फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   In gorakhpur municipal corporatio, Relief to 1.25 lakh families, exemption from increased tax for two years

नगर निगम गोरखपुर: सवा लाख परिवारों को राहत, 2 वर्ष के बढ़े टैक्स से मिली छूट- जानें कौन सा टैक्स करना होगा जमा

Tue, 09 Jul 2024 01:04 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 09 Jul 2024 01:04 PM IST
सार

शहर के करीब सवा लाख परिवारों को बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2021-22 से जीआईएस सर्वेक्षण आधारित बढ़ा हुआ टैक्स अब उन्हें जमा नहीं करना पड़ेगा। नगर निगम से भेजी गई नोटिस को रद्द मान लिया जाएगा। अब इन परिवारों को वर्ष 2023-24 से टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा।

विज्ञापन
In gorakhpur municipal corporatio, Relief to 1.25 lakh families, exemption from increased tax for two years
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल व पार्षदगण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर के करीब सवा लाख परिवारों को बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2021-22 से जीआईएस सर्वेक्षण आधारित बढ़ा हुआ टैक्स अब उन्हें जमा नहीं करना पड़ेगा। नगर निगम से भेजी गई नोटिस को रद्द मान लिया जाएगा। अब इन परिवारों को वर्ष 2023-24 से टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा।
विज्ञापन


सोमवार को नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। बुधवार को निगम बोर्ड की बैठक में भी इसे रखा जाएगा। नगर निगम के दायरे में पुराने 70 वार्डों में जीआईएस सर्वेक्षण के बाद टैक्स जमा करने को लेकर नोटिस भेजा गया था। नोटिस में उनका टैक्स 2021-22 से ही बढ़कर आ रहा था।
विज्ञापन


टैक्स भी 20 से 50 फीसदी तक बढ़ गया। इसे लेकर लोगों ने आपत्ति दाखिल की थी कि रिवाइज टैक्स वित्तीय वर्ष 2023-24 से लिया जाए। इस मुद्दे को बेतियाहता पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने भी उठाया। कार्यकारिणी में इस पर विचार के बाद बीते दो वर्ष से बढ़ा टैक्स न लेने पर सहमति बन गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


नए वार्डों में सेल्फ असेसमेंट के लिए दो माह का मौका
नगर निगम में शामिल 10 नए वार्डों में भी भवन स्वामियों को अब टैक्स देना पड़ेगा। इसके लिए कर निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन वार्ड के भवन स्वामियों को निगम दो माह का समय देगा कि वे अपनी संपत्ति का ब्योरा नगर निगम को स्वयं उपलब्ध करा दें। इसी के आधार पर उनका कर निर्धारण हो जाएगा।


नगर निगम की दुकानों का बढ़ेगा किराया
कार्यकारिणी समिति की बैठक में नगर निगम की दुकानों और भवनों के किराए का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि शासन के संज्ञान में आया है कि नगर निगम की दुकानों और भवनों का किराया और प्रीमियम बहुत कम है। किराए की धनराशि लंबे समय से संशोधित नहीं की गई है।

ऐसे दुकानों का किराया यूपी पीडब्ल्यूडी के नियमावली के अनुसार निर्माण वाले आकार के आधार पर तय करने पर स्वीकृति प्रदान की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed