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अब चांद हमारा है: चंद्रयान की सफलता में गोरखपुर के होनहार भी, इन पर था ये जिम्मा
Thu, 24 Aug 2023 11:11 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 24 Aug 2023 11:11 AM IST
सार
गोरखपुर विश्वविद्यालय और एमएमएमयूटी जहां अपने पूर्व छात्रों की सफलता पर फख्र महसूस कर रहा है तो घरवाले फूले नहीं समा रहे। गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं डॉ. मिश्रा, अम्मर यासिर व सना फिरोज ने एमएमएमयूटी से पढ़ाई की है। तीनों पुराने होनहार छात्रों ने इसमें अपना अहम योगदान दिया है।
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चंद्रयान 3 की सफलता में गोरखपुर के होनहार भी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंद्रयान-3 की सफलता में गोरखपुर का नाम भी इतिहास में दर्ज हो गया है। गोरखपुर के तीन पुराने होनहार छात्रों ने इसमें अपना अहम योगदान दिया है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाले डॉ. पीडी मिश्रा ने चंद्रयान-3 के सेटेलाइट के पोजिशन व दूरी की गणना की। साथ ही एक-एक पल के बारे में लोगों को बताने की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास थी।
गोरखपुर के दंपती अम्मर यासिर व सना फिरोज ने बड़ा योगदान दिया। इन दोनों ने एमएमएमयूटी से पढ़ाई की है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय और एमएमएमयूटी जहां अपने पूर्व छात्रों की सफलता पर फख्र महसूस कर रहा है तो घरवाले फूले नहीं समा रहे। देवरिया जिले के रामपुर कारखाना क्षेत्र के हरपुर कला के मूल निवासी स्व. उमापति मिश्रा के पुत्र डॉ. पीडी मिश्रा ने स्नातक देवरिया के बीआरडी पीजी कॉलेज से की थी।
इसके बाद गोरखपुर यूनिवर्सिटी से वर्ष 2003 में गणित से एमएससी की पढ़ाई की। यहीं से 2006-07 में गणित से पीएचडी की डिग्री हासिल की। वर्तमान में वह इसरो के सेंटर श्रीहरिकोटा में वैज्ञानिक एसएफ के पोस्ट पर तैनात हैं।
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गोरखपुर के दंपती अम्मर यासिर व सना फिरोज ने बड़ा योगदान दिया। इन दोनों ने एमएमएमयूटी से पढ़ाई की है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय और एमएमएमयूटी जहां अपने पूर्व छात्रों की सफलता पर फख्र महसूस कर रहा है तो घरवाले फूले नहीं समा रहे। देवरिया जिले के रामपुर कारखाना क्षेत्र के हरपुर कला के मूल निवासी स्व. उमापति मिश्रा के पुत्र डॉ. पीडी मिश्रा ने स्नातक देवरिया के बीआरडी पीजी कॉलेज से की थी।
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इसके बाद गोरखपुर यूनिवर्सिटी से वर्ष 2003 में गणित से एमएससी की पढ़ाई की। यहीं से 2006-07 में गणित से पीएचडी की डिग्री हासिल की। वर्तमान में वह इसरो के सेंटर श्रीहरिकोटा में वैज्ञानिक एसएफ के पोस्ट पर तैनात हैं।
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डॉ. पीडी मिश्रा बताते हैं, चंद्रयान मिशन की सफलता की खबर आम हुई तो गांव से मां गायत्री देवी, बड़े भाई उमेश मिश्रा, भाई मार्कंडेय मिश्रा ने सबसे पहले फोन कर बधाई दी।