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Gorakhpur News: सड़क हादसों में भारी बढ़ोतरी, अब लापरवाही पर नपेंगे पुलिसकर्मी

Fri, 10 Apr 2026 02:42 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Apr 2026 02:42 AM IST
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Road accidents on the rise, police officers will now be punished for negligence
जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना की समीक्षा में कई थानों के प्रदर्शन से नाराजगी
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गोरखपुर। वर्ष 2026 में सड़क हादसों के मामलों में 2025 की तुलना में इजाफा होने पर यातायात निदेशालय ने गंभीर चिंता जताई है। अधिकारियों ने कहा कि हादसों में बढ़ोतरी रोकने के लिए तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। समीक्षा में पाया गया कि कई थाना क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की संख्या काफी बढ़ी है, जिनमें कैंपियरगंज, गुलरिहा, झंगहा, बेलीपार, बड़हलगंज, सहजनवां, गगहा और चौरीचौरा शामिल हैं।
आंकड़ों के अनुसार, गुलरिहा थाना क्षेत्र में 2025 में चार दुर्घटनाएं हुई थीं, जो 2026 में बढ़कर 15 हो गईं। इसका प्रतिशत वृद्धि 275 प्रतिशत रहा। इसी तरह कैंपियरगंज में 2025 की पांच दुर्घटनाओं की तुलना में 2026 में यह संख्या 15 तक पहुंच गई, यानी 200 प्रतिशत की बढ़ोतरी। बेलीपार में सात से 13 और झंगहा में सात से 12 दुर्घटनाओं का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। सहजनवां, बड़हलगंज और अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। इसके अलावा शहर में 17 क्रिटिकल मार्ग भी हैं। जिन पर आए दिन हो रहे हादसे में लोगों की जान जा रही है।
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थाना
दुर्घटनाएं 2025
दुर्घटनाएं 2026 वृद्धि/कमी प्रतिशत वृद्धि
गुलरिहा 4
15
+11 275%
कैंपियरगंज 5
15
+10 200%
बेलीपार 7
13
+6 85.71%
झंगहा 7
12
+5 71.43%
बड़हलगंज 5 3
-2
-60%
सहजनवां 12
14
+2
16.67%




हादसे रोकने पर फिसड्डी साबित होने पर हटाए गए थाना प्रभारी
सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए लागू की गई जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट (जेडएफडी) योजना की हालिया समीक्षा में कई थानों का प्रदर्शन कमजोर पाया गया। कैंपियरगंज थाने के इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह को सीधे तौर पर जिम्मेदारी न निभाने के कारण लाइन हाजिर कर दिया गया। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि योजना की सफलता के लिए सभी पुलिसकर्मियों को पूरी तरह सक्रिय और सतर्क रहना आवश्यक है। हालांकि, थाना प्रभारी को तीन माह पहले ही थाने की कमान मिली थी। उन पर आरोप है कि वह हादसों को रोकने में नाकाम साबित हुए थे। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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प्रशासन की चेतावनी और सुधार के निर्देश
यातायात निदेशालय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही जीरो फैटलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत प्रशिक्षण, अभियान और सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम तेज किए जाएंगे। एसएसपी डॉ कौस्तुभ ने बताया कि तेज गति, लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी इस वृद्धि के प्रमुख कारण हैं।



हादसों को कम करने पर अधिकारियों का जोर

अब पुलिस अधिकारियों का फोकस हादसों को कम करने पर है। सभी थानों को ब्लैक स्पाट चिह्नित करने, सघन चेकिंग, ओवरस्पीडिंग पर कार्रवाई और हेलमेट-सीट बेल्ट लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब हर थाने की नियमित समीक्षा होगी और प्रदर्शन के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी। कैंपियरगंज से शुरू हुई सख्ती आने वाले दिनों में अन्य थानों तक भी पहुंच सकती है।
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