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मनोकामनाओं को पूर्ण करता है राधाष्टमी व्रत

Sun, 23 Aug 2020 12:51 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2020 12:51 AM IST
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radhashtami gorakhpur
मनोकामनाओं को पूर्ण करता है राधाष्टमी व्रत
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गोरखपुर। राधा अष्टमी इस बार 26 अगस्त को मनाई जाएगी। ज्योतिषों के अनुसार इस दिन सौम्य नामक महा औदायिक योग बन रहा है जो श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं को पूर्ण करेगा। ऐसी मान्यता है कि कृष्ण प्रिया राधा रानी के प्राकट्य दिवस पर व्रत रखने से भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। आर्थिक विपन्नता दूर होती है। महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। नि:संतानों को संतान का लाभ मिलता है। घर में लक्ष्मी का निवास होता है।
व्रत और पूजा विधि : ज्योतिषाचार्य डॉ. जोखन पांडेय के अनुसार प्रात: काल स्नान कर सूर्य देवता को अर्घ्य प्रदान करें। गायत्री मंत्र का जप करें। एक मंडप का निर्माण करें। मंडप के मध्य कलश स्थापित करें, जो तांबे या मिट्टी का हो। वहां वस्त्र बिछाकर राधा जी की प्रतिमा को रखकर सविधि पूजन करें। राधा जी का जन्म मध्याह्न में हुआ था इसलिए इनकी पूजा दोपहर को अभिजित मुहूर्त में करें। दिन भर उपवास या फलाहार करें। राधा जी के मंत्र का जप करें। शाम के समय भोजन का विधान है। अगले दिन सुहागिनों को भोजन, वस्त्र, अन्नदान और सुहाग की वस्तुओं का दान करें। ब्राह्मणों को भी भोजन कराएं।
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गीता वाटिका में कल से शुरू हो जाएंगे कार्यक्रम
गीता वाटिका स्मारक समिति के सचिव उमेश सिंघानिया ने बताया कि 24 अगस्त सुबह छह से कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो जाएगा जो 28 अगस्त तक चलेगा। राधाष्टमी 26 को मनाई जाएगी। इस दिन प्रात: चार से 5.30 बजे तक शहनाई वादन, सुबह से सात बजे तक मंदिर प्रांगण से प्रभात फेरी, सुबह 7.30 से 8.30 बजे तक पावन कक्ष में पद-रत्नाकर पद गायन, सुबह नौ से 10:00 बजे तक नेह निकुंज में आरती एवं श्रीगिरिराज परिक्रमा, सुबह 10:30 बजे से मंदिर में मधुर नाम संकीर्तन, प्राकट्य की आरती, बधाई के पद आदि कार्यक्रम, मध्याह्न 11:58 बजे श्रीराधारानी का प्राकट्य, शाम 5.30 बजे से दीपोत्सव, 7.15 से 8.15 बजे तक टेप रिकार्डर द्वारा भाईजी की वाणी श्रवण, रात्रि 8.15 से नौ बजे तक नेह निकुंज व मंदिर में आरती, रात्रि 11 से सुबह 4.30 बजे तक रात्रि जागरण होगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की वर्तमान परिस्थितियों के कारण गीता वाटिका में किसी भी श्रद्धालु का प्रवेश वर्जित रहेगा। राधाष्टमी के कार्यक्रमों को भक्त घर बैठकर फेसबुक के माध्यम से लाइव देख सकेंगे।
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