{"_id":"656f7e9d67f1507f8409e235","slug":"roads-drains-and-street-lights-will-be-built-in-the-wards-with-rs-12-crores-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-390825-2023-12-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: 12 करोड़ से वार्डों में बनेंगी सडक, नाली, स्ट्रीट लाइट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: 12 करोड़ से वार्डों में बनेंगी सडक, नाली, स्ट्रीट लाइट
विज्ञापन
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में कई प्रस्तावों पर लगी मोहर
नगर निगम आत्मनिर्भर बनने के लिए शहर में बनाएगा कॉमर्शियल काॅम्प्लेक्स
वर्तमान सर्किल दर से ली जाएगी नगर निगम दुकानें से किराएदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर के विभिन्न वार्डों में 12 करोड़ रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइटें लगाने के साथ सड़क और नालियों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए पार्षद वरीयता के तहत सभी पार्षदों के 15-15 लाख रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दी जाएगी। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए व्यस्तम सड़कों के पास रोड पटरी पर पार्किंग बनाई जाएगी। वहीं, नगर निगम अपनी दुकानों से अब सर्किट रेट के हिसाब से किराएदारी वसूलेगा। मूल कब्जेदारों की जगह दूसरे को किराए पर दिए जाने वाली दुकानों का आवंटन निरस्त किया जाएगा। वहीं, आत्मनिर्भर बनने के लिए निगम अपनी जमीनों पर कामर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराएगा। नगर निगम की कार्यकारिणी ने इन प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।
मंगलवार को मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में इनके अलावा कई प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। बेतियाहाता वार्ड के सपा पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने नगर निगम के कर व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया। इसपर नगर आयुक्त ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि शहर में डेढ़ लाख से अधिक नागरिक कर जमा करते हैं। ये नोटिस सिर्फ उन्हें दिया जाएगा, जिनका सर्वे के दौरान आवास का क्षेत्रफल 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ा है। इसके बाद भी अगर ये प्रार्थना पत्र देंगे को इनकी समीक्षा कर समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
बैठक में नगर निगम की दो हजार आवंटित दुकानों के भौतिक सत्यापन भी फैसला लिया गया। इसके अनुसार जिन दुकानों को आवंटियों ने किराया पर उठाया होगा उनका आवंटन रद्द कर नए सिरे से दुकानों का आवंटन किया जाएगा। साथ ही सभी दुकानों का किराया संशोधित कर बाजार मूल्य पर नए सिरे से तय होगा। साथ ही तय हुआ कि मल्टीलेवल पार्किंग में बनाई गई दुकानों की खुली नीलामी कराई जाएगी।
विज्ञापन
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि 15 लाख रुपये की दूसरी किस्त कार्यकारिणी की तीसरी बैठक में दे दी जाएगी। बैठक में जलकल के महाप्रबंधक को 10 लाख रुपये तक के कार्यों को बिना ई टेंडर के कराए जाने की स्वीकृति दी गई। बैठक में उपसभापति धर्मदेव चौहान, अजय राय, मनोज कुमार, पार्षद देवेंद्र गौड़ पिंटू, रविंद्र सिंह, मनु जायसवाल, आनंदवर्धन सिंह, बिजेंद्र अग्रहरि समेत सभी कार्यकारिणी सदस्य, निगम अधिकारी मौजूद रहे।
