यहां कोरोना के नाम पर मरीजों की भर्ती से इनकार नहीं कर सकेंगे निजी अस्पताल, ये है बड़ी वजह
- प्रशासन सभी प्राइवेट डॉक्टरों को भी मुहैया करा रहा एंटीजन किट, ट्रेनिंग भी दी जाएगी
- 26 अस्पतालों को दी गई किट, एमओवाईसी को रोजाना 50 लोगों की जांच कराने का निर्देश
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के निजी अस्पताल अब कोरोना संक्रमण के नाम पर गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों की भर्ती से इनकार नहीं कर सकेंगे। प्रशासन सभी प्राइवेट डॉक्टरों को भी एंटीजन किट मुहैया करा रहा है, जिससे मरीजों की कोरोना जांच होगी। प्राइवेट डॉक्टरों को इसके लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
कोरोना संक्रमण से बचाव और इलाज को लेकर गुरुवार को दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा। इसी क्रम में आईएमए और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों के साथ हुई बैठक में डीएम के. विजयेंद्र पांडियन और सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने निर्देश दिए कि निजी अस्पतालों में कोई भी मरीज जब इलाज के लिए आए तो उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा जाए। वहीं पर उनकी कोरोना जांच के साथ ही इलाज शुरू किया जाए।
प्रशासन ने सभी को 25-25 एंटीजन किट उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। सीडीओ ने बताया कि गुरुवार को शहर के 26 निजी अस्पतालों को एंटीजन किट मुहैया कराया गया। इन अस्पतालों के डॉक्टरों को जांच से लेकर इलाज आदि को लेकर ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
दरअसल, लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे थे, जिसमें मरीज के कोरोना संक्रमित होने के भय से निजी अस्पताल के डॉक्टर इलाज नहीं शुरू कर रहे थे। ऐसे में गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों का समय से इलाज नहीं हो पा रहा था। इसे ध्यान में रखते हुए ही जिला प्रशासन ने यह नई व्यवस्था बनाई है।
उधर, शाम को छह बजे से लेकर 8.30 बजे तक डीएम और सीडीओ ने सभी तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार और एमओवाईसी के साथ जूम एप पर मीटिंग कर समीक्षा की। इस दौरान डीएम ने सभी एमओवाईसी को निर्देश दिया कि वे रोजाना कम से कम 50 लोगों की कोरोना जांच करेंगे।
कोरोना जांच की फीस नहीं ले सकेंगे अस्पताल
सीडीओ ने बताया कि जिन भी प्राइवेट अस्पतालों को एंटीजन किट मुहैया कराया जा रहा है, वे जांच के लिए मरीज से अलग से फीस नहीं लेंगे। सरकारी अस्पताल की ही तरह उन्हें भी कोविड की जांच फ्री में करनी होगी।
अस्पतालों का रखना होगा रिकॉर्ड
सीडीओ ने बताया कि निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जितने भी लोगों की एंटीजन किट से जांच करेंगे, उसका पूरा ब्योरा रखेंगे। रोजाना शाम को उसकी रिपोर्ट उन्हें जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी। रिपोर्ट में मरीज का नाम, पता और मोबाइल नंबर समेत सभी ब्योरा होगा।
तहसीलों में भी बनेंगे कंट्रोल रूम
सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने बताया कि मुख्यालय के साथ ही सभी तहसीलों में भी कोविड कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। प्रत्येक कंट्रोल रूम पर डॉक्टर के साथ ही राजस्व निरीक्षक और लेखपाल आदि तैनात रहेंगे। एसडीएम इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। कितने लोगों की जांच हुई, कितने पॉजिटिव मिले, आदि का डेटा अपडेट करना होगा।