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धनउगाही का आरोप: भर्ती कर लिए 82 परिचालक, बसें 25; अब नहीं लग रही ड्यूटी
Fri, 22 Sep 2023 06:44 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 22 Sep 2023 06:44 AM IST
सार
महानगर में संचालित हो रहीं इलेक्ट्रिक बसों के परिचालकों ने मंगलवार को मानदेय नहीं मिलने के विरोध में हड़ताल कर दी थी। इस दौरान परिचालकों ने परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पर आरोप लगाया था।
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ई-बस गोरखपुर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
महानगर में चलने वाली इलेक्ट्रिक सिटी बसों की संख्या सिर्फ 25 है। वहीं, जिम्मेदारों ने इन 25 बसों के लिए 82 परिचालकों की भर्ती करा दी है। इससे परिचालकों को ड्यूटी नहीं मिल पा रही है। इससे उन्हें मानदेय भी नहीं मिल पा रहा है।
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महानगर में वर्तमान में 25 इलेक्ट्रिक सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों को चलाने के लिए 60 चालक रखे गए हैं। वहीं, परिचालकों की संख्या 82 के करीब है। परिचालकों को लखनऊ की फर्म वंशिका एचआर प्राइवेट लिमिटेड ने आउटसोर्सिंग पर रखा है।
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इन्हें 4.30 रुपये प्रति किमी की दर से भुगतान किया जाता है। निजी फर्म ने बसों की तुलना में करीब चार गुना ज्यादा परिचालकों की भर्ती कर ली है। इससे परिचालकों को ड्यूटी नहीं मिल रही है। वे मानदेय के लिए परेशान हो रहे हैं।
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महानगर में संचालित हो रहीं इलेक्ट्रिक बसों के परिचालकों ने मंगलवार को मानदेय नहीं मिलने के विरोध में हड़ताल कर दी थी। इस दौरान परिचालकों ने परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पर आरोप लगाया था। कहा था कि उन्होंने बसों की तुलना में कई गुना परिचालकों की भर्ती कराई है। इसका खामियाजा परिचालक भुगत रहे हैं।
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इसके अलावा भी परिचालकों ने आरएम पर आरोप लगाया था कि डब्ल्यूटी लगाकर परिचालकों को बैठा दिया जा रहा है और फिर बहाली के लिए आरएम उनसे धनउगाही करते हैं। परिचालकों ने आरएम पर अन्य कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी ने कहा कि परिचालकों की भर्ती निजी फर्म करती है। इससे हम लोगों का कोई वास्ता नहीं है। परिचालकों के आरोप बेबुनियाद हैं। जब वे गलत करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
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इसके अलावा भी परिचालकों ने आरएम पर आरोप लगाया था कि डब्ल्यूटी लगाकर परिचालकों को बैठा दिया जा रहा है और फिर बहाली के लिए आरएम उनसे धनउगाही करते हैं। परिचालकों ने आरएम पर अन्य कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी ने कहा कि परिचालकों की भर्ती निजी फर्म करती है। इससे हम लोगों का कोई वास्ता नहीं है। परिचालकों के आरोप बेबुनियाद हैं। जब वे गलत करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है।