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Gorakhpur News: पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों पर ठेकेदारों को परेशान करने का आरोप
Tue, 27 Aug 2024 01:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 27 Aug 2024 01:57 AM IST
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उत्तर प्रदेश ठेकेदार कल्याण समिति ने मुख्यमंत्री से समस्याओं के समाधान की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश ठेकेदार कल्याण समिति ने सीएम से अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की है। समिति का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी ठेकेदारों को परेशान कर रहे हैं।
समिति के प्रांतीय अध्यक्ष व जिला कार्यवाह अध्यक्ष शरद कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि नंबर के आधार पर कोई भी रॉयल्टी का सत्यापन कर ले रहा है और संबंधित व्यक्ति मूल रॉयल्टी प्रपत्र लेकर छह गुना दंड दे रहा है। पूर्व में राजकीय कार्यों के ठेकों में रॉयल्टी ठेकेदारों के देयक से कट जाते थे। नई व्यवस्था से राजकीय ठेकेदारों का शोषण किया जा रहा है। सीसीएल प्रणाली समाप्त कर कोषागार आधारित ऑनलाइन बजटीय प्रणाली लागू होने के चलते ठेकेदारों की जमानत राशि का भुगतान तीन वर्षों से नहीं हो पा रहा है। प्रांतीय अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इधर कुछ वर्षों से उच्च अधिकारियों द्वारा रोज नए नियम बनाकर ठेकेदारों का उत्पीड़न किया जा रहा है। कभी चरित्र प्रमाण पत्र तीन वर्ष के लिए जारी करने का शासनादेश होता है, तो कभी उसी को दो वर्ष कर दिया जाता है। वित्तीय हस्त पुस्तिका को न मानकर नया शासनादेश जारी कर वित्तीय हस्त पुस्तिका के विरुद्ध 10 प्रतिशत जमानत धनराशि निविदाओं में ली जा रही है, जबकि प्रदेश में किसी भी कार्य संस्थानों में यह नहीं ली जाती। इसी प्रकार निविदा आमंत्रित करने की तिथियां जो प्रत्येक माह की 15 एवं 25 को निर्धारित थी, उसे अब माह की प्रत्येक तिथि को निविदा आमंत्रित करने का आदेश जारी कर अव्यवस्था बढ़ाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से संज्ञान लेकर समस्याओं के निराकरण की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश ठेकेदार कल्याण समिति ने सीएम से अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की है। समिति का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारी ठेकेदारों को परेशान कर रहे हैं।
समिति के प्रांतीय अध्यक्ष व जिला कार्यवाह अध्यक्ष शरद कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि नंबर के आधार पर कोई भी रॉयल्टी का सत्यापन कर ले रहा है और संबंधित व्यक्ति मूल रॉयल्टी प्रपत्र लेकर छह गुना दंड दे रहा है। पूर्व में राजकीय कार्यों के ठेकों में रॉयल्टी ठेकेदारों के देयक से कट जाते थे। नई व्यवस्था से राजकीय ठेकेदारों का शोषण किया जा रहा है। सीसीएल प्रणाली समाप्त कर कोषागार आधारित ऑनलाइन बजटीय प्रणाली लागू होने के चलते ठेकेदारों की जमानत राशि का भुगतान तीन वर्षों से नहीं हो पा रहा है। प्रांतीय अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इधर कुछ वर्षों से उच्च अधिकारियों द्वारा रोज नए नियम बनाकर ठेकेदारों का उत्पीड़न किया जा रहा है। कभी चरित्र प्रमाण पत्र तीन वर्ष के लिए जारी करने का शासनादेश होता है, तो कभी उसी को दो वर्ष कर दिया जाता है। वित्तीय हस्त पुस्तिका को न मानकर नया शासनादेश जारी कर वित्तीय हस्त पुस्तिका के विरुद्ध 10 प्रतिशत जमानत धनराशि निविदाओं में ली जा रही है, जबकि प्रदेश में किसी भी कार्य संस्थानों में यह नहीं ली जाती। इसी प्रकार निविदा आमंत्रित करने की तिथियां जो प्रत्येक माह की 15 एवं 25 को निर्धारित थी, उसे अब माह की प्रत्येक तिथि को निविदा आमंत्रित करने का आदेश जारी कर अव्यवस्था बढ़ाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से संज्ञान लेकर समस्याओं के निराकरण की मांग की है।
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