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Gorakhpur News: राजघाट पर नाक बंद कर श्रद्धालुओं ने की पूजा, लगाई आस्था की डुबकी

Tue, 28 Nov 2023 12:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 28 Nov 2023 12:27 PM IST
सार

दशहरा, दिवाली और छठ में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए राप्ती नदी के तट पर एकला बंधे से सटे तीन कृत्रिम पोखरा बनाया गया था। इसी पोखरे में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। कृत्रिम पोखरे में प्रतिमाओं के साथ साज-सज्जा के सामान समेत अन्य सामग्री भी डाल दी गई।

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Rajghat Devotees took a dip in Rapti by covering their noses.
कृत्रिम तालाब में स्नान करते लोग। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राजघाट पुल किनारे एकला बंधे पर कूड़े के अंबार और राप्ती नदी के तट पर कृत्रिम तालाब से उठ रही दुर्गंध के बीच सोमवार को श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था की डुबकी नाक बंद करके लगाने को मजबूर दिखे। दुर्गंध इतनी ज्यादा थी कि श्रद्धालु पूजा अर्चना के दौरान भी नाक से कपड़ा नहीं हटा पा रहे थे। कृत्रिम तालाब से प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान मलबे और सड़ रहे पानी को नहीं हटाने पर लोगों में आक्रोश दिखा। साथ ही नगर निगम की अव्यवस्था को कोसते नजर आए।

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दशहरा, दिवाली और छठ में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए राप्ती नदी के तट पर एकला बंधे से सटे तीन कृत्रिम पोखरा बनाया गया था। इसी पोखरे में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। कृत्रिम पोखरे में प्रतिमाओं के साथ साज-सज्जा के सामान समेत अन्य सामग्री भी डाल दी गई। बाद में पोखरे की सफाई नहीं की गई। अब पानी सड़ने लगा है और दुर्गंध उठने लगी है। इसके चलते राजघाट पुल से गुजरने वाले राहगीर परेशान हैं।
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सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कृत्रिम तालाब के पास घाट पर राप्ती नदी में स्नान करने पहुंचे। एकला बंधे पर कूड़े के ढेर से उठ हो रही बदबू से परेशान दिखे। देवरिया जिले के सोमधाम से जगलाल अपनी मां फुलवारी के साथ घाट पर दुकान लगाने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वह रविवार की दोपहर में ही घाट पर पहुंच गए। उनका कहना था कि कूड़े से अधिक तालाब से उठ रही दुर्गंध परेशान करती रही। रात में तालाब के दुर्गंध से यहां रहना दूभर हो गया था।

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बोले श्रद्धालु
कार्तिक पूर्णिमा पर राप्ती नदी पर पिछले कई वर्षों से स्नान करने आता हूं। इस बार एकला बंधे से नीचे राप्ती नदी तट पर स्नान करने पहुंचा तो दुर्गंध से परेशान होना पड़ा। किसी प्रकार नाक पर रुमाल रखकर घाट तक पहुंचा। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए था।-मूलधारी, जीतपुर

राप्ती नदी के रामघाट पर भीड़ होने के चलते एकला बंधे से नीचे बने घाट पर आ गया। यहां दुर्गंध के चलते घाट तक पहुंचना काफी मुश्किल हो रहा है। किसी प्रकार घाट तक पहुंच कर स्नान किया।-खुशबू, नौसड़।

पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर राप्ती नदी के तट पर दुकान लगाने पहुंचा था। इस बार कृत्रिम तालाब का पानी सड़ने से उससे उठ रही दुर्गंध से श्रद्धालुओं के साथ दुकानदार तक परेशान रहे।-कन्हैया, मिर्जापुर।

कूड़े के ढेर से पहले से ही आसपास रहने वाले लोग परेशान थे लेकिन अब कुछ दिनों से कृत्रिम तालाब के पानी सड़ने से उठ रही दुर्गंध ने जीना दूभर कर दिया है। इसका दुर्गंध दूर तक जा रहा है लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है।-निशा, माली ढाबा, नौसड़

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने कहा कि छठ पर्व पर शहर में घाटों की साफ-सफाई कराई गई थी। कृत्रिम तालाबों में अवशेषों पर मैलिथियान और ब्लीचिंग पाउडर डलवाया जाता था। कूड़े जल्द वहां से हटाया जाएगा।बाकी मलबा मिट्टी का ही हिस्सा बन जाएगा। इसीलिए वहां ये पाउडर भी छिड़का जाता है ताकि इससे किसी तरह की परेशानी न हो।



 
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