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कमीशनबाजी के खेल में छोटे नर्सिंग होम और अस्पतालों को संरक्षण: आईएमए
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कमीशनबाजी के खेल में छोटे नर्सिंग होम और अस्पतालों को संरक्षण: आईएमए
गोरखपुर। कोरोना महामारी के बीच मरीजों से इलाज के नाम पर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सामने आया है। ऐसे अस्पताल संचालकों के खिलाफ प्रशासन से कार्रवाई करके उनके नाम सार्वजनिक करने की मांग की है।
इस बाबत जारी प्रेस विज्ञप्ति में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और सचिव डॉ. वीएन अग्रवाल ने बताया है कि शहर के विशेष एरिया में संचालित हो रहे छोटे अस्पतालों और नर्सिंग होम ने पूरे चिकित्सक समाज को बदनाम कर दिया है। ऐसे ही अस्पतालों ने कोविड के मरीजों से मनमानी करते हुए धन उगाही की है जबकि, ऐसे अस्पतालों को चिकित्सकीय एथिक्स की जानकारी तक नहीं है। ऐसे अस्पतालों को कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है। ऐसे अस्पताल आईएमए संस्था के सदस्य नहीं है। उन अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
एंबुलेंस चालक और आशा कमीशन के नाम पर मरीज पहुंचा रहीं
आईएमए का कहना है कि कुछ अस्पताल तो एंबुलेंस चालक और आशाओं को कमीशन देकर मरीजों का शोषण कर रहे हैं। ऐसे अस्पतालों का सच जानना जनता का अधिकार है। यह अस्पताल किसके है, किसके नाम पर रजिस्टर्ड है, कौन-कौन से डॉक्टर यहां सुविधा दे रहे हैं। इसकी जानकारी न तो विभाग को हैं और न ही प्रशासन को। कुछ अस्पतालों ने ऐसे डॉक्टरों के नाम का बोर्ड लगा रखा है जो उन अस्पतालों में कभी जाते ही नहीं। ऐसे फर्जी बोर्ड लगाने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई हो।
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कोरोना काल में वसूली करने वाले सदस्यों पर आईएमए ने चुप्पी साधी
कोरोना संक्रमित के इलाज में अवैध वसूली करने वाले लोगों में कुछ आईएमए के सदस्य भी शामिल रहे हैं। आईएमए से जुड़े सदस्यों के आधा दर्जन ऐसे अस्पताल रहे जिनके खिलाफ प्रशासन की जांच में अधिक रुपये वसूलने की पुष्टि हो चुकी है। इन अस्पतालों ने तीमारदारों और मरीजों को रुपये भी वापस किए हैं। लेकिन ऐसे अस्पतालों पर आईएमए ने चुप्पी साध ली है।
सीएम ने किया सवाल, तो नहीं दिए जवाब
बताया जा रहा है कि आईएमए के कुछ पदाधिकारी शुक्रवार को सीएम से मुलाकात करने पहुंचे थे। इस पर सीएम ने पदाधिकारियों से कोविड मरीजों से अवैध वसूली करने वाले अस्पतालों के खिलाफ आईएमए की तरफ से कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे लिए। इस पर पदाधिकारी कोई भी जवाब नहीं दे सकें। सीएम से मुलाकात करने के बाद एसोसिएशन ने प्रेस रिलीज जारी कर ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग की है।
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गोरखपुर। कोरोना महामारी के बीच मरीजों से इलाज के नाम पर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सामने आया है। ऐसे अस्पताल संचालकों के खिलाफ प्रशासन से कार्रवाई करके उनके नाम सार्वजनिक करने की मांग की है।
इस बाबत जारी प्रेस विज्ञप्ति में आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव और सचिव डॉ. वीएन अग्रवाल ने बताया है कि शहर के विशेष एरिया में संचालित हो रहे छोटे अस्पतालों और नर्सिंग होम ने पूरे चिकित्सक समाज को बदनाम कर दिया है। ऐसे ही अस्पतालों ने कोविड के मरीजों से मनमानी करते हुए धन उगाही की है जबकि, ऐसे अस्पतालों को चिकित्सकीय एथिक्स की जानकारी तक नहीं है। ऐसे अस्पतालों को कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है। ऐसे अस्पताल आईएमए संस्था के सदस्य नहीं है। उन अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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एंबुलेंस चालक और आशा कमीशन के नाम पर मरीज पहुंचा रहीं
आईएमए का कहना है कि कुछ अस्पताल तो एंबुलेंस चालक और आशाओं को कमीशन देकर मरीजों का शोषण कर रहे हैं। ऐसे अस्पतालों का सच जानना जनता का अधिकार है। यह अस्पताल किसके है, किसके नाम पर रजिस्टर्ड है, कौन-कौन से डॉक्टर यहां सुविधा दे रहे हैं। इसकी जानकारी न तो विभाग को हैं और न ही प्रशासन को। कुछ अस्पतालों ने ऐसे डॉक्टरों के नाम का बोर्ड लगा रखा है जो उन अस्पतालों में कभी जाते ही नहीं। ऐसे फर्जी बोर्ड लगाने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई हो।
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कोरोना काल में वसूली करने वाले सदस्यों पर आईएमए ने चुप्पी साधी
कोरोना संक्रमित के इलाज में अवैध वसूली करने वाले लोगों में कुछ आईएमए के सदस्य भी शामिल रहे हैं। आईएमए से जुड़े सदस्यों के आधा दर्जन ऐसे अस्पताल रहे जिनके खिलाफ प्रशासन की जांच में अधिक रुपये वसूलने की पुष्टि हो चुकी है। इन अस्पतालों ने तीमारदारों और मरीजों को रुपये भी वापस किए हैं। लेकिन ऐसे अस्पतालों पर आईएमए ने चुप्पी साध ली है।
सीएम ने किया सवाल, तो नहीं दिए जवाब
बताया जा रहा है कि आईएमए के कुछ पदाधिकारी शुक्रवार को सीएम से मुलाकात करने पहुंचे थे। इस पर सीएम ने पदाधिकारियों से कोविड मरीजों से अवैध वसूली करने वाले अस्पतालों के खिलाफ आईएमए की तरफ से कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे लिए। इस पर पदाधिकारी कोई भी जवाब नहीं दे सकें। सीएम से मुलाकात करने के बाद एसोसिएशन ने प्रेस रिलीज जारी कर ऐसे अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग की है।