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Gorakhpur News: अब तिथि बीतने के बाद भी आउटवर्ड मेडिकल पास पर कर सकेंगे वापसी
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गोरखपुर। अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे रेलवे जोन स्थित अस्पतालों में जाने वाले रेलकर्मियों और उनके परिजनों को वापसी यात्रा के लिए मेडिकल पास के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। चिकित्सा पास जारी करते समय सक्षम अधिकारी इस बात का अनुमोदन भी करेंगे। वहीं, पास बनवाते समय दूसरे रेलवे जोन या मंडल कार्यालय में अस्पताल में इलाज की पर्ची और डिस्चार्ज स्लिप प्रस्तुत करनी होगी। इस सुविधा से पूर्वोत्तर रेलवे के करीब 54 हजार रेलकर्मियों को राहत मिलेगी।
रेलवे बोर्ड में उप निदेशक (स्थापना) रश्मि दहिया ने 20 मार्च 2026 को इस संबंध में सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार, चिकित्सा पास जारी करते समय सक्षम अधिकारी वापसी यात्रा के लिए अपना अनुमोदन देंगे। इसके आधार पर, जिस अस्पताल में इलाज चल रहा है, वहां के रेलवे अधिकार क्षेत्र में आने वाले अधिकारी चिकित्सा पास जारी करेंगे।
इस दौरान बीमार व्यक्ति को चिकित्सा पास की प्रतियां, उसके आधार पर जारी किए गए टिकट, उपचार करने वाले अस्पताल द्वारा जारी रसीदें, पर्चा और डिस्चार्ज स्लिप प्रस्तुत करनी होगी, ताकि यह साबित हो सके कि चिकित्सा पास की वैधता अवधि से आगे ठहरने की आवश्यकता इलाज के लिए ही पड़ी थी। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री एवं एनएफआईआर के सहायक महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि आउटवर्ड मेडिकल पास पर वापसी यात्रा के लिए आवश्यक आधिकारिक मुहर लगाकर अनुमोदन करने संबंधी नए नियम से रेलकर्मियों को अब भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। रेलकर्मी पास लेते समय मुहर की जांच अवश्य कर लें।
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रेलवे बोर्ड में उप निदेशक (स्थापना) रश्मि दहिया ने 20 मार्च 2026 को इस संबंध में सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार, चिकित्सा पास जारी करते समय सक्षम अधिकारी वापसी यात्रा के लिए अपना अनुमोदन देंगे। इसके आधार पर, जिस अस्पताल में इलाज चल रहा है, वहां के रेलवे अधिकार क्षेत्र में आने वाले अधिकारी चिकित्सा पास जारी करेंगे।
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इस दौरान बीमार व्यक्ति को चिकित्सा पास की प्रतियां, उसके आधार पर जारी किए गए टिकट, उपचार करने वाले अस्पताल द्वारा जारी रसीदें, पर्चा और डिस्चार्ज स्लिप प्रस्तुत करनी होगी, ताकि यह साबित हो सके कि चिकित्सा पास की वैधता अवधि से आगे ठहरने की आवश्यकता इलाज के लिए ही पड़ी थी। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री एवं एनएफआईआर के सहायक महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि आउटवर्ड मेडिकल पास पर वापसी यात्रा के लिए आवश्यक आधिकारिक मुहर लगाकर अनुमोदन करने संबंधी नए नियम से रेलकर्मियों को अब भाग-दौड़ नहीं करनी पड़ेगी। रेलकर्मी पास लेते समय मुहर की जांच अवश्य कर लें।
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