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कच्ची शराब: चौपाल में एडीजी ने समझाया... नहीं माने तो पुलिस ने तीन को उठाया
Wed, 27 Sep 2023 10:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 27 Sep 2023 10:48 AM IST
सार
गांववालों का कहना है कि मूसाबार गांव से करमैनी चौकी की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है। कॉलेज के प्रबंधक खुद कई बार पुलिस चौकी को कच्ची शराब बनने और इससे होने वाली परेशानियों की जानकारी दे चुके हैं। लेकिन पुलिस इस पर ध्यान नहीं देती है। इसी वजह से ही एक छात्रा ने सीधे एडीजी से इसकी शिकायत की।
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कैंपियरगंज में कच्ची शराब के साथ पकड़े गए आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
कच्ची शराब के धंधे की वजह से कैंपियरगंज इलाके के मूसाबार गांव का माहौल बिगड़ने की एक छात्रा की शिकायत पर तीन दिन पहले एडीजी अखिल कुमार ने चौपाल लगाई। लोगों ने शिकायत की कि नशे में शराबी महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं। एडीजी ने धंधेबाजों को समझाया। चेतावनी दी कि सुधर जाएं नहीं तो पुलिस कार्रवाई करेगी।
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एडीजी के जाने के तीन दिन बाद ही फिर से गांव में कच्ची शराब के धंधेबाज सक्रिय हो गए। पुलिस ने मंगलवार को तीन आरोपियों को कच्ची शराब बनाते हुए पकड़ा। भट्ठियां तोड़ीं और लहन नष्ट कराने के साथ ही कच्ची शराब बरामद की। आरोपियों पर केस दर्ज कर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
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पकड़े गए आरोपियों की पहचान मूसाबार गांव निवासी रामभजन निषाद, त्रिपुरारी निषाद और राधे निषाद के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, गांव में इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा ने एडीजी को कच्ची शराब के धंधे की वजह से होने वाली दिक्कतों के बारे में जानकारी दी थी। उसने बताया कि राह चलना मुश्किल हो जाता है, शराबी आती-जातीं महिलाओं और छात्राओं पर फब्तियां कसते हैं।
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इसके बाद एडीजी ने गांव में चौपाल लगाई थी। उन्होंने कच्ची शराब के धंधेबाजों से बातचीत कर उन्हें चेताया कि वह इस गलत काम को छोड़ दें और खुद की जिंदगी को भी बेहतर करें, लेकिन उनके समझाने का कुछ खास असर नहीं हुआ। फिर पुलिस को मुखबिर के जरिये कच्ची शराब बनने की सूचना मिली और पुलिस ने मौके से 40 लीटर शराब, 800 ग्राम यूरिया व शराब बनाने में इस्तेमाल दो पतीले व एक पाइप बरामद किया।
एडीजी गए तो जागी पुलिस, नहीं तो कार्रवाई से तौबा
गांववालों का कहना है कि मूसाबार गांव से करमैनी चौकी की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है। कॉलेज के प्रबंधक खुद कई बार पुलिस चौकी को कच्ची शराब बनने और इससे होने वाली परेशानियों की जानकारी दे चुके हैं। लेकिन पुलिस इस पर ध्यान नहीं देती है। इसी वजह से ही एक छात्रा ने सीधे एडीजी से इसकी शिकायत की और फिर गांव में चौपाल भी लगी और अब कार्रवाई शुरू की गई है। गांववालों की मानें तो बिना पुलिस चौकी के संरक्षण से यह संभव नहीं है।