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रोहिंग्या-बांग्लादेशी : राजघाट की झुग्गियों में पहुंची पुलिस...असम के संदिग्धों की हुई जांच
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झुग्गियों में जांच करने पहुंची पुलिस। स्रोत : पुलिस
जांच में संदिग्धों ने खुद को असम का बताया, अब आधार कार्ड का होगा सत्यापन
आधार सेंटर पर सत्यापन के बाद असम सरकार से संपर्क करेगी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। राजघाट इलाके में झुग्गियों में रोहिंग्या-बांग्लादेशी लोगों के रहने की आशंका के बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने जांच तेज कर दी है। संदिग्ध लोगों से उनके दस्तावेज लिए और उनके मूल निवास से जुड़ीं जानकारियां जुटाईं। हालांकि, प्रारंभिक जांच में कोई रोहिंग्या-बांग्लादेशी नहीं मिला। इन लोगों ने खुद को असम के बरपेटा जिले का निवासी बताया। अब पुलिस आधार कार्ड का सत्यापन करेगी। इसके बाद असम सरकार से भी संपर्क कर जानकारी जुटाएगी।
जानकारी के अनुसार, राजघाट इलाके के बहरामपुर और अमरूद मंडी में झुग्गी डालकर बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इनकी संख्या पिछले दो से तीन वर्षों में बढ़ी है। करीब चार से पांच साल पहले एक से दो परिवार आए। इसके बाद धीरे-धीरे अब ये करीब 50 परिवार तक हो गए हैं। इन झुग्गियों में 200 से भी अधिक लोग रहते हैं। इनमें से ज्यादातर लोग कूड़ा बीनने का काम करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार ये लोग आपस में बांग्ला बोलते हैं। अब धीरे-धीरे हिंदी बोलना भी सीख गए हैं।
बृहस्पतिवार को राजघाट थाना प्रभारी सदानंद सिन्हा के नेतृत्व में टीम इन झुग्गियों में पहुंची। वहां पर रहने वाले लोगों के आधार कार्ड लिए। परिवार में रहने वाले सभी लोगों की सूची बनाई। इन्होंने खुद को असम के बरपेटा जिले का निवासी बताया। इनमें से कुछ गायब थे, जिनके बारे में बताया कि वे लोग एसआईआर के लिए असम गए हैं। पुलिस टीम अब इनके आधार का सत्यापन करेगी। इसके बाद असम सरकार से संपर्क कर दस्तावेजों का सत्यापन करेगी।
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वर्जन...
राजघाट इलाके की झुग्गियों में टीम गई थी। उनके दस्तावेज की जांच की गई है। प्रारंभिक जांच में अब तक कोई रोहिंग्या-बांग्लादेशी नहीं मिला है। इन लोगों ने खुद को असम के बरपेटा जिले का निवासी बताया है। अब इनके दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाएगी।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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आधार सेंटर पर सत्यापन के बाद असम सरकार से संपर्क करेगी पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। राजघाट इलाके में झुग्गियों में रोहिंग्या-बांग्लादेशी लोगों के रहने की आशंका के बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने जांच तेज कर दी है। संदिग्ध लोगों से उनके दस्तावेज लिए और उनके मूल निवास से जुड़ीं जानकारियां जुटाईं। हालांकि, प्रारंभिक जांच में कोई रोहिंग्या-बांग्लादेशी नहीं मिला। इन लोगों ने खुद को असम के बरपेटा जिले का निवासी बताया। अब पुलिस आधार कार्ड का सत्यापन करेगी। इसके बाद असम सरकार से भी संपर्क कर जानकारी जुटाएगी।
जानकारी के अनुसार, राजघाट इलाके के बहरामपुर और अमरूद मंडी में झुग्गी डालकर बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इनकी संख्या पिछले दो से तीन वर्षों में बढ़ी है। करीब चार से पांच साल पहले एक से दो परिवार आए। इसके बाद धीरे-धीरे अब ये करीब 50 परिवार तक हो गए हैं। इन झुग्गियों में 200 से भी अधिक लोग रहते हैं। इनमें से ज्यादातर लोग कूड़ा बीनने का काम करते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार ये लोग आपस में बांग्ला बोलते हैं। अब धीरे-धीरे हिंदी बोलना भी सीख गए हैं।
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बृहस्पतिवार को राजघाट थाना प्रभारी सदानंद सिन्हा के नेतृत्व में टीम इन झुग्गियों में पहुंची। वहां पर रहने वाले लोगों के आधार कार्ड लिए। परिवार में रहने वाले सभी लोगों की सूची बनाई। इन्होंने खुद को असम के बरपेटा जिले का निवासी बताया। इनमें से कुछ गायब थे, जिनके बारे में बताया कि वे लोग एसआईआर के लिए असम गए हैं। पुलिस टीम अब इनके आधार का सत्यापन करेगी। इसके बाद असम सरकार से संपर्क कर दस्तावेजों का सत्यापन करेगी।
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वर्जन...
राजघाट इलाके की झुग्गियों में टीम गई थी। उनके दस्तावेज की जांच की गई है। प्रारंभिक जांच में अब तक कोई रोहिंग्या-बांग्लादेशी नहीं मिला है। इन लोगों ने खुद को असम के बरपेटा जिले का निवासी बताया है। अब इनके दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जाएगी।
- अभिनव त्यागी, एसपी सिटी