यूपी: कलस्टर में बांट कर टीकाकरण महाअभियान की तैयारी, लोगों को दी जाएगी खास सुविधा
शासन से निर्देश मिलने के बाद माइक्रोप्लानिंग बना रहा स्वास्थ्य विभाग, लोगों को टीका लगवाने की सुविधा घर और दफ्तर के पास दी जाएगी।
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गोरखपुर जिले में अगले माह से कलस्टर में बांटकर कोविड-19 टीकाकरण महाभियान चलाने की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। लोगों को टीका लगवाने की सुविधा उनके घर और दफ्तर के नजदीक दी जाएगी। महाभियान के तहत पूरे प्रदेश में रोजाना 10 लाख लोगों को कोविड की वैक्सीन लगाई जानी है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन ने पत्र जारी कर दिशा-निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक ब्लॉक और नगरीय निकायों को एक इकाई मानते हुए उन्हें कलस्टर में बांटा जाएगा। कोशिश होगी कि टीकाकरण टीम सभी कलस्टर्स में एक बार अवश्य पहुंचे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय के स्तर से शासन की मंशा के अनुसार माइक्रोप्लानिंग करने के लिए कहा गया है। प्रत्येक कलस्टर में मोबिलाइजेशन ग्रुप भी बनाए जाएंगे। इस ग्रुप में ग्राम प्रधान, लेखपाल, आशा एवं आंगनबाड़ी, प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक, पंचायत सचिव, युवक मंगल दल और महिला मंगल दल के सदस्य शामिल होंगे।
ग्रुप कलस्टर टीकाकरण से तीन दिन पहले टीकाकरण के लिए वातावरण निर्माण, टीकाकरण के प्रति जागरूकता और लोगों को टीकाकरण के लिए तैयार करने का दायित्व संभालेगा। कुल 100 राजस्व ग्रामों को आठ से 12 कलस्टर्स में बांटा जाएगा। प्रत्येक कलस्टर में आठ से 12 राजस्व ग्राम इस प्रकार रखे जाएंगे कि वह भौगोलिक तौर से एक दूसरे से जुड़े हों और सभी में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की आबादी एक समान हो। टीकाकरण टीम का गठन इस प्रकार किया जाएगा कि एक कलस्टर में 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण चार से छह दिनों में पूरा किया जा सके।
अतिरिक्त वैक्सीनेटर्स का भी दिशा-निर्देश
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि दिशा-निर्देश के मुताबिक कलस्टर की आवश्यकता को पूरा करने के लिए ब्लॉक में उपलब्ध टीकाकरण कर्मचारियों (वैक्सीनेटर्स) के अलावा अतिरिक्त वैक्सीनेटर आउटसोर्सिंग के आधार पर लिए जाएंगे। जुलाई माह के लिए प्रस्तावित इस टीकाकरण रणनीति को स्केल अप करने के लिए जून माह में ही चार कलस्टर्स में पायलट करने की योजना है।
गठित होगी सीआरटी
कलस्टर स्तर पर टीकाकरण के दौरान अगर कोई प्रतिकूल घटना होती है तो उससे निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) बनेंगी। इन टीम के समूह को कलस्टर रिस्पांस टीम (सीआरटी) कहा जाएगा। इन टीम में चिकित्सक और पैरामेडिकल होंगे। इनके पास हर प्रकार की दवाएं रहेंगी, जिससे टीकाकरण के अपवादस्वरूप होने वाले प्रतिकूल प्रभाव पर नियंत्रण किया जा सके। आवश्यकता होने पर 108 नंबर एंबुलेंस सेवा की सुविधा लेकर लाभार्थी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाने का भी इंतजाम रहेगा।