गोरखपुर: रामगढ़ताल वेट लैंड को लेकर खत्म होगी रार, जल्द जारी होगा नोटिफिकेशन
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रामगढ़ताल के आसपास बसने वालों के लिए अच्छी खबर है। वन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में रामगढ़ताल के ज्यादातर हिस्सों में 50 मीटर तक ही वेट लैंड का दायरा तय किया है। वन विभाग की तरफ से नोटिफिकेशन के लिए तैयार रिपोर्ट शासन में विधि विभाग को भेज दी गई है।
वहां से मंजूरी मिलते ही जिले में नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। फिर आपत्ति के लिए 14 दिन दिए जाएंगे। तय अवधि के बाद आपत्तियों का निस्तारण कर शासन स्तर से फाइनल नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा, जिसके साथ ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि ताल की सीमा के कितने दायरे में निर्माण संबंधी प्रतिबंध रहेगा और कहां छूट मिलेगी।
फिलहाल वन विभाग की तरफ से नोटिफिकेशन के लिए तैयार रिपोर्ट में रामगढ़ताल के ज्यादातर हिस्सों में 50 मीटर तक ही वेट लैंड का दायरा तय किया गया है। कुछ ही ऐसी जगहें हैं जहां 100 और 120 मीटर तक वेट लैंड रखने का प्रस्ताव तैयान किया गया है।
वह भी वहां जहां किसी भी तरह का कोई निर्माण नहीं है और जगह पूरी तरह खाली है। वेट लैंड का नोटिफिकेशन होने के साथ ही ताल के 500 मीटर दायरे में हुए निर्माण पर से भी खतरा टल जाने की उम्मीद है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से गठित हाईपावर कमेटी ने रामगढ़ताल के 500 मीटर दायरे को वेट लैंड बताते हुए निर्माण को ध्वस्त करने की सिफारिश की है।
वहीं जीडीए का कहना है कि 50 मीटर तक ही निर्माण पर प्रतिबंध है क्योंकी वहीं तक वेटलैंड का दायरा है। फिलहाल एनजीटी में मामला लंबित है। ट्रिब्यूनल शुरू होने पर फैसला आने की उम्मीद है। 16 अप्रैल को ही इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि तय थी, मगर लॉकडाउन की वजह से टल गई।
जीडीए भी वन विभाग की तरफ से रामगढ़ताल के वेट लैंड एरिया के नोटिफिकेशन का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। जैसे ही नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा उसे ग्राउंड बनाते हुए प्राधिकरण अपना पक्ष रखेगा। दरअसल 500 मीटर के दायरे में जीडीए की कालोनियों व निजी निर्माणों को मिलाकर करीब 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े भवन आ रहे हैं।
जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने कहा कि रामगढ़ताल वेटलैंड को लेकर जल्द ही नोटिफिकेशन जारी हो जाने की उम्मीद है। नोटिफिकेशन के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि कितने दायरे में निर्माण प्रतिबंधित रहेगा। इसे एनजीटी में भी दाखिल किया जाएगा जिससे काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
वहीं, डीएफओ अविनाश ने बताया कि करीब 1800 एकड़ में फैले रामगढ़ताल के वेटलैंड को लेकर नोटिफिकेशन की तैयारी तकरीबन पूरी हो चुकी है। रिपोर्ट, विधि विभाग को भेज दी गई है। वहां से स्वीकृति मिलते ही वेटलैंड का नोटिफिकेशन प्रकाशित कर दिया जाएगा।
इसके बाद आपत्ति दर्ज कराने के लिए 14 दिन का मौका दिया जाएगा। अगर कोई आपत्ति आती है तो उसका निस्तारण करा शासन स्तर से नोटिफिकेशन हो जाएगा। विभाग ने ताल के आस-पास ज्यादातर हिस्सों में 50 मीटर तक ही वेटलैंड की संस्तुति की है। कुछ ही जगहों पर 100 और 120 मीटर तक के एरिया को वेटलैंड पाया गया है वहां भी जमीन खाली है और कोई निर्माण नहीं हुआ है।
जीडीए के लेक व्यू अपार्टमेंट को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली मंजूरी
तारामंडल स्थित गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के लेक व्यू अपार्टमेंट में फ्लैट लेने वाले 150 से अधिक आवंटियों के लिए राहत भरी सूचना है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्राधिकरण की इस परियोजना को अपनी मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही अब प्राधिकरण कभी भी आवंटियों को फ्लैट का कब्जा दे सकता है। परियोजना का निर्माण भी आखिरी चरण में है। दो से तीन महीने में आवंटियों को कब्जा भी मिल जाने की उम्मीद है।
रामगढ़ताल वेटलैंड को लेकर एनजीटी के हस्तक्षेप के बाद जीडीए ने 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली अपनी परियोजनाओं के लिए एन्वायरमेंटल क्लीयरेंस (ईसी) और उससे कम की परियोजनाओं के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी के लिए आवेदन किया था।
प्राधिकरण के सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि शनिवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रामगढ़ताल परियोजना क्षेत्र में में बन रहे लेक व्यू अपार्टमेंट को मंजूरी दे दी है। अब आवंटियों को कब्जा देने में कोई दिक्कत नहीं है। अन्य कॉलोनियों को भी जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। बता दें कि यह निर्माण भी रामगढ़ ताल के 500 मीटर दायरे में है।