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बदल रहा है गोरखपुर: तीन साल में बन जाएगी खलीलाबाद-बांसी के बीच रेल लाइन, शुरू हुआ काम
Wed, 17 Jan 2024 02:46 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 17 Jan 2024 02:46 PM IST
सार
संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर जिले के करीब 100 किलोमीटर लंबे हिस्से को रेल पथ से जोड़ने के लिए मार्च 2019 में खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन के निर्माण की आधारशिला रखी गई थी। यह रेल लाइन गोरखपुर-बढ़नी रेल मार्ग से भी जुड़ेगी।
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रेल लाइन।
- फोटो : सोशल मीडिया।
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विस्तार
खलीलाबाद-बहराइच वाया श्रावस्ती रेल लाइन परियोजना के पहले चरण का काम शुरू हो चुका है। पहले चरण में खलीलाबाद से बांसी तक लाइन बिछनी है। इस चरण में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के साथ-साथ बांसी-खेसरहा रूट पर लगभग 10 किलोमीटर में मिट्टी भराई का कार्य चल रहा है। बाकी जमीन उपलब्ध होते ही काम शुरू हो जाएगा। प्रथम चरण का काम करीब तीन साल में पूरा होने की उम्मीद है।
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संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर जिले के करीब 100 किलोमीटर लंबे हिस्से को रेल पथ से जोड़ने के लिए मार्च 2019 में खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन के निर्माण की आधारशिला रखी गई थी। यह रेल लाइन गोरखपुर-बढ़नी रेल मार्ग से भी जुड़ेगी। पिछले साल रेल मंत्रालय ने इसे स्पेशल प्रोजेक्ट में शामिल किया था।
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इसके बाद तय किया गया कि जैसे-जैसे जमीन उपलब्ध होती जाएगी, निर्माण होता जाएगा। पहले चरण में खलीलाबाद से बांसी के बीच जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है। इस नए रेल रूट पर चार जंक्शन, 16 क्रासिंग स्टेशन और 12 हाॅल्ट बनाए जाएंगे।
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करीब पांच हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे
इस पूरी परियोजना की लंधाई 240 किलोमीटर है, जिस पर करीब 4940 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए अभी तक सिद्धार्थनगर जिले में 265 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। खलीलाबाद-बांसी के बीच 54 किलोमीटर लंबे रूट के लिए 163 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण चल रहा है।
पूरी रेल लाइन बिछाने के लिए 1174 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। इसमें श्रावस्ती व बहराइच में भी रेल लाइन बिछाने के लिए जरूरी भूमि शामिल है। खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग को वर्ष 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
इस पूरी परियोजना की लंधाई 240 किलोमीटर है, जिस पर करीब 4940 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए अभी तक सिद्धार्थनगर जिले में 265 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। खलीलाबाद-बांसी के बीच 54 किलोमीटर लंबे रूट के लिए 163 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण चल रहा है।
पूरी रेल लाइन बिछाने के लिए 1174 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। इसमें श्रावस्ती व बहराइच में भी रेल लाइन बिछाने के लिए जरूरी भूमि शामिल है। खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग को वर्ष 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।