Exclusive: गोरखपुर में 56.52 करोड़ की लागत से तटबंधों को करा रहे दुरुस्त, 15 जून से पहले काम खत्म करने का निर्देश
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केके राय का कहना है कि जो भी प्रोजेक्ट हैं उन्हें 15 जून तक पूरा करा लिया जाएगा।
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गोरखपुर में नदियों के तटबंधों को बाढ़ से बचाने के लिए 16 अति संवेदनशील स्थानों पर 56.52 करोड़ की लागत से कार्य कराए जा रहे हैं। इसे 15 जून से पहले पूरा करा लेने का निर्देश शासन स्तर से दिया गया है। लेकिन, अब तक कोई भी कार्य पूरा नहीं हो सका है। विभाग का दावा है कि काम समय से करा लेंगे।
जिले में राप्ती, घाघरा, कुआनो, आमी, रोहिन, गोर्रा सहित छह नदियां बहती हैं। इनमें से अधिकतर बरसात के दिनों में तबाही मचाती हैं। इसकी वजह से तटबंध क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। कई स्थानों पर नदी के कटान के कारण तटबंध काफी क्षतिग्रस्त हो गए थे। सिंचाई विभाग की तरफ से संवेदनशील स्थानों पर कटान निरोधक कार्य कराने के लिए प्रोजेक्ट बनाकर भेजे गए थे। उनमें से 16 प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए जिन पर कार्य कराए जा रहे हैं।
इन स्थानों पर हो रहा कार्य
राप्ती नदी के बाएं तट पर स्थित मलौली बांध पर लांचिंग, एप्रन, की पुनर्स्थापना। इस पर 514 लाख खर्च होंगे। गोर्रा नदी के बाएं तट पर बरही पाथ बांध पर मटियरा गांव के पास 379.34 लाख से कटान निरोधक उपाय। राप्ती नदी पर बिगहा रिंग तटबंध विनहा गांव के पास 327.83 लाख की लागत से बाढ़ सुरक्षा कार्य। गोर्रा नदी के बरही पाथ बांध पर बरगदवां गांव के पास बने तटबंध की सुरक्षा के लिए 76.33 लाख की लागत से कार्य। राप्ती नदी पर बरही गांव के पास 704.02 लाख की लागत से कटान निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं।
गोर्रा नदी पर इटौवा के पास रिसाव के रोकथाम के लिए फिल्टर निर्माण का कार्य 84.41 लाख की लागत से कराया जा रहा है। राप्ती नदी के तट पर बरही पाथ के तटबंध पर रिसाव के रोकथाम के लिए फिल्टर निर्माण कार्य 423.22 लाख से कराया जा रहा है। राप्ती नदी के छितहरी थुन्हीं बांध पर ग्राम गोपालपुर के पास बाढ़ सुरक्षा कार्य 977.74 लाख से हो रहा है। छितहरी थुन्हीं बाध पर फिल्टर निर्माण का कार्य 131.95 लाख की लागत से कराया जा रहा है।
इसी प्रकार राजधानी सिलहटा बांध पर फिल्टर निर्माण का कार्य 179.07 की लागत से कार्य कराया जा रहा है। राजधानी सिलहटा तटबंध पर ही बसुही गांव के पास कटान से बचाव के लिए 524.92 लाख खर्च किए जा रहे हैं। राजधानी सिलहटा तटबंध पर ही दूसरे स्थान पर कटान निरोधक कार्य के लिए 134.31 लाख स्वीकृत है। राजधानी सिलहटा तटबंध पर एक और स्थान पर 287 तथा राप्ती नदी पर कनइल मझगांवा के पास 277, जबकि मलाव के पास राप्ती नदी पर 181 और राप्ती नदी पर ही भौवापार बेला बांध पर 447 लाख की लागत से कटान निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केके राय का कहना है कि जो भी प्रोजेक्ट हैं उन्हें 15 जून तक पूरा करा लिया जाएगा।