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ट्रायल बना था जानलेवा: कार शोरूम पर शव रखकर परिजनों ने किया हंगामा, कंपनी ने दाह संस्कार के लिए दिए 30 हजार
Fri, 11 Aug 2023 01:38 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 11 Aug 2023 01:38 PM IST
सार
धीरज मौर्य बुधवार की शाम 5:30 बजे मजदूरी कर पैदल घर जा रहा था। गीडा सेक्टर सात स्थित एक काॅलेज के सामने एक तेज रफ्तार नई कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि धीरज करीब बीस फीट ऊपर हवा में उछला गया और फिर सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया।
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गोरखपुर में हादसा
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले में गीडा थाना क्षेत्र के सेक्टर सात में टेस्ट ड्राइव के दौरान बुधवार को कार की चपेट में आने से धीरज मौर्य की मौत हो गई थी। जिस एजेंसी की कार थी, उस एजेंसी पर धीरज के परिजन बृहस्पतिवार को शव लेकर पहुंच गए। वह शव रखकर हंगामा करने लगे। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने दोनों पक्ष से बातचीत की। एजेंसी की ओर से दाह संस्कार के लिए तीस हजार रुपये दिए गए। इसके बाद मामला शांत हो सका।
जानकारी के मुताबिक, गीडा थाना क्षेत्र के नेवास गांव निवासी ध्रुपचंद मौर्य का 23 वर्षीय पुत्र धीरज मौर्य मजदूरी करता था। बुधवार की शाम 5:30 बजे मजदूरी कर पैदल घर जा रहा था। गीडा सेक्टर सात स्थित एक काॅलेज के सामने एक तेज रफ्तार नई कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि धीरज करीब बीस फीट ऊपर हवा में उछल गया और फिर सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। आसपास के लोगों ने गाड़ी को घेर लिया, लेकिन चालक मौके से भाग निकला।
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मेडिकल काॅलेज में इलाज के दौरान धीरज को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार की शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव मिलने पर परिजन सीधे कार एजेंसी के शोरूम पर पहुंचे और गेट पर शव रख हंगामा करने लगे। हंगामा की सूचना के बाद गीडा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत के बाद तीस हजार रुपये का सहयोग कराया। इसके बाद परिजनों ने शव का कालेसर मुक्तिधाम पर दाह संस्कार कर दिया।
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जानकारी के मुताबिक, गीडा थाना क्षेत्र के नेवास गांव निवासी ध्रुपचंद मौर्य का 23 वर्षीय पुत्र धीरज मौर्य मजदूरी करता था। बुधवार की शाम 5:30 बजे मजदूरी कर पैदल घर जा रहा था। गीडा सेक्टर सात स्थित एक काॅलेज के सामने एक तेज रफ्तार नई कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि धीरज करीब बीस फीट ऊपर हवा में उछल गया और फिर सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया। आसपास के लोगों ने गाड़ी को घेर लिया, लेकिन चालक मौके से भाग निकला।
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मेडिकल काॅलेज में इलाज के दौरान धीरज को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार की शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव मिलने पर परिजन सीधे कार एजेंसी के शोरूम पर पहुंचे और गेट पर शव रख हंगामा करने लगे। हंगामा की सूचना के बाद गीडा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत के बाद तीस हजार रुपये का सहयोग कराया। इसके बाद परिजनों ने शव का कालेसर मुक्तिधाम पर दाह संस्कार कर दिया।