{"_id":"5eeb370a6cc7791d50269b60","slug":"rats-and-cockroaches-killing-due-to-hunger-in-lockdown-at-gorakhpur-railway-station","type":"story","status":"publish","title_hn":"चूहे और कॉकरोच मारने के लिए रेलवे ने दी है सात लाख की सुपारी, बिना रुपये खर्च किए ऐसे हो रहा काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चूहे और कॉकरोच मारने के लिए रेलवे ने दी है सात लाख की सुपारी, बिना रुपये खर्च किए ऐसे हो रहा काम
Thu, 18 Jun 2020 03:13 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 18 Jun 2020 03:13 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे प्रशासन ने कॉकरोच और चूहों को मारने के लिए करीब सात लाख की सुपारी दी है। यह काम एक प्राइवेट फर्म को मिला है, जिसके कर्मचारी पेस्टिसाइड से इन्हें मारते हैं। लेकिन यह सुनकर आश्चर्य होगा कि लॉकडाउन में चूहे अपने आप ही कम हो गए हैं। ट्रेनें चली नहीं तो पटरियों पर उन्हें खाने के लिए कुछ मिला नहीं। ऐसे में उन्होंने भूख से ही दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
जंक्शन पर पेस्ट कंट्रोल का काम देखने वाले कांट्रेक्टर आरपी मिश्रा ने बताया कि लॉकडाउन के समय से काम ठप था। चूंकि सबकुछ बंद था इसलिए चूहे भी गायब हो गए। कई तो मर गए तो कुछ यहां से चले गए। अब दोबारा से ट्रेनें चलाई जा रही हैं तो हम लोगों ने काम शुरू कर दिया है। लेकिन अभी चूहे काफी कम दिख रहे हैं।
विज्ञापन
स्टेशन पर चूहों के आंतक का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके खात्मे के लिए हर महीने 55 हजार रुपये खर्च किया जाता है। इसमें दवाइयां, मैन पॉवर और चूहों के बिल को बंद करने का काम होता है। लेकिन दो महीने तक दवा डालकर चूहों को मारने का काम ठप था बावजूद चूहे नहीं दिखे।
विज्ञापन
स्टेशन पर चूहों का सर्वाधिक आतंक पार्सल और अमानती सामान घर में है। यहां रखे जा रहे सामानों को चूहे अक्सर कुतर देते हैं। हालांकि इस समय स्थिति सामान्य है।