गोरखपुर में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं: छाती, पेट और चेहरे के सीटी स्कैन के लिए निजी पैथोलॉजी ही सहारा
जिला अस्पताल में इलाज कराने आए गुलरिहा के राकेश ने बताया कि डॉक्टर ने पेट के सीटी स्कैन की सलाह दी। जांच के लिए केंद्र पर गया, तो मना कर दिया गया। बताया गया केवल सिर का सीटी स्कैन हो पाएगा। मजबूरी में बेतियाहाता स्थित एक निजी पैथोलॉजी में 5,500 रुपये खर्च कर जांच कराई।
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छाती, पेट और चेहरे के सीटी स्कैन के लिए मरीज परेशान हैं, लेकिन उन्हें जिला अस्पताल से निराशा ही हाथ लग रही है। मजबूरी में मरीज निजी पैथोलॉजी में ही शरीर के इन हिस्सों का सीटी स्कैन ज्यादा रुपये देकर करा रहे हैं। जिला अस्पताल में सिर को छोड़कर शरीर के अन्य किसी हिस्से का सिटी स्कैन नहीं हो पा रहा है। जबकि, हर दिन करीब 20 से 25 मरीजों को शरीर के अलग-अलग हिस्सों के सीटी स्कैन की सलाह डॉक्टर दे रहे हैं। इसके बाद भी अब तक यह सुविधा नहीं शुरू हो सकी है।
जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 40 मरीजों के सिर का सीटी स्कैन होता है। इन मरीजों के अलावा डॉक्टर करीब 25 से 30 मरीजों को पेट, छाती, गर्दन, जबड़ा, स्पाइन के सीटी स्कैन की सलाह देते हैं। लेकिन, जब मरीज सीटी स्कैन कराने जिला अस्पताल में पहुंचता है, तो वहां से उसे यह कहकर वापस कर दिया जाता है कि शरीर के इन हिस्सों का सीटी स्कैन नहीं हो पाएगा। इसकी वजह से मरीज निजी पैथोलॉजी में शरीर के इन हिस्सों का सीटी स्कैन कराते हैं। इसके बदले उन्हें अच्छी खासी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में इलाज कराने आए गुलरिहा के राकेश ने बताया कि डॉक्टर ने पेट के सीटी स्कैन की सलाह दी। जांच के लिए केंद्र पर गया, तो मना कर दिया गया। बताया गया केवल सिर का सीटी स्कैन हो पाएगा। मजबूरी में बेतियाहाता स्थित एक निजी पैथोलॉजी में 5,500 रुपये खर्च कर जांच कराई।
इसी तरह प्रतिदिन अन्य जांचों के लिए मरीज निराश होकर लौट रहे हैं। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इसकी वजह एक रेडियोलॉजिस्ट की कमी बताई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सिर्फ एक रेडियोलॉजिस्ट की वजह से केवल सिर का सिटी स्कैन हो पा रहा है। शरीर के अन्य हिस्सों के सिटी स्कैन के लिए समय ज्यादा लगता है और उसकी प्लेट भी अलग होती है।
बीआरडी में है एक माह की वेंटिग
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सिर और चेस्ट का सीटी स्कैन हो जाता है। लेकिन, यहां पर मरीजों की संख्या अधिक है। इसकी वजह से मरीजों को एक-एक महीने बाद का समय दिया जा रहा है। स्थिति ऐसी है कि एक दिसंबर को जांच के लिए गए मरीजों को दो जनवरी का समय दिया गया है। जबकि, यहां पर सीटी स्कैन जांच के लिए मरीजों को 2,500 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। वहीं, जिला अस्पताल में 600 रुपये में सिर का सीटी स्कैन होता है।
निजी पैथोलॉजी में महंगी है जांच
निजी पैथोलॉजी में काफी महंगा है। शरीर के अलग-अलग हिस्सों के रेट भी अलग-अलग हैं। सिर का सीटी स्कैन कराने में मरीजों को 1,700 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। जबकि, चेस्ट और गले के लिए 3,500 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। सबसे अधिक रुपये पेट के सीटी स्कैन के लिए मरीजों को 5,500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके अलावा स्पाइन और जबड़े के सीटी स्कैन के लिए मरीजों को 3,500-3,500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. अंबुज ने कहा कि सिर का सीटी स्कैन किया जा रहा है। शरीर के अन्य हिस्सों के सीटी स्कैन के लिए समय ज्यादा चाहिए। साथ ही एक और रेडियोलॉजिस्ट की जरूरत है। इसके अलावा प्लेट भी अलग लगती है, जो कंपनी की तरफ से अभी नहीं मिल रही है। इसकी वजह से थोड़ी दिक्कतें आ रहीं हैं, जिसे जल्द ही दूर किया जाएगा।