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संपत्ति कर में गड़बड़झाला: गोरखपुर नगर निगम में रसीद घोटाला...निरीक्षकों ने घर बैठे खुद काट दी 820 रसीदें
Sun, 16 Nov 2025 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 16 Nov 2025 12:57 AM IST
सार
बैठक में जियाउल इस्लाम ने नामांतरण प्रक्रिया में देरी का मुद्दा भी उठाया, जहां 45 दिनों में पूरा होने वाली फाइलें आठ महीने तक लंबित पड़ी हैं। राप्तीनगर की पार्षद पूनम सिंह ने मिलेनियम सिटी में निगम की 1.30 एकड़ जमीन के कथित गोलमाल का मामला उठाया।
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कार्यकारिणी की बैठक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
नगर निगम के संपत्ति कर की वसूली प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि वसूली बढ़ाने के दबाव में कर निरीक्षकों ने घर बैठे पांच से 100 रुपये तक की कुल 820 रसीदें अपनी जेब से काट दीं। शनिवार को कार्यकारिणी समिति की बैठक में पूर्व उपसभापति पार्षद जियाउल इस्लाम ने यह मुद्दा उठाया तो निगम प्रशासन की पोल खुल गई।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित कर निरीक्षकों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निगम को गुमराह करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित कर निरीक्षकों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निगम को गुमराह करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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बैठक में जियाउल इस्लाम ने नामांतरण प्रक्रिया में देरी का मुद्दा भी उठाया, जहां 45 दिनों में पूरा होने वाली फाइलें आठ महीने तक लंबित पड़ी हैं। राप्तीनगर की पार्षद पूनम सिंह ने मिलेनियम सिटी में निगम की 1.30 एकड़ जमीन के कथित गोलमाल का मामला उठाया।
उनका आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से डेवलपर से बदले में मिली जमीन विवादित निकली जिसे काश्तकारों ने कब्जा कर बेच भी दिया। नगर आयुक्त ने जांच का आश्वासन दिया। सफाई कर्मियों को उपकरण उपलब्ध कराने, कचरा निस्तारण में गड़बड़ी और सड़क निर्माण में हस्तक्षेप को लेकर भी पार्षदों ने कड़ा रुख अपनाया। प्रशासन ने सभी मुद्दों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
उनका आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से डेवलपर से बदले में मिली जमीन विवादित निकली जिसे काश्तकारों ने कब्जा कर बेच भी दिया। नगर आयुक्त ने जांच का आश्वासन दिया। सफाई कर्मियों को उपकरण उपलब्ध कराने, कचरा निस्तारण में गड़बड़ी और सड़क निर्माण में हस्तक्षेप को लेकर भी पार्षदों ने कड़ा रुख अपनाया। प्रशासन ने सभी मुद्दों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।