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Gorakhpur News: दिल्ली से रामसरन इलाज कराकर पहुंचे घर, कहा-पहले की तरह दिख रहा
Tue, 17 Feb 2026 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 17 Feb 2026 02:28 AM IST
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- सिकरीगंज में आंख के ऑपरेशन के बाद संक्रमण का मामला
- संक्रमण के कारण अब तक नौ मरीजों की निकालनी पड़ीं हैं आंखें
कुईं बाजार/उरुवा। न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल, जद्दूपट्टी सिकरीगंज में एक फरवरी को 30 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद फैले संक्रमण के कारण अब तक नौ मरीजों की आंखें डॉक्टरों को निकालनी पड़ी हैं। उरुवा क्षेत्र के पारस बुजुर्ग निवासी रामसरन एम्स, दिल्ली में अपनी आंख का उपचार कराकर सोमवार को घर लौट आए। उन्होंने कहा कि अब उन्हें पहले जैसे ही दिखने लगा है।
रामसरन के पोते आदित्य ने बताया कि छह फरवरी को उन्हें एम्स, दिल्ली में भर्ती कराया गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने आंख की सर्जरी की। अब उनकी स्थिति ठीक है और पहले की तरह दिखाई दे रहा है। डॉक्टरों ने 19 फरवरी को फॉलोअप के लिए बुलाया है।
मामले में अब तक आठ मरीजों की आंखों की रोशनी जा चुकी है। बारीगांव की देवराजी देवी, इन्नाडीह के अर्जुन सिंह, रहदौली की शंकरावती, उसरी खास के जयराम, बनकटा के दीनानाथ, बारीपुर के रामदरश, भरसी के रणजीत और सहजनवां क्षेत्र के रामपुर गरथौली लरबरी की मीरा देवी सहित अन्य मरीजों की आंखों में संक्रमण फैलने के कारण एम्स, दिल्ली के डॉक्टरों ने एक-एक आंख निकाल दी है। मामले में 17 से अधिक मरीज संक्रमण के शिकार हुए थे, जिनका दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर में इलाज चल रहा है।
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यह है मामला
न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल, जद्दूपट्टी सिकरीगंज में एक फरवरी को आयुष्मान योजना के तहत 30 मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। अगले ही दिन मरीजों की आंखों में सूजन, दर्द, मवाद और उल्टी की शिकायत शुरू हो गई। मरीजों ने अस्पताल से संपर्क किया लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें गोरखपुर रेफर कर दिया गया। वहां के डॉक्टरों ने मरीजों की स्थिति देख, उन्हें वापस भेज दिया। इसके बाद मरीज लखनऊ, दिल्ली और वाराणसी में इलाज कराने लगे।
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- संक्रमण के कारण अब तक नौ मरीजों की निकालनी पड़ीं हैं आंखें
कुईं बाजार/उरुवा। न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल, जद्दूपट्टी सिकरीगंज में एक फरवरी को 30 मरीजों के मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद फैले संक्रमण के कारण अब तक नौ मरीजों की आंखें डॉक्टरों को निकालनी पड़ी हैं। उरुवा क्षेत्र के पारस बुजुर्ग निवासी रामसरन एम्स, दिल्ली में अपनी आंख का उपचार कराकर सोमवार को घर लौट आए। उन्होंने कहा कि अब उन्हें पहले जैसे ही दिखने लगा है।
रामसरन के पोते आदित्य ने बताया कि छह फरवरी को उन्हें एम्स, दिल्ली में भर्ती कराया गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने आंख की सर्जरी की। अब उनकी स्थिति ठीक है और पहले की तरह दिखाई दे रहा है। डॉक्टरों ने 19 फरवरी को फॉलोअप के लिए बुलाया है।
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मामले में अब तक आठ मरीजों की आंखों की रोशनी जा चुकी है। बारीगांव की देवराजी देवी, इन्नाडीह के अर्जुन सिंह, रहदौली की शंकरावती, उसरी खास के जयराम, बनकटा के दीनानाथ, बारीपुर के रामदरश, भरसी के रणजीत और सहजनवां क्षेत्र के रामपुर गरथौली लरबरी की मीरा देवी सहित अन्य मरीजों की आंखों में संक्रमण फैलने के कारण एम्स, दिल्ली के डॉक्टरों ने एक-एक आंख निकाल दी है। मामले में 17 से अधिक मरीज संक्रमण के शिकार हुए थे, जिनका दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर में इलाज चल रहा है।
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यह है मामला
न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल, जद्दूपट्टी सिकरीगंज में एक फरवरी को आयुष्मान योजना के तहत 30 मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। अगले ही दिन मरीजों की आंखों में सूजन, दर्द, मवाद और उल्टी की शिकायत शुरू हो गई। मरीजों ने अस्पताल से संपर्क किया लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें गोरखपुर रेफर कर दिया गया। वहां के डॉक्टरों ने मरीजों की स्थिति देख, उन्हें वापस भेज दिया। इसके बाद मरीज लखनऊ, दिल्ली और वाराणसी में इलाज कराने लगे।