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रेलवे अफसर घूस कांड: विजिलेंस की टीम ने फिर की अभिलेखों की पड़ताल, घूस लेते हुई थी गिरफ्तारी
Wed, 27 Sep 2023 02:13 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 27 Sep 2023 02:13 PM IST
सार
रेलवे कर्मचारियों में हो रही चर्चा के अनुसार, सोमवार को अचानक दिल्ली से विजिलेंस टीम गोरखपुर पहुंची। टीम ने सबसे पहले स्टोर डिपो पहुंचकर दस्तावेजों को खंगाला। यहां से कुछ दस्तावेजों को अपने साथ लेकर टीम प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक (पीसीएमएम) कार्यालय आई और यहां भी दस्तावेजों को देखा।
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पूर्वात्तर रेलवे का मुख्य सामग्री प्रबंधन कार्यालय।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक की गिरफ्तारी मामले में साक्ष्य जुटाने आई विजिलेंस टीम मंगलवार को जरूरी अभिलेखों की पड़ताल कर दोपहर बाद लौट गई। टीम ने सामग्री आपूर्ति करने वाली सभी फर्मों का विवरण लिया। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों से भी खरीद व आपूर्ति से संबंधित जानकारी ली। टीम जल्दी ही फिर लौटेगी।
रेलवे को किराये पर चार पहिया वाहन उपलब्ध कराने वाली फर्म सुक्ति इंटरप्राइजेज ने नौ सितंबर को सीबीआई के लखनऊ एसपी को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि कार्य के बदले भुगतान से पहले रुपयों की डिमांड की जा रही है। सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने इस मामले में 12 सितंबर को प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक केसी जोशी को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
रेलवे कर्मचारियों में हो रही चर्चा के अनुसार सोमवार को अचानक दिल्ली से विजिलेंस टीम गोरखपुर पहुंची। टीम ने सबसे पहले स्टोर डिपो पहुंचकर दस्तावेजों को खंगाला। यहां से कुछ दस्तावेजों को अपने साथ लेकर टीम प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक (पीसीएमएम) कार्यालय आई और यहां भी दस्तावेजों को देखा।
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इसके अलावा कोविड के समय स्टोर डिपो को आपूर्ति की गई वस्तुओं की जानकारी ली और उससे संबंधित पेपर भी देखे। सोमवार सुबह टीम ने डिपो व प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक कार्यालय पहुंचकर सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्मों का डिटेल लिया। कुछ अन्य साक्ष्य जुटाने के बाद टीम दोपहर 12 बजे से पहले ही लौट गई।
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रेलवे को किराये पर चार पहिया वाहन उपलब्ध कराने वाली फर्म सुक्ति इंटरप्राइजेज ने नौ सितंबर को सीबीआई के लखनऊ एसपी को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि कार्य के बदले भुगतान से पहले रुपयों की डिमांड की जा रही है। सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने इस मामले में 12 सितंबर को प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक केसी जोशी को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
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रेलवे कर्मचारियों में हो रही चर्चा के अनुसार सोमवार को अचानक दिल्ली से विजिलेंस टीम गोरखपुर पहुंची। टीम ने सबसे पहले स्टोर डिपो पहुंचकर दस्तावेजों को खंगाला। यहां से कुछ दस्तावेजों को अपने साथ लेकर टीम प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक (पीसीएमएम) कार्यालय आई और यहां भी दस्तावेजों को देखा।
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इसके अलावा कोविड के समय स्टोर डिपो को आपूर्ति की गई वस्तुओं की जानकारी ली और उससे संबंधित पेपर भी देखे। सोमवार सुबह टीम ने डिपो व प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक कार्यालय पहुंचकर सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्मों का डिटेल लिया। कुछ अन्य साक्ष्य जुटाने के बाद टीम दोपहर 12 बजे से पहले ही लौट गई।