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काम की बात: लोन ले रहे हैं तो एक ही बैंक में रखना होगा चालू खाता, यहां पढ़ें पूरी जानकारी
Sat, 07 Aug 2021 01:04 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 07 Aug 2021 01:04 PM IST
सार
आरबीआई गाइडलाइंस का नहीं किया पालन तो अक्तूबर के बाद खाते हो जाएंगे बंद
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
अगर आप लोन ले रहे हैं तो अब सिर्फ एक ही बैंक में चालू खाता रख सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के अनुसार इस नियम का पालन नहीं करने पर अक्तूबर के बाद ऐसे खाते बंद कर दिए जाएंगे। आरबीआई ने बैंकों के लिए करंट अकाउंट यानी चालू खातों के नए नियमों को लागू करने की समय सीमा बढ़ाकर 31 अक्तूबर कर दी है।
आरबीआई के सर्कुलर में कहा गया है कि चालू खाते के लिए नए नियमों का उद्देश्य कर्जदारों के बीच लोन अनुशासन लागू करने के साथ बैंकों को बेहतर निगरानी की सुविधा देना है। पिछले साल अगस्त में आरबीआई ने करंट बैंक अकाउंट्स खोलने के लिए नए नियम बनाए थे। इसमें कहा गया था कि लोन लेने वाले का केवल उसी बैंक में चालू खाता हो सकता है जिसमें उसकी कुल उधारी का कम से कम 10 फीसदी हिस्सा हो। इसके बाद बैंकों ने कस्टमर्स को ईमेल भेजकर उनके करंट अकाउंट्स बंद करने या फ्रीज करने की जानकारी दी।
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि नया नियम के जरिए कैश फ्लो पर नजर रखना और फंड्स की हेराफेरी पर लगाम कसना है। आरबीआई ने पाया है कि मौजूदा गाइडलाइंस और जुर्माने के प्रावधानों के बावजूद लोन लेने वाले कई बैंकों में चालू खाते खुलवाकर फंड्स की हेराफेरी कर रहे थे। नए नियम का मकसद तो साफ है लेकिन कस्टमर्स को काफी असुविधा हुई है। सभी बैंकों को बात की जाए तो यह चालू खातों की संख्या लाखों में हो सकती है जो एक चुनौतीपूर्ण काम है।
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आरबीआई के सर्कुलर में कहा गया है कि चालू खाते के लिए नए नियमों का उद्देश्य कर्जदारों के बीच लोन अनुशासन लागू करने के साथ बैंकों को बेहतर निगरानी की सुविधा देना है। पिछले साल अगस्त में आरबीआई ने करंट बैंक अकाउंट्स खोलने के लिए नए नियम बनाए थे। इसमें कहा गया था कि लोन लेने वाले का केवल उसी बैंक में चालू खाता हो सकता है जिसमें उसकी कुल उधारी का कम से कम 10 फीसदी हिस्सा हो। इसके बाद बैंकों ने कस्टमर्स को ईमेल भेजकर उनके करंट अकाउंट्स बंद करने या फ्रीज करने की जानकारी दी।
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ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि नया नियम के जरिए कैश फ्लो पर नजर रखना और फंड्स की हेराफेरी पर लगाम कसना है। आरबीआई ने पाया है कि मौजूदा गाइडलाइंस और जुर्माने के प्रावधानों के बावजूद लोन लेने वाले कई बैंकों में चालू खाते खुलवाकर फंड्स की हेराफेरी कर रहे थे। नए नियम का मकसद तो साफ है लेकिन कस्टमर्स को काफी असुविधा हुई है। सभी बैंकों को बात की जाए तो यह चालू खातों की संख्या लाखों में हो सकती है जो एक चुनौतीपूर्ण काम है।
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