0- पुराने पोल व लाइटों का मामला भी उठा
बैठक में महानगर में विभिन्न स्थानों पर पथ प्रकाश विभाग द्वारा लगाई गई नई लाइटों एवं बिजली के पोल का मसला भी उठा। प्रत्येक वार्ड में 55-- 55 पथ प्रकाश बिंदु लगाए जाने की बात रखी गई। बताया गया कि 550 पोल एवं 550 लाइटें तकरीबन नई लगाई गईं, लेकिन स्टोर में सिर्फ 243 लाइटें एवं पोल पहुंचे। इस मामले में सुपरवाइजर अशोक सिंह एवं जय प्रकाश कुशवाहा पर कार्रवाई की मांग उठी।
0- कार्यकारिणी ने इन प्रस्तावों को भी दी स्वीकृति
- 0- जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र के त्वरित निस्तारण के लिए नगर निगम सीएलसी से एक कंप्यूटर आपरेटर को एसडीएम कार्यालय को उपलब्ध कराएगा।
- सीएलसी से नियुक्त सफाई कर्मियों की उपस्थिति आनलाइन दर्ज होगी। भुगतान भी आनलाइन किया जाएगा।
- मुख्य सड़कों पर लगने वाले बाजारों की नालियों को गंदगी करने वाले सब्जी, फल विक्रेताओं एवं ठेलों से जुर्माना वसूला जाएगा।
- प्राधिकरण से हैंडओवर ली जाने वाली ऐसी कॉलोनियां जहां सीवर लाइन नहीं हैं, वहां व्यवस्था के लिए जीडीए को पत्र लिखा जाएगा।
- निगम की जमीन पर लगाए गए ट्रांसफार्मर, विद्युत पोल आदि का रेंट निर्धारण कर बिल बिजली विभाग को भेजा जाएगा।
-जलकल विभाग एवं निर्माण विभाग में पूर्व नगर आयुक्त के वित्तीय स्वीकृति के बाद किए कार्यों का भुगतान किया जाए।
- जरूरतमंदों में कंबल वितरण एवं अलाव की व्यवस्था के लिए आपूर्ति संबंधी प्रक्रिया शुरू होगी।
- महानगर में सरफेस पार्किंग के लिए व्यस्तम मार्गों के पास सड़क पटरी पर पार्किंग बनाए जाने की स्वीकृति मिली।
- जिस तिथि से करदाताओं को नोटिस दिया गया है, उस वित्तीय वर्ष से ही कर की वसूली होगी। जब शासन से कोई दिशा-निर्देश प्राप्त होगा उस अनुसार कार्रवाई होगी। तय हुआ कि मेयर एवं नगर आयुक्त भी शासन से वार्ता कर जनहित में कार्रवाई कराएंगे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि लगभग 40 प्रतिशत सर्वे गलत है। नोटिस एवं गृहकर, जलकर एवं सीवर कर की बिल भी आनलाइन भुगतान एवं करदाताओं के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से बिल की सूचना भेजा जाए।
विज्ञापन
नगर निगम आत्मनिर्भर बनने के लिए शहर में बनाएगा कॉमर्शियल काॅम्प्लेक्स
वर्तमान सर्किल दर से ली जाएगी नगर निगम दुकानें से किराएदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर के विभिन्न वार्डों में 12 करोड़ रुपये की लागत से स्ट्रीट लाइटें लगाने के साथ सड़क और नालियों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए पार्षद वरीयता के तहत सभी पार्षदों के 15-15 लाख रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति दी जाएगी। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए व्यस्तम सड़कों के पास रोड पटरी पर पार्किंग बनाई जाएगी। वहीं, नगर निगम अपनी दुकानों से अब सर्किट रेट के हिसाब से किराएदारी वसूलेगा। मूल कब्जेदारों की जगह दूसरे को किराए पर दिए जाने वाली दुकानों का आवंटन निरस्त किया जाएगा। वहीं, आत्मनिर्भर बनने के लिए निगम अपनी जमीनों पर कामर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराएगा। नगर निगम की कार्यकारिणी ने इन प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।
मंगलवार को मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में इनके अलावा कई प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। बेतियाहाता वार्ड के सपा पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने नगर निगम के कर व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया। इसपर नगर आयुक्त ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि शहर में डेढ़ लाख से अधिक नागरिक कर जमा करते हैं। ये नोटिस सिर्फ उन्हें दिया जाएगा, जिनका सर्वे के दौरान आवास का क्षेत्रफल 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ा है। इसके बाद भी अगर ये प्रार्थना पत्र देंगे को इनकी समीक्षा कर समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
विज्ञापन
बैठक में नगर निगम की दो हजार आवंटित दुकानों के भौतिक सत्यापन भी फैसला लिया गया। इसके अनुसार जिन दुकानों को आवंटियों ने किराया पर उठाया होगा उनका आवंटन रद्द कर नए सिरे से दुकानों का आवंटन किया जाएगा। साथ ही सभी दुकानों का किराया संशोधित कर बाजार मूल्य पर नए सिरे से तय होगा। साथ ही तय हुआ कि मल्टीलेवल पार्किंग में बनाई गई दुकानों की खुली नीलामी कराई जाएगी।
विज्ञापन
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि 15 लाख रुपये की दूसरी किस्त कार्यकारिणी की तीसरी बैठक में दे दी जाएगी। बैठक में जलकल के महाप्रबंधक को 10 लाख रुपये तक के कार्यों को बिना ई टेंडर के कराए जाने की स्वीकृति दी गई। बैठक में उपसभापति धर्मदेव चौहान, अजय राय, मनोज कुमार, पार्षद देवेंद्र गौड़ पिंटू, रविंद्र सिंह, मनु जायसवाल, आनंदवर्धन सिंह, बिजेंद्र अग्रहरि समेत सभी कार्यकारिणी सदस्य, निगम अधिकारी मौजूद रहे।
0- पुराने पोल व लाइटों का मामला भी उठा
बैठक में महानगर में विभिन्न स्थानों पर पथ प्रकाश विभाग द्वारा लगाई गई नई लाइटों एवं बिजली के पोल का मसला भी उठा। प्रत्येक वार्ड में 55
0- कार्यकारिणी ने इन प्रस्तावों को भी दी स्वीकृति
- 0- जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र के त्वरित निस्तारण के लिए नगर निगम सीएलसी से एक कंप्यूटर आपरेटर को एसडीएम कार्यालय को उपलब्ध कराएगा।
- सीएलसी से नियुक्त सफाई कर्मियों की उपस्थिति आनलाइन दर्ज होगी। भुगतान भी आनलाइन किया जाएगा।
- मुख्य सड़कों पर लगने वाले बाजारों की नालियों को गंदगी करने वाले सब्जी, फल विक्रेताओं एवं ठेलों से जुर्माना वसूला जाएगा।
- प्राधिकरण से हैंडओवर ली जाने वाली ऐसी कॉलोनियां जहां सीवर लाइन नहीं हैं, वहां व्यवस्था के लिए जीडीए को पत्र लिखा जाएगा।
- निगम की जमीन पर लगाए गए ट्रांसफार्मर, विद्युत पोल आदि का रेंट निर्धारण कर बिल बिजली विभाग को भेजा जाएगा।
-जलकल विभाग एवं निर्माण विभाग में पूर्व नगर आयुक्त के वित्तीय स्वीकृति के बाद किए कार्यों का भुगतान किया जाए।
- जरूरतमंदों में कंबल वितरण एवं अलाव की व्यवस्था के लिए आपूर्ति संबंधी प्रक्रिया शुरू होगी।
- महानगर में सरफेस पार्किंग के लिए व्यस्तम मार्गों के पास सड़क पटरी पर पार्किंग बनाए जाने की स्वीकृति मिली।
- जिस तिथि से करदाताओं को नोटिस दिया गया है, उस वित्तीय वर्ष से ही कर की वसूली होगी। जब शासन से कोई दिशा-निर्देश प्राप्त होगा उस अनुसार कार्रवाई होगी। तय हुआ कि मेयर एवं नगर आयुक्त भी शासन से वार्ता कर जनहित में कार्रवाई कराएंगे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि लगभग 40 प्रतिशत सर्वे गलत है। नोटिस एवं गृहकर, जलकर एवं सीवर कर की बिल भी आनलाइन भुगतान एवं करदाताओं के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से बिल की सूचना भेजा जाए।