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Gorakhpur News: सड़क के किनारे बने घरों पर लाल निशान...लोग परेशान
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बालापार-टिकरिया फोरलेन: सड़क चौड़ीकरण से सैकड़ों लोगों के मकान-दुकान टूटेंगे
बैजनाथपुर, बालापार में कई मकानों में लग गया है लाल निशान, सड़क की चौड़ाई कम कराने के लिए सीएम से मिले लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। महराजगंज की तरफ से सोनौली रोड को जोड़ने के लिए प्रस्तावित बालापार-टिकरिया फोरलेन मार्ग ने इस टू लेन सड़क के किनारे मकान-दुकान बनाने वालों को चिंता में डाल दिया है। दरअसल शहर से दूर इन लोगों ने कभी सोचा ही नहीं था कि इस शांत इलाके में भी फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। अब जब घरों पर लाल निशान लगने शुरू हुए तब रहने और रोजगार की चिंता भी सताने लगी। लोग पिछले सप्ताह शहर आए मुख्यमंत्री से विधायक के जरिए मुलाकात की थी, लेकिन अभी ठोस आश्वासन नहीं मिलने से लोगों की सांस अटकी है।
गोरखपुर-सोनौली हाईवे से बालापार होते हुए जंगल टिकरिया से आगे गांगी बाजार तक करीब 16 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण होना है। इसके पीछे की मंशा यह है कि परतावल के रास्ते गोरखपुर आने वालों को सोनौली रोड पर जाना हो तो गोरखपुर शहर में जाने के बजाय इसी रास्ते गोरखनाथ विश्वविद्यालय होते हुए निकल जाएंगे। भविष्य में इस रोड पर होने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए यह सड़क 28 मीटर चौड़ी होनी है। इसी के अनुसार मौजूदा सड़क के बीच से 45 फीट तक भवनों में लाल निशान लगाया गया है। किसी का घर पांच तो किसी का सात फीट तक ध्वस्तीकरण की जद में आ रहा है। औरया बैजनाथपुर में एक मकान का एक फीट जद में है लेकिन यदि वह एक फीट टूटा तो पूरा मकान टूटने का डर है। बालापार-टिकरिया मार्ग पर बहुत सारे लोग दुकान कर अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। उनके पास इसके अलावा कुछ नहीं है। जबसे वहां पर टूटने का लाल निशान लगा है तभी से वह दहशत में है कि उनके पास खेती पहले से नहीं है और दुकान भी चली गई तो कुछ बचेगा नहीं।
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सीएम से मिले थे विधायक
बालापार टिकरिया रोड की चौड़ाई कम करने की मांग को लेकर विधायक पिपराइच महेंद्र पाल सिंह सीएम से योगी आदित्यनाथ से मिल चुके हैं। लोगों को बताया गया है कि विधायक की पहल पर सीएम ने चौड़ाई कम करने का आश्वासन भी दिया है। इस चर्चा के बाद लोग थोड़ा राहत तो महसूस कर रहे हैं, लेकिन डर खत्म नहीं हो रहा है। चर्चा है कि सीएम सड़क की चौड़ाई 72 फीट करने पर राजी हो गए हैं।
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बोले लोग......
