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सावधान: बुखार होने पर खुद से इन दवाओं का न करें इस्तेमाल, तत्काल डॉक्टर से लें सलाह
Mon, 06 Sep 2021 09:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 09:13 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैला बुखार न तो मलेरिया है, न डेंगू या डेंगी, और न ही यह कोरोना की थर्ड वेव है। यह वायरस या बैक्टीरिया का संक्रमण है जो सही समय पर इलाज शुरू हो जाने पर ठीक हो जा रहा है। गोरखपुर जिले में भी वायरल के मरीज मिल रहे हैं। लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए इस वायरल फीवर से बचा जा सकता है। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि मथुरा, फिरोजाबाद आदि जिलों में फैले बुखार में मरीज को वही सारी दिक्कतें हो रही हैं जो सामान्य वायरल बुखार में होती हैं। समय पर जांच और इलाज की प्रक्रिया शुरू हो जाने पर यह बुखार बहुत कम समय में ठीक भी हो जा रहा है। इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। कहा कि जिले में वायरल फीवर के मरीज मिल रहे हैं। लेकिन यह उतना खतरनाक नहीं है।
सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला।
सीएमओ ने बताया कि वायरस दो प्रकार के होते हैं। एक कोल्ड और दूसरा हॉट। इस मौसम में संक्रामक बीमारियां बढ़ती ही हैं। इस बुखार का वायरस एक रिसपाइरेट्री वायरस है। यदि कोविड प्रोटोकाल का सही से पालन करें तो इस तरह की बीमरियों को रोकने में सफल हो सकते हैं। इसलिए सावधान रहें और बहुत आवश्यक स्थिति में ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने बताया कि बुखार, कमजोरी जैसी शरीर में कोई भी समस्या आने पर घबराएं नहीं। जिले के किसी भी पीएचसी या सीएचसी से परामर्श लेकर निशुल्क जांच और इलाज कराएं। जिले में वर्तमान में सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर पीकू और नीकू वार्ड का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
ये हैं लक्षण
बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, कंधे जाम हो जाना, अत्यधिक कमजोरी और शरीर में पानी की कमी होना।
बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, कंधे जाम हो जाना, अत्यधिक कमजोरी और शरीर में पानी की कमी होना।
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- फोटो : iStock
बुखार में इन दवाओं का न करें इस्तेमाल
एस्प्रिन, डिस्प्रिन, आइबूप्रोफेन, डिकलोफेनक, एसीक्लोफेनेक, निमुसिलाइड, काट्रीसोन और स्टेरायड।
एस्प्रिन, डिस्प्रिन, आइबूप्रोफेन, डिकलोफेनक, एसीक्लोफेनेक, निमुसिलाइड, काट्रीसोन और स्टेरायड।
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- फोटो : iStock
क्या करें
क्वारंटीन रहें ताकि संक्रमण दूसरों तक न फैले। विभिन्न तरीकों से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाएं। ओआरएस घोल की सही मात्रा तैयार कर पीएं। रसदार फल, नारियल पानी, सूप का सेवन करें। अधिक से अधिक समय आराम करें।
क्वारंटीन रहें ताकि संक्रमण दूसरों तक न फैले। विभिन्न तरीकों से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाएं। ओआरएस घोल की सही मात्रा तैयार कर पीएं। रसदार फल, नारियल पानी, सूप का सेवन करें। अधिक से अधिक समय आराम करें।