अब मंत्री जी से ट्रांसफर के लिए कराई 'पैरवी', तो ऐसे होगी कार्रवाई
- परिषदीय विद्यालयों में स्थानांतरण को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर शासन ने जारी किया आदेश
- अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों के स्थानांतरण में अब किसी प्रकार नहीं चलेगी की पैरवी
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बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत काम करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों के स्थानांतरण में अब किसी प्रकार की पैरवी नहीं चलेगी। जुगाड़ लगाने वाले ऐसे लोगों को विभाग चिह्नित कर कार्रवाई करेगा। इससे संबंधित बेसिक शिक्षा निदेशक का आदेश बीएसए दफ्तर में पहुंच गया है।
पत्र में साफ तौर पर कहा है कि सभी का स्थानांतरण वार्षिक स्थानांतरण नीति के तहत किया जाता है। विभाग को शिकायतें मिल रही हैं कि अनेक अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षकों के द्वारा अपना स्थानांतरण कराने या निरस्त कराने के लक्ष्य से राजनेताओं या अन्य बाह्य प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस वजह से विभाग की छवि लोगों में खराब हो रही है।
यदि कोई भी जिम्मेदार ऐसी गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसपर कठोर कार्रवाई की जाएगी। लॉकडाउन से पूर्व ही शिक्षा विभाग की ओर से गैर जनपदीय स्थानांतरण से जुड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। जिले से 413 शिक्षकों ने इसके लिए आवेदन किया है। लॉकडाउन की वजह से प्रक्रिया पूरा नहीं हो पा रही है। ऐसे में नए आदेश को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग प्रभावी कदम उठाने की तैयारी में है।
बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग को स्थानांतरण के दौरान शिक्षकों की तरफ से लगाई जा रही पैरवी की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। जिसके बाद से विभाग ने ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।