विकास कार्यों से हमें कोई परेशानी नहीं है। लेकिन हमारी रोजी-रोटी का भी ख्याल रखा जाए। सड़क यदि 90 फीट चौड़ी होती है तो दुकान और मकान दोनों टूट जाएगा।
- राकेश गुप्ता
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बालापार-टिकरिया मार्ग पर फिलहाल इतना ट्रैफिक नहीं है कि इसको 90 फीट का बनाया जाए। चौड़ाई थोड़ी कम हुई ताे इससे हजारों दुकान और मकान बच जाएंगे।
- राम निवास यादव
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लगभग 50 वर्षों से हमलोग यहां मकान बनवाकर रह रहे हैं। इसके अलावा हमारे पास कुछ भी नहीं है। ये भी अगर टूट गया तो हमलोग सड़क पर आ जाएंगे।
- गुड़िया
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जबसे मकान में लाल निशान लगा है तभी से तनाव और बढ़ गया है। 50 साल से यहां रहते हैं, टूट जाएगा तो हमलोग कहां जाएंगे। सरकार को थोड़ा इसका भी ध्यान देना चाहिए।
- छग्गन प्रसाद
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बैजनाथपुर, बालापार में कई मकानों में लग गया है लाल निशान, सड़क की चौड़ाई कम कराने के लिए सीएम से मिले लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। महराजगंज की तरफ से सोनौली रोड को जोड़ने के लिए प्रस्तावित बालापार-टिकरिया फोरलेन मार्ग ने इस टू लेन सड़क के किनारे मकान-दुकान बनाने वालों को चिंता में डाल दिया है। दरअसल शहर से दूर इन लोगों ने कभी सोचा ही नहीं था कि इस शांत इलाके में भी फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। अब जब घरों पर लाल निशान लगने शुरू हुए तब रहने और रोजगार की चिंता भी सताने लगी। लोग पिछले सप्ताह शहर आए मुख्यमंत्री से विधायक के जरिए मुलाकात की थी, लेकिन अभी ठोस आश्वासन नहीं मिलने से लोगों की सांस अटकी है।
गोरखपुर-सोनौली हाईवे से बालापार होते हुए जंगल टिकरिया से आगे गांगी बाजार तक करीब 16 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण होना है। इसके पीछे की मंशा यह है कि परतावल के रास्ते गोरखपुर आने वालों को सोनौली रोड पर जाना हो तो गोरखपुर शहर में जाने के बजाय इसी रास्ते गोरखनाथ विश्वविद्यालय होते हुए निकल जाएंगे। भविष्य में इस रोड पर होने वाली संभावित भीड़ को देखते हुए यह सड़क 28 मीटर चौड़ी होनी है। इसी के अनुसार मौजूदा सड़क के बीच से 45 फीट तक भवनों में लाल निशान लगाया गया है। किसी का घर पांच तो किसी का सात फीट तक ध्वस्तीकरण की जद में आ रहा है। औरया बैजनाथपुर में एक मकान का एक फीट जद में है लेकिन यदि वह एक फीट टूटा तो पूरा मकान टूटने का डर है। बालापार-टिकरिया मार्ग पर बहुत सारे लोग दुकान कर अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। उनके पास इसके अलावा कुछ नहीं है। जबसे वहां पर टूटने का लाल निशान लगा है तभी से वह दहशत में है कि उनके पास खेती पहले से नहीं है और दुकान भी चली गई तो कुछ बचेगा नहीं।
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सीएम से मिले थे विधायक
बालापार टिकरिया रोड की चौड़ाई कम करने की मांग को लेकर विधायक पिपराइच महेंद्र पाल सिंह सीएम से योगी आदित्यनाथ से मिल चुके हैं। लोगों को बताया गया है कि विधायक की पहल पर सीएम ने चौड़ाई कम करने का आश्वासन भी दिया है। इस चर्चा के बाद लोग थोड़ा राहत तो महसूस कर रहे हैं, लेकिन डर खत्म नहीं हो रहा है। चर्चा है कि सीएम सड़क की चौड़ाई 72 फीट करने पर राजी हो गए हैं।
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बोले लोग......
विकास कार्यों से हमें कोई परेशानी नहीं है। लेकिन हमारी रोजी-रोटी का भी ख्याल रखा जाए। सड़क यदि 90 फीट चौड़ी होती है तो दुकान और मकान दोनों टूट जाएगा।
- राकेश गुप्ता
बालापार-टिकरिया मार्ग पर फिलहाल इतना ट्रैफिक नहीं है कि इसको 90 फीट का बनाया जाए। चौड़ाई थोड़ी कम हुई ताे इससे हजारों दुकान और मकान बच जाएंगे।
- राम निवास यादव
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लगभग 50 वर्षों से हमलोग यहां मकान बनवाकर रह रहे हैं। इसके अलावा हमारे पास कुछ भी नहीं है। ये भी अगर टूट गया तो हमलोग सड़क पर आ जाएंगे।
- गुड़िया
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जबसे मकान में लाल निशान लगा है तभी से तनाव और बढ़ गया है। 50 साल से यहां रहते हैं, टूट जाएगा तो हमलोग कहां जाएंगे। सरकार को थोड़ा इसका भी ध्यान देना चाहिए।
- छग्गन प्रसाद