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बीआरडी में शोध: कोरोना संक्रमण से गर्भपात का खतरा, नौ महीने तक रखें खास ध्यान
Mon, 02 Aug 2021 11:49 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 02 Aug 2021 11:49 AM IST
सार
इन महिलाओं के स्वास्थ्य पर करीब से निगाह रखी जा रही है। इस पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने शोध भी शुरू कर दिया है।
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BRD medical college
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना संक्रमण से गर्भपात का खतरा है। कुछ महिलाएं ऐसा मिली हैं जिनका इसकी वजह से गर्भपात भी हुआ है। अब संक्रमित गर्भवतियों के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। इन सबके स्वास्थ्य पर करीब से निगाह रखी जा रही है। इस पर बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने शोध भी शुरू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टीट्यूट इन रिप्रोडक्टिव हेल्थ (एनआईआरआरएच) ने संयुक्त रूप से 45 गर्भवतियों पर शोध किया है। हालांकि यह शोध आईवीएफ से विकसित भ्रूण पर किए गए हैं। इन नतीजों को देखते हुए ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शोध शुरू हुआ है।
कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित गर्भवती महिलाओं के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। कुछ महिलाएं ऐसी मिली हैं, जिन्हें गर्भपात हुआ है। बीआरडी की सत्रिी एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. वाणी आदित्य ने बताया कि दूसरी लहर में कई तरह के केस सामने आए हैं। इनमें गर्भपात का मामला भी शामिल है। अब भ्रूण में वायरस कैसे पहुंचा, इसके कारण खोजे जा रहे हैं।
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यह भी देखा जा रहा है कि गर्भवतियों को किस तरह की दिक्कतें आई हैं। गर्भस्थ शिशु पर क्या प्रभाव पड़ा, यह भी देखा जा रहा है। संक्रमित प्रसूताओं के कई केस में बच्चे भी संक्रमित हुए हैं।
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जानकारी के मुताबिक, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और नेशनल इंस्टीट्यूट इन रिप्रोडक्टिव हेल्थ (एनआईआरआरएच) ने संयुक्त रूप से 45 गर्भवतियों पर शोध किया है। हालांकि यह शोध आईवीएफ से विकसित भ्रूण पर किए गए हैं। इन नतीजों को देखते हुए ही बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शोध शुरू हुआ है।
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कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित गर्भवती महिलाओं के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। कुछ महिलाएं ऐसी मिली हैं, जिन्हें गर्भपात हुआ है। बीआरडी की सत्रिी एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. वाणी आदित्य ने बताया कि दूसरी लहर में कई तरह के केस सामने आए हैं। इनमें गर्भपात का मामला भी शामिल है। अब भ्रूण में वायरस कैसे पहुंचा, इसके कारण खोजे जा रहे हैं।
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यह भी देखा जा रहा है कि गर्भवतियों को किस तरह की दिक्कतें आई हैं। गर्भस्थ शिशु पर क्या प्रभाव पड़ा, यह भी देखा जा रहा है। संक्रमित प्रसूताओं के कई केस में बच्चे भी संक्रमित हुए हैं।