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Gorakhpur News: आरपीएफ जवानों ने संभाली सुरक्षा की कमान तो आसान हुई राह
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बिहार जाने वाली ट्रेनों में छठ पूजा के चलते रेलवे स्टेशन पर हो रही जबरदस्त भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बिहार जाने वाली ट्रेनों में उमड़ी भीड़ को आरपीएफ जवानों ने संभाला तो यात्रियों की मुश्किलें कुछ कम होती नजर आईं। शुक्रवार दोपहर में काठगोदाम से हावड़ा जाने वाली बाघ एक्सप्रेस प्लेटफार्म पर पहुंची तो भीड़ धक्का-मुक्की करने लगी। लेकिन, जवानों ने कोच के आगे खड़ा होकर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने में पूरा सहयोग किया। इससे पहले बृहस्पतिवार की रात में आई ट्रेनों में भी आरपीएफ जवानों ने व्यवस्था संभालने का प्रयास किया।
दोपहर 12:30 बजे बिहार से दिल्ली की तरफ जा रही आम्रपाली एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। इस ट्रेन में केवल जनरल कोच में भीड़ थी, अन्य कोच में स्थिति सामान्य रही।
आरपीएफ व वाणिज्य टीम इस ट्रेन के रवाना होने तक प्लेटफार्म पर मौजूद रही। इसके बाद बाघ एक्सप्रेस दोपहर करीब एक बजे प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची। इस ट्रेन में चढ़ने वाले यात्री अधिक थे।
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भीड़ का अंदाजा लगाकर आरपीएफ जवानों ने पहले से ही व्यवस्था बनानी शुरू कर दी थी। जनरल बोगी के आगे रस्सी तानकर भीड़ को नियंत्रित किया गया। स्लीपर कोच के आगे भी खड़े जवानों ने यात्रियों के चढ़ने-उतरने में मदद की।
जनरल बोगी में सवार कुशीनगर के बाढ़ू चौराहा निवासी रामचंद्र भीड़ में फंस गए थे, जिन्हें दो जवानों ने कोच के अंदर घुसकर सामान सहित बाहर निकाला। 70 वर्षीय रामचंद्र के साथ पांच वर्ष का उनका पोता भी था। इंस्पेक्टर दशरथ प्रसाद भी यात्रियों को ट्रेनों में चढ़ने-उतरने में मदद कर रहे थे।
इससे पहले बृहस्पतिवार की रात आनंद विहार-सहरसा जन साधारण ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही जवानों ने एक-एक कोच के आगे खड़े होकर यात्रियों की मदद की। जनरल कोच में लंबे समय से भूखी-प्यासी महिलाओं व बच्चों को आरपीएफ की महिला सब इंस्पेक्टर व उनकी टीम ने बिस्कुट व पानी पहुंचाया।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बिहार जाने वाली ट्रेनों में उमड़ी भीड़ को आरपीएफ जवानों ने संभाला तो यात्रियों की मुश्किलें कुछ कम होती नजर आईं। शुक्रवार दोपहर में काठगोदाम से हावड़ा जाने वाली बाघ एक्सप्रेस प्लेटफार्म पर पहुंची तो भीड़ धक्का-मुक्की करने लगी। लेकिन, जवानों ने कोच के आगे खड़ा होकर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने में पूरा सहयोग किया। इससे पहले बृहस्पतिवार की रात में आई ट्रेनों में भी आरपीएफ जवानों ने व्यवस्था संभालने का प्रयास किया।
दोपहर 12:30 बजे बिहार से दिल्ली की तरफ जा रही आम्रपाली एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंची। इस ट्रेन में केवल जनरल कोच में भीड़ थी, अन्य कोच में स्थिति सामान्य रही।
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आरपीएफ व वाणिज्य टीम इस ट्रेन के रवाना होने तक प्लेटफार्म पर मौजूद रही। इसके बाद बाघ एक्सप्रेस दोपहर करीब एक बजे प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची। इस ट्रेन में चढ़ने वाले यात्री अधिक थे।
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भीड़ का अंदाजा लगाकर आरपीएफ जवानों ने पहले से ही व्यवस्था बनानी शुरू कर दी थी। जनरल बोगी के आगे रस्सी तानकर भीड़ को नियंत्रित किया गया। स्लीपर कोच के आगे भी खड़े जवानों ने यात्रियों के चढ़ने-उतरने में मदद की।
जनरल बोगी में सवार कुशीनगर के बाढ़ू चौराहा निवासी रामचंद्र भीड़ में फंस गए थे, जिन्हें दो जवानों ने कोच के अंदर घुसकर सामान सहित बाहर निकाला। 70 वर्षीय रामचंद्र के साथ पांच वर्ष का उनका पोता भी था। इंस्पेक्टर दशरथ प्रसाद भी यात्रियों को ट्रेनों में चढ़ने-उतरने में मदद कर रहे थे।
इससे पहले बृहस्पतिवार की रात आनंद विहार-सहरसा जन साधारण ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही जवानों ने एक-एक कोच के आगे खड़े होकर यात्रियों की मदद की। जनरल कोच में लंबे समय से भूखी-प्यासी महिलाओं व बच्चों को आरपीएफ की महिला सब इंस्पेक्टर व उनकी टीम ने बिस्कुट व पानी पहुंचाया।