यूपी के इस जिले में मुफ्त प्लॉट पाने के लिए टूट पड़े हैं हजारों लोग, धड़ल्ले से हो रहा रजिस्ट्रेशन
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इन दिनों शहर के कुछ एफ एम रेडियो पर मुफ्त जमीन बांटने की इस योजना के विज्ञापन धड़ल्ले से चल रहे हैं। योजना संचालकों के दावे के मुताबिक 1500 रुपये जमा करके प्लाट के लिए पंजीकरण करवाना है। तीन अलग-अलग चरणों में 303 प्लाट निकाले जाएंगे। इसमें से 101 लोगों को मुफ्त, 101 को आधे दामों और 101 को 75 प्रतिशत मूल्य पर प्लाट दिए जाएंगे। अमर उजाला ने इन ऑफर की हकीकत की पड़ताल की। जो तथ्य सामने आए पाठकों के सामने रखे जा रहे हैं, वे खुद तय करें कि क्या चल रहा है...
दावा- 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराई, सात करोड़ की जमीन निशुल्क देंगे
अमर उजाला की टीम मंगलवार को भूमि शक्ति ग्रुप के इंजीनियरिंग कॉलेज स्थित कार्यालय गई। दफ्तर में खुद को निदेशक बताने वाले शांतनु शाही मिले। शांतनु ने ठसक से कहा कि कंपनी का प्रचार हो, इसलिए सात करोड़ रुपये की जमीन मुफ्त देने की योजना है। गोरखपुर-वाराणसी रोड पर कालाबाग इलाके के आसपास 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराई गई है। कुछ जमीन दूसरे साइट पर भी दी जाएगी।
हकीकत- भूमि शक्ति के नाम से जमीन की रजिस्ट्री ही नहीं
51 हजार रुपये का कूपन
पंजीकरण कराने वाले हर व्यक्ति को फर्म की तरफ से 51 हजार रुपये का कूपन दिया जा रहा है। इसमें भी शर्त है। फर्म की तरफ से कहा जा रहा है कि लॉटरी के दौरान अगर दूसरे या तीसरे वर्ग में पंजीकृत व्यक्ति का नाम आया तो इस कूपन के माध्यम से 51 हजार रुपये की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। योजना में पंजीकरण करवाने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2021 है। मई 2021 में रेलवे ग्राउंड में लॉटरी निकालने का दावा किया है।
कानूनन लॉटरी गलत
रियल इस्टेट कंपनी इसे लॉटरी के तौर पर लोगों से खिला रही है, लेकिन भारत में लॉटरी खेलना और खिलाना भी कानूनन अपराध है। यहां लॉटरी रेग्युलेशन एक्ट 1998 लागू है। इसके तहत लॉटरी खेलने और खिलाने पर प्रतिबंध है। सिर्फ राज्य सरकारें अपनी लॉटरी चला सकतीं हैं, लेकिन वह भी विभिन्न शर्तों के पालन करने के साथ।
अभी छानबीन नहीं, धोखाधड़ी हुई तो पुलिस-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराएंगे
ग्रुप के दूसरे निदेशक रोहित गुप्ता से बातचीत
रिपोर्टर- आपकी आवासीय योजना में पंजीकरण करवाया है। जमीन कहां देंगे आप?
रोहित- गोरखपुर-वाराणसी मार्ग पर दे रहे हैं। ये लीजिए हरेंद्र सिंह आपको लोकेशन बता देंगे।
(हरेंद्र सिंह ने फोन पकड़ा। हरेंद्र ने कहा वाराणसी रोड पर जमीन है। लोकेशन भी बता दिया।)
रिपोर्टर- हरेंद्र से -रोहित गुप्ता के नाम से दो एकड़ जमीन की रजिस्ट्री ही है, जबकि आवासीय योजना भारी भरकम है। शांतनु ने फर्म के नाम 40 एकड़ भूमि बताई है।
हरेंद्र- फोन रोहित गुप्ता जी को दे रहे हैं।
रोहित - हां बताइए।
रिपोर्टर- वहां तो आपके नाम से केवल 2 एकड़ जमीन है।
रोहित- भूमि शक्ति योजना में आवास दिया जा रहा है। पहले चरण में वाराणसी रोड पर मानस सिटी में जमीन दी जाएगी। इसके बाद अगले चार-पांच महीने में कुछ और जमीन की रजिस्ट्री कराई जाएगी।
39 से 49 लाख रुपये की जमीन निशुल्क देने का वादा, कैसे?
मुफ्त प्लाट के लिए 101000 स्क्वायर फीट जमीन की जरूरत
भूमि शक्ति समूह 101 उपभोक्ताओं को एक-एक हजार स्क्वायर फीट जमीन निशुल्क देने का दावा कर रही है। इस हिसाब से 101000 स्क्वायर फीट जमीन की जरूरत होगी। इसकी कीमत चार-पांच करोड़ से ज्यादा रहेगी। एक एकड़ में 43 हजार 600 स्क्वायर फीट जमीन होती है। इस हिसाब से निशुल्क प्लाटिंग के लिए ही दो एकड़ से ज्यादा जमीन चाहिए होगी।
पहली बार सुना है भूमि शक्ति समूह का नाम
सब रजिस्ट्रार( निबंधक) सदर प्रथम योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि भूमि शक्ति समूह के नाम से ताल नदोर या कालाबाग में 40 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई है। गोरखपुर में तैनात हुए काफी समय हो गया, लेकिन इस फर्म के नाम से जिले के दूसरे हिस्से में भी रजिस्ट्री कराने की जानकारी नहीं है। इस फर्म का नाम पहली बार सुनने में आया है।
कार्रवाई की जा सकती है
उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) से सेवानिवृत्त डीजी व सदस्य भानु प्रताप सिंह ने बताया कि जिस तरह से जमीन बेचने की बात कही जा रही है, रेरा अधिनियम की धारा-3 के तहत ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी, फिर पुलिस प्रशासन व जीडीए को कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुज सिंह ने बताया कि ऐसी योजना शुरू करने से पहले रेरा में पंजीकरण जरूरी है। मामले की छानबीन कराई जाएगी। जो भी गलत पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महंगाई के इस दौर में निशुल्क प्लाट देने का दावा कोई कैसे कर सकता है? पंजीकरण कराने वालों को छानबीन करनी चाहिए। जमीन खतौनी, नक्शा आदि देखना चाहिए।