UP News: नशीली दवाओं के कारोबारियों की जब्त होगी संपत्ति, 27 थोक विक्रेताओं का नाम आया सामने
गोरखपुर जिले में नशे के कारोबार से 27 थोक विक्रेता जुड़े हैं, जो फेंसिडिल सिरप से लेकर साइकॉट्रॉपिक ड्रग बेच रहे हैं। इनमें दोनों दवा व्यापारी संगठन के दो नेता भी शामिल हैं। शुरुआती जांच में ड्रग विभाग को यह जानकारी मिली है।
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नशीली दवाओं के मामले में नामजद गुप्ता बंधुओं अमित और आशीष गुप्ता की संपत्तियों को पुलिस जब्त करेगी। पुलिस जिले में एनडीपीएस की धारा के तहत दर्ज सभी मुकदमों का ब्योरा तैयार कर रही है।
सूची तैयार होने के बाद अवैध तरीके से कमाई गई संपत्ति को पुलिस प्रशासन के सहयोग से जब्त करने की कार्रवाई होगी। एनडीपीएस के मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब पुलिस ने इस पर अमल शुरू किया है।
नशीले पदार्थों के प्रयोग से बर्बाद हो रही युवा पीढ़ी को बचाने के लिए जहां इन पर कार्रवाई की जा रही है, वहीं इनकी कमर तोड़ने के लिए अब संपत्ति को जब्त करने का फैसला लिया गया है। मालूम हो कि नशीली दवा कारोबारी गुप्ता बंधुओं पर भी गीडा थाने में एनडीपीएस का केस दर्ज है और उनके नाम भी इस सूची में शामिल किए जाएंगे। पुलिस पूरा ब्योरा जुटा रही है।
जिले में पिछले कुछ सालों में दर्ज सभी मुकदमों के आरोपियों को इस सूची में शामिल कर कार्रवाई की जाएगी। पूरी कार्रवाई की जिम्मेदारी एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई को सौंपी गई है, इसके बाद उन्होंने इस पर काम तेज कर दिया है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि एनडीपीएस के तहत दर्ज सभी मुकदमों के अभियुक्तों की बेनामी संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। सभी को कानून के तहत जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
नशे के कारोबार से जुड़े हैं 27 थोक विक्रेता
गोरखपुर जिले में नशे के कारोबार से 27 थोक विक्रेता जुड़े हैं, जो फेंसिडिल सिरप से लेकर साइकॉट्रॉपिक ड्रग बेच रहे हैं। इनमें दोनों दवा व्यापारी संगठन के दो नेता भी शामिल हैं। शुरुआती जांच में ड्रग विभाग को यह जानकारी मिली है।
यही वजह है कि ड्रग विभाग ने इस मामले में एबॉट कंपनी और उसके बनारस स्थित कैरी एंड फारवर्ड (सीएंडएफ) से पूरी जानकारी मांगी है। साथ ही तीन वर्ष का रिकॉर्ड मांगा है। इस रिकॉर्ड के जरिये यह पता चलेगा कि किस-किस थोक विक्रेता ने कितनी मात्रा में सिरप और अन्य साइकॉट्रॉपिक ड्रग मंगाए हैं।
जिले में करीब सात हजार व्यापारी हैं। इसमें 1,200 थोक विक्रेता भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि एबॉट कंपनी से रिकॉर्ड मिलने के बाद सभी दवा व्यापारियों की जांच की जाएगी। क्योंकि, शासन स्तर से प्रतिदिन की रिपोर्ट मांगी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जिले में दवा व्यापारियों के दो गुट हैं। दोनों से जुड़े कुछ व्यापारी नशीली दवाओं का कारोबार कर रहे हैं। एक नेता ने छह माह पहले ही एबॉट कंपनी से फेंसिडिल सिरप की खरीद-बिक्री शुरू की है। अब तक 80 हजार सिरप बेच चुके हैं।
दरअसल, फेंसिडिल सिरप कोडीन से बनाई जाती है। इसे बनाने में अफीम का इस्तेमाल किया जाता है। यह दवा बंगाल से लेकर बांग्लादेश और पूर्वोत्तर में अवैध रूप से भेजी जाती हैं।
एनडीपीएस एक्ट में नामजद गुप्ता बंधु अब भी फरार
जिले में छह अगस्त को गीडा थाना क्षेत्र से दो करोड़ की नशीली दवाएं बरामद की गई थीं। विभाग को दो ट्रक में लदे सिरप फेंसिडिल मिले थे। इस मामले में भालोटिया मार्केट के गुप्ता बंधु आशीष गुप्ता और अमित गुप्ता सहित दस लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अब तक छह आरोपी गिरफ्तार किए गए। गुप्ता बंधु अब भी फरार हैं। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है। आगरा के दो व्यापारी भाई भी इस मामले में फरार हैं।
एबॉट कंपनी से तीन साल की बिक्री का रिकार्ड मांगा गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि 27 थोक व्यापारी दवा मंगाते व बेचते हैं। मामले में शासन को प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजी जा रही है। शासन बेहद सख्त है। नशीली दवा का काम करने वाले किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे। - जय सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर