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गर्व: वरुण के 'शौर्य' से चौड़ा हुआ देवरिया के लोगों का सीना, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

Tue, 17 Aug 2021 05:21 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया।
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया। Published by: vivek shukla Updated Tue, 17 Aug 2021 05:21 PM IST
सार

पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप के भतीजे हैं विंग कमांडर वरुण सिंह। तेजस उड़ाने के दौरान फेल हो गया था फ्लाइंग कंट्रोल सिस्टम। 10 हजार फीट की ऊंचाई से सफल लैंडिग कराने पर मिला गैलेंट्री अवार्ड।

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President honored Wing Commander Varun with Deoria with Shaurya Chakra on independence day
विंग कमांडर वरुण सिंह - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

देवरिया जिले के रुद्रपुर तहसील के कन्हौली गांव के रहने वाले विंग कमांडर वरुण सिंह ने अपने अदम्य साहस और पराक्रम के दम पर शांतिकाल में सेना का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार हासिल कर जिले के लोगों को गर्व करने का मौका दिया है। उन्हें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया। यह अवार्ड विंग कमांडर को फ्लाइंग कंट्रोल सिस्टम खराब होने के बाद भी 10 हजार फीट की ऊंचाई से विमान की सफल लैंडिंग कराने पर दिया गया।
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उनकी इस वीरता के लिए शौर्य चक्र मिलने के बाद रुद्रपुर के लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। उनके पैतृक गांव कन्हौली में जश्न मनाया जा रहा है। कन्हौली गांव के रहने वाले विंग कमांडर वरुण सिंह कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह के भतीजे हैं। उनके पिता कर्नल केपी सिंह भी सेना से रिटायर हो चुके हैं। छोटे भाई भी जल सेना में कार्यरत हैं। माता उमादेवी बेटे की वीरता पर गर्व महसूस कर रही हैं।
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वरुण ने संकट के समय बिना जान की परवाह किए अदम्य साहस का परिचय दिया। 12 अक्तूबर 2020 को वरुण लाइट कॉम्बेट एयर क्राफ्ट के साथ उड़ान पर थे। लगभग 10 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचते ही विमान का फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम खराब हो गया। लेकिन वरुण ने आपदा के समय धैर्य नहीं खोया।
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उन्होंने संयम का परिचय देते हुए आबादी से दूर ले जाकर विमान की सफल लैंडिंग कराई। इससे न केवल कई लोगों की जान बच गई, बल्कि विमान बर्बाद होने से बच गया। वह तेजस उड़ा रहे थे। वरुण वर्तमान में नीलगिरी हिल्स में टेस्ट पायलट हैं। उनके अनुभव को देखते हुए सेना ने उन्हें टेस्ट पायलट का दर्जा दिया है। उनकी देखरेख में सेना के सभी विमान उड़ान भरते हैं।
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