीकरण शुरू हुआ है। कुछ आवेदकों की तरफ से प्राधिकरण में शिकायत दर्ज कराई गई है कि एचआइजी श्रेणी के भूखंड के लिए आवेदन करने के लिए आठ लाख या इससे अधिक जमा करना पड़ रहा है लेकिन, नेट बैकिंग में भुगतान की सीमा कम होने से वे भुगतान नहीं कर पा रहे। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने भी इसे वाजिब समस्या मानते हुए वेबसाइट में ऐसी व्यवस्था करने का निर्देश दिया है जिससे आरटीजीएस के माध्यम से भी लोग पंजीकरण धनराशि का भुगतान कर सकें।
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यही वजह है कि पिछले दो-तीन दिनों में तहसीलों में आय प्रमाण पत्र के लिए भीड़ जुटने लगी है। जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि सिर्फ ईडब्लूएस व एलआईजी फ्लैट के लिए ही आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता है। भूखंडों पर यह शर्त लागू नहीं होगी। उन्होंने बताया कि ईडब्ल्यूएस के लिए तीन लाख रुपये वार्षिक जबकि एलआइजी के लिए छह लाख रुपये वार्षिक तक के आय प्रमाण पत्र पंजीकरण के समय जमा करने होंगे।
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आरटीजीएस से भी कर सकते हैं भुगतान
योजना के तहत 26 मई से पंजीकरण शुरू हुआ है। कुछ आवेदकों की तरफ से प्राधिकरण में शिकायत दर्ज कराई गई है कि एचआइजी श्रेणी के भूखंड के लिए आवेदन करने के लिए आठ लाख या इससे अधिक जमा करना पड़ रहा है लेकिन, नेट बैकिंग में भुगतान की सीमा कम होने से वे भुगतान नहीं कर पा रहे। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने भी इसे वाजिब समस्या मानते हुए वेबसाइट में ऐसी व्यवस्था करने का निर्देश दिया है जिससे आरटीजीएस के माध्यम से भी लोग पंजीकरण धनराशि का भुगतान कर सकें।
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