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UP: बेटी को अफसर बनाना चाहते थे मां-बाप... एक पल में बिखर गए सपने; मासूम बच्ची की मौत से टूट गया परिवार

Sun, 18 Aug 2024 02:07 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 18 Aug 2024 02:07 PM IST
सार

गोरखपुर में दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। हादसे में नौ साल की बच्ची की मौत हो गई, वह स्कूल से घर आ रही थी। बच्ची की मौत से परिवार टूट गया है। मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। 

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Road accident in Gorakhpur girl Student dies after being hit by a truck
Road accident in Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर के तिवारीपुर इलाके के निजामपुर चौक के पास दोपहर करीब एक बजे स्कूल से घर लौट रही नौ साल की बच्ची पर ट्रक चढ़ गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बच्चे की पहचान शिप्रा कुशवाहा के रूप में हुई। बच्ची की मौत से नाराज बगल में रहने वाले परिजन निजामपुर चौक पर बैठ कर प्रदर्शन करने लगे।
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जिसकी सूचना पर तिवारीपुर पुलिस के साथ ही, सीओ भी पहुंचे। पुलिस परिवार को समझाने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन की वजह से सड़क पर लंबा जाम लग गया।

गोरखपुर के तिवारीपुर इलाके के निजामपुर में हादसे में बच्ची की मौत से परिवार टूट गया है। मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले को लोग संभालने पहुंचे तो मां-पिता ने कहा-बेटी को अफसर बनाना चाहते थे। वह पढ़ने में बहुत होशियार थी। अब यह सपना टूट गया। छह साल की छोटी बहन सिमरन ने पूछा कि शिप्रा दीदी कब घर आएंगी, तो यह सुनकर मोहल्ले के लोगों के भी आंसू छलक आए।
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मोहल्ले के लोगों ने कहा कि धमेंद्र खुद गार्ड की नौकरी करते हैं, लेकिन बच्चों को हमेशा अच्छे स्कूल में पढ़ाया। उनका सपना था कि दोनों बेटियों को अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़ाकर एक दिन बड़ा अफसर बनाएं। शिप्रा के जाने के बाद वह पूरी तरह से टूट गए हैं।
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हादसे में मौत के बाद शिप्रा का शव पुलिस ने मोर्चरी में भिजवाया। उसका खून से सना स्कूल बैग उसके परिजनों को सौंप दिया गया। इसे देखकर परिजन रोने चिल्लाने लगे। वहीं बेटी का शव मोर्चरी में देखकर पिता की आंखें भर आईं। धमेंद्र ने कहा कि जिस बेटी को हमेशा कंधे पर बैठाकर खिलाया करता था, वो आज इस हाल में दिखेगी, इसकी कभी उम्मीद नहीं की थी।

 

परिजनों ने बताया कि जब भी शिप्रा स्कूल से आती थी, तब सबसे अधिक खुश सिमरन होती थी। दोनों एक साथ मिलकर खेलते थे। शिप्रा, सिमरन को पढ़ाती भी थी।

 

हमेशा नो एंट्री में निकलते हैं ट्रक
मोहल्लेवासियों ने नो इंट्री के बाद भी ट्रक अंदर आने पर नाराजगी जाहिर की। तिवारीपुर और राजघाट इलाके में कई व्यापारियों के गोदाम हैं। रात में माल आने के बाद खाली होकर दोपहर में ही बंधा पकड़कर निकलने का अक्सर ट्रक चालक प्रयास करते हैं।

इसमें कई बार पहले भी हादसे हो चुके हैं, हालांकि इसके बाद भी पुलिस यहां सख्ती नहीं कर पाती है। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक को नो इंट्री के बाद यानी रात में दस बजे के बाद निकलना था, लेकिन वह दिन में ही निकलने का प्रयास करने लगा जिसमें हादसा हो गया।
 
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