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Gorakhpur News: डीडीयू के हिंदी विभाग के अध्यक्ष बने प्रोफेसर कमलेश गुप्त

Wed, 11 Sep 2024 12:29 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2024 12:29 AM IST
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Professor Kamlesh Gupta became the Chairman of Hindi Department of DDU.
- तीन माह बचा था अध्यक्ष के तौर पर कार्यकाल, निलंबित होने से कमलेश गुप्त नहीं बन पाए थे अध्यक्ष
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में प्रो. कमलेश गुप्ता को हिंदी विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वे बुधवार को कार्यभार ग्रहण करेंगे। चक्रानुक्रम के अनुसार 2021 में प्रो. कमलेश निलंबन की वजह से अध्यक्ष नहीं बन पाए थे।
मंगलवार को कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि प्रो. कमलेश का कार्यकाल तीन वर्षों के लिए होगा। प्रो. कमलेश गुप्त दिसंबर 2021 में वरिष्ठता के चक्रानुक्रम में हिंदी के विभागाध्यक्ष बनने वाले थे। उससे पहले 21 दिसंबर 2021 को तत्कालीन कुलपति प्रो. राजेश सिंह के खिलाफ वित्तीय अनियमितता का गंभीर आरोप लगाते हुए सत्याग्रह शुरू कर दिया था। उसी दिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर दिया।
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प्रो. राजेश सिंह के कार्यकाल में वे तीन बार निलंबित किए गए। करीब 17 माह से अधिक समय तक उन्हें निलंबन झेलना पड़ा था। हाईकोर्ट के आदेश पर जून 2022 में बहाल हुए तो फिर चार दिन बाद ही 28 जून को निलंबित कर दिए गए।
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तीन माह बाकी था प्रो. दीपक का कार्यकाल
वर्तमान अध्यक्ष प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर चल रहे हैं। प्रो. त्यागी का कार्यकाल पूरा होने में करीब साढ़े तीन माह का समय रह गया था। अचानक आए इस आदेश को अप्रत्याशित माना जा रहा है। प्रो. कमलेश गुप्त को एक फरवरी 2024 को कार्य परिषद से बहाल कर दिया गया। उसके बाद से ही वे वरिष्ठता के आधार पर विभागाध्यक्ष पद के स्वाभाविक दावेदार थे। अब उन्हें हिंदी का विभागाध्यक्ष बनाया गया है।


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न्याय के लिए जारी रहना चाहिए प्रयास
विभागाध्यक्ष बनने के बाद प्रो. कमलेश गुप्त ने फेसबुक पर लिखा है, न्याय की चाहत बनी रहनी चाहिए और उसके लिए प्रयास जारी रखना चाहिए। इससे माना जा रहा है कि स्वाभाविक दावेदारी को लेकर वे प्रयासरत थे।
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