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बदल रहा है गोरखपुर: हाईवे किनारे के कौड़ियों में भी न बिकने वाले गड्ढे अब उगल रहे सोना, इस वजह से बढ़ गए दाम

Thu, 24 Aug 2023 04:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अरुण मुन्ना, गोरखपुर।
अरुण मुन्ना, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 24 Aug 2023 04:31 PM IST
सार

भूपेश ने बताया कि वर्ष 1988-89 में उनका एनसीसी का कैंप लगा था। तब इस इलाके के उत्तरी ओर तो आबादी थी, लेकिन दक्षिणी इलाका खाली था। शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता था। जिस जमीन को कोई पूछ नहीं रहा था, उसकी कीमत आज आसमान पर हैं।

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Nausad Padleganj Sixlane road construction in Gorakhpur
नौसड़-पैडलेगंज सिक्सलेन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले में नौसड़-पैडलेगंज सिक्सलेन अभी बनकर तैयार हुआ नहीं कि आसपास की जमीनों के भाव आसमान छूने लगे हैं। करीब 15 वर्ष पहले लखनऊ हाईवे किनारे बारिश के पानी में डूबे रहने वाली इन गड्ढेनुमा जमीनों को कोई कौड़ियों के भाव में खरीदने को तैयार नहीं था। जानकार बताते हैं कि करीब दो से तीन साल बाद जब सिक्सलेन के साथ ही ओवरब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा तब यहां पैर रखने को जगह नहीं होगी। अभी से ही यहां की मिट्टी सोना उगलने लगी है।

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15 साल पहले लखनऊ हाईवे की जमीनें सड़क से काफी नीचे गड्ढों में थीं। 1998 की बाढ़ का दंश झेलने के बाद तो लोगों ने तो अपनी जमीन बेचनी शुरू कर दीं, लेकिन विकास की बयार में यहां की तस्वीर ही बदल गई।
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अब खरीदार मुंह मांगे दामों में गड्ढे खरीदकर उन्हें सड़क तक पाट कर शोरूम बना रहे हैं। अगर मकान पहले के हैं तो उस पर दूसरी व तीसरी मंजिल बनाकर शानदार भवन बनाकर रहने लगे हैं। हाईवे के दोनों तरफ माॅर्ट और कांप्लेक्स तेजी से खुलते जा रहे हैं।
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सिक्सलेन पर रुस्तमपुर बिजली उपकेंद्र के सामने बाइक मैकेनिक की दुकान पर रुस्तमपुर के सुशील पांडेय अपने परिचित बबलू मिश्रा के साथ बातें कर रहे थे। दोनों लोग सड़क की ओर जाते हुए वाहनों को देखकर कह रहे थे तक जब काम पूरा नहीं होगा, तब तक ऐसे ही किचकिच बनी रहेगी। तभी अश्वनी ने कहा कि वर्ष 1998 में जब दक्षिण तरफ हाईडिल, जगदीश हॉस्पिटल, आजाद चौक सहित पूरा इलाका राप्ती नदी की बाढ़ से प्रभावित हुआ तो लोग मकान छोड़कर जाने के लिए सोचने लगे थे। लोग पछतावा भी कर रहे थे कि यहां पर आकर घर बना लिया। तब किसी को अंदाजा नहीं था यहां सिक्सलेन भी बनेगा। अब देखिए, सड़क के दोनों तरफ की जमीनों की कीमत 15 हजार रुपये वर्ग फुट हो गई है।

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भूपेश ने बताया कि वर्ष 1988-89 में उनका एनसीसी का कैंप लगा था। तब इस इलाके के उत्तर ओर तो आबादी थी, लेकिन दक्षिणी इलाका खाली था। शाम ढलते ही सन्नाटा पसर जाता था। जिस जमीन को कोई पूछ नहीं रहा था, उसकी कीमत आज आसमान पर हैं। सिक्सलेन की वजह से यहां पर मेन रोड से हटकर डोमवा ढाला तक जमीनें पांच से छह हजार रुपये प्रति वर्ग फुट बिक रही हैं। जमीनों के कामों और जीडीए के जानकार भी यही कीमतें बताते हैं।

Nausad Padleganj Sixlane road construction in Gorakhpur
नौसड़ से पैडलेगंज सिक्सलेन। - फोटो : अमर उजाला।
फ्लाईओवर के नीचे लग सकेंगी दुकानें, बढ़ेगा कारोबार
टीपीनगर से लेकर देवरिया बाईपास तिराहा के आगे तक फ्लाईओवर बनेगा। यहां के लोगों का मानना है कि फ्लाईओवर बन जाने के बाद रुस्तमपुर ढाला के आसपास ठेले की दुकानें लग सकेंगी। इससे लोगों को सब्जी, फल सहित अन्य की खरीदारी में राहत मिल जाएगी। निर्माण कार्य पूरा होने पर पूरे इलाके का भाव बढ़ जाएगा। शहर से इतर एक अलग क्षेत्र विकसित हो जाएगा।

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लोग बोले
भूपेंद्र धर दुबे ने कहा कि यहां पर हाईवे के किनारे 15-20 साल पूर्व जमीन चार से पांच हजार रुपये प्रति वर्ग फुट मिल रही थी। अब इसकी कीमत 15 हजार से अधिक हो गई है। सिक्सलेन का काम पूरा होने के बाद कीमत और बढ़ जाएगी। इस क्षेत्र में अंदर की ओर पांच हजार से अधिक कीमत में जमीनें बिक रही हैं।

अश्वनी कुमार ने कहा कि निर्माण कार्य चल रहा है। इसलिए दिक्कत हो रही है। चौड़ीकरण के बाद नाला बनेगा। इस कार्य में कम से कम दो साल लगेगा। तब तो परेशानी रहेगी। हमारी दुकान है। काम पूरा होने के बाद इसकी कीमत बढ़ जाएगी। मेडिकल कॉलेज रोड हो देवरिया - कुशीनगर हाइवे, जहां पर भी सड़क चौड़ी हो गई है। वहां का विकास हो रहा है।

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मनमोहन ने कहा कि जहां पर ओवरब्रिज बन रहा है, वहां पर सड़क के किनारे गड्ढे में पानी भरे होने से परेशानी हो रही है। कीचड़ से कपड़े खराब हो जा रहे हैं। यहां से आने-जाने में दिक्कत हो रही है, लेकिन आगे चलकर यहां आवागमन सुगम हो जाएगा।

सुरेंद्र चौहान ने कहा कि पहले सड़क दो लेन थी, बाद में इसे फोरलेन और अब सिक्सलेन बनाया जा रहा है। इससे आसपास की जमीनों के ही दाम नहीं बढ़ेंगे, बल्कि किराए पर मकान और दुकान मिलने में मुश्किल आएगी। लोग किराएदारों के लिए नए कमरे बनवाने की तैयारी कर रहे हैं। सेतु निगम परियोजना प्रबंधक एके सिंह ने कहा कि फ्लाईओवर का काम तेजी से कराया जा रहा है। पानी बरसने पर काम प्रभावित हो रहा है। जल्द से जल्द निर्माण पूरा कराया जाएगा।
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