फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Riding on the ODOP banner, the terracotta business has gained momentum.

Gorakhpur News: ओडीओपी के रथ पर सवार टेराकोटा के कारोबार ने पकड़ी रफ्तार

Fri, 17 Oct 2025 02:25 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Oct 2025 02:25 AM IST
विज्ञापन
Riding on the ODOP banner, the terracotta business has gained momentum.
-दीपावली पर देश के अन्य राज्यों से खूब रही डिमांड, 100 ट्रकों से अधिक भेजे गए उत्पाद
विज्ञापन

-शिल्पकारों ने कहा, टेराकोटा को पंख लगाने का श्रेय सीएम योगी को

संवाद न्यूज एजेंसी

गोरखपुर। ओडीओपी के रथ पर सवार टेराकोटा शिल्प के कारोबार ने ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि अब उसकी पहुंच देश के कोने-कोने तक हो रही है। इस दीपावली पर गोरखपुर के टेराकोटा उत्पादों की आपूर्ति का आंकड़ा 100 ट्रक पार कर चुका है। टर्नओवर की बात करें तो इसे करीब 10 करोड़ रुपये अनुमानित किया जा रहा है। शिल्पकारों का मानना है कि टेराकोटा को ओडीओपी का पंख लगाकर फर्श से अर्श तक पहुंचाने का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को है।

ऐतिहासिक शहर गोरखपुर की खूबियों की विविधता में टेराकोटा माटी शिल्प भी शामिल है। साढ़े आठ साल पहले तक रंगत खो रहे इस शिल्प को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी ओडीओपी योजना को संगत मिली तो इस मिट्टी का रंग और चटक होता गया। कभी अक्सर खाली बैठने वाले टेराकोटा शिल्पकारों के पास अब साल भर काम की भरमार है। तो दीपावली जैसे पर्व पर दम लेने की फुर्सत नहीं।
विज्ञापन

देश के कई राज्यों से आई मांग की आपूर्ति कर चुके टेराकोटा शिल्पकारों की दीपावली तो करीब माहभर पहले ही मन चुकी है। अब त्योहार के आखिरी दिनों में उनका फोकस-लोकल मार्केट की मांग को पूरी करने पर है, लिहाजा चाक पर उनके हाथ लगातार चल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से पहले गोरखपुर के टेराकोटा हुनरमंद कभी बाजार को तरसते थे। सीएम योगी ने टेराकोटा को ओडीओपी (एक जिला-एक उत्पाद) योजना में शामिल किया तो इसके बाजार का जबरदस्त विस्तार हुआ। वर्तमान में टेराकोटा के मूल गांव औरंगाबाद के साथ ही गुलरिहा, भरवलिया, जंगल एकला नंबर-2, अशरफपुर, हाफिज नगर, पादरी बाजार, बेलवा, बालापार, शाहपुर, सरैया बाजार, झुंगिया, झंगहा क्षेत्र के अराजी राजधानी आदि गांवों में टेराकोटा शिल्प का काम वृहद स्तर पर चल रहा है। ओडीओपी में शामिल होने के बाद बाजार बढ़ने से करीब एक तिहाई नए लोग भी टेराकोटा के कारोबार से जुड़े हैं।
गोरखपुर में वर्तमान में 500 से अधिक परिवार टेराकोटा से जुड़े हैं। एक तरह से इसके ब्रांड एम्बेसडर खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं, और इसकी ब्रांडिंग ने शिल्पकारों को बारह महीने काम से सराबोर कर दिया है।

मांग और बाजार के संबंध में राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत शिल्पकार राजन प्रजापति का कहना है कि दीपावली को लेकर साल के शुरुआत में ही भरपूर ऑर्डर मिल गया था। टेराकोटा के सजावटी उत्पादों की सर्वाधिक मांग देश के दूसरे राज्यों के शहरों अहमदाबाद, हैदराबाद, बंगलूरू, चित्तूर, चेन्नई, दिल्ली से रही। राजन बताते हैं कि मुख्यमंत्री के प्रयास से टेराकोटा का काम इतना बढ़ गया है कि तनिक भी फुर्सत नहीं मिल रही।
कभी स्थानीय बाजार में ही उत्पाद नहीं बिक पाते थे, जबकि आज हमारे उत्पाद की मांग पूरे देश में है। बकौल राजन, इस वर्ष उनके वर्कशॉप से 18 ट्रक टेराकोटा उत्पाद अन्य प्रदेशों में भेजे गए हैं। वह बताते हैं कि शिल्पकारों के अलग-अलग समूह के ऑर्डर को जोड़ लिया जाए तो गोरखपुर टेराकोटा क्लस्टर से सौ ट्रक से अधिक उत्पादों की आपूर्ति की गई है।
शिल्पकार रविंद्र प्रजापति ने बताया कि ओडीओपी ने टेराकोटा कारोबार का कायाकल्प कर दिया है। व्यवसाय में 30 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ है। नागेंद्र प्रजापति भी टेराकोटा कारोबार में आए बूम का श्रेय योगी सरकार की ओडीओपी योजना को देते हैं।

--
ऐसे शिल्प से उद्यम की तरफ बढ़ा टेराकोटा
2017 के पहले तक टेराकोटा शिल्पकारों के पास संसाधनों का अभाव था। वह सारा काम हाथ से करते थे। ओडीओपी में शामिल होने के बाद उन्हें इलेक्ट्रिक चाक मिले, पगमील मशीन मिली। हस्तचालित चाक की तुलना में इलेक्ट्रिक चाक पर तेजी से कलाकृतियां बन जाती हैं। जबकि पगमील के जरिये 24 घंटे के बराबर मिट्टी की गुथाई एक घंटे में हो जाती है। इसका असर यह हुआ कि जितने उत्पाद एक दिन में तैयार होते थे, अब उतने दो घंटे में बन जाते हैं। पूंजी का संकट दूर करने के लिए भारी अनुदान पर आसानी से ऋण मिलने से काम और भी आसान हो गया है। शिल्पकारों को संसाधन उपलब्ध कराने के साथ ही सरकार ने बड़ा बाजार दिलाने के लिए इसकी ब्रांडिंग की। बड़े-बड़े महानगरों में तमाम प्रदर्शनी लगवाई, शिल्पकारों को पुरस्कार देकर उत्साहित किया। राष्ट्रपति सहित अन्य बड़ी हस्तियों को भेंट करने के लिए टेराकोटा के उत्पादों को प्राथमिकता दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed