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गोरखपुर: रामगढ़ ताल की सुंदरता में लगेगा चार चांद, प्रशासन तैयार कर ही है ये खास योजना
Sat, 22 Feb 2020 12:25 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 22 Feb 2020 12:25 PM IST
सार
- आरकेबीके से पैडलेगंज तक पाथ-वे का भेजा चुका है प्रस्ताव
- डीएम, एसएसपी और नगर आयुक्त ने संभावनाओं का निरीक्षण किया
- आरकेबीके पंपिंग स्टेशन से सहारा इस्टेट तक 3.7 किलोमीटर लंबी बनी हुई है सड़क
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : file photo
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विस्तार
शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए रामगढ़ ताल किनारे सात मीटर चौड़ी रिंग रोड बनाने की तैयारी है। फिलहाल आरकेबीके पंपिंग स्टेशन से सहारा इस्टेट तक 3.7 किलोमीटर लंबा बांध बना हुआ है। वहीं आरकेबीके पंपिंग स्टेशन से सहारा इस्टेट तक पाथ-वे बनाने का प्रस्ताव जल निगम की ओर से भेजा जा चुका है।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता और नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने रामगढ़ ताल किनारे बने बांध को बढ़ाकर सात मीटर चौड़ा बनाने की संभावना का निरीक्षण किया। आरकेबीके से मोहद्दीपुर तक का जाम शहर की सबसे बड़ी समस्या है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर के अधिकारियों को इस जाम से निजात दिलाने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया है।
इसी क्रम में शुक्रवार को डीएम, एसएसपी और नगर आयुक्त ने बांध पर पहुंच कर इसकी चौड़ाई बढ़ाने की संभावनाएं तलाशीं। इस दौरान सदर तहसीलदार डॉ. संजीव दीक्षित भी मौजूद रहे। नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि आरकेबीके पंपिंग स्टेशन से सहारा इस्टेट तक रामगढ़ ताल के किनारे बांध की चौड़ाई बढ़ाकर सात मीटर करने की संभावना देखी गई है।
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डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता और नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने रामगढ़ ताल किनारे बने बांध को बढ़ाकर सात मीटर चौड़ा बनाने की संभावना का निरीक्षण किया। आरकेबीके से मोहद्दीपुर तक का जाम शहर की सबसे बड़ी समस्या है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर के अधिकारियों को इस जाम से निजात दिलाने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया है।
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इसी क्रम में शुक्रवार को डीएम, एसएसपी और नगर आयुक्त ने बांध पर पहुंच कर इसकी चौड़ाई बढ़ाने की संभावनाएं तलाशीं। इस दौरान सदर तहसीलदार डॉ. संजीव दीक्षित भी मौजूद रहे। नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि आरकेबीके पंपिंग स्टेशन से सहारा इस्टेट तक रामगढ़ ताल के किनारे बांध की चौड़ाई बढ़ाकर सात मीटर करने की संभावना देखी गई है।
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रामगढ़ ताल परियोजना के परियोजना प्रबंधक रतनसेन सिंह ने कहा कि रामगढ़ ताल परियोजना के तहत नई योजना के अनुसार जो प्रस्ताव शासन को भेजा गया है उसमें पैडलेगंज से मारुति शोरूम तक बांध की चौड़ाई करीब तीन मीटर होगी। इस बांध का इस्तेमाल पाथ-वे के रूप में हो सकेगा।
इस बांध के किनारे करीब 500 पेड़ भी लगाए जाएंगे। साथ ही यहां बैठकर ताल का आनंद उठाने के लिए कुल 26 बेंच लगाए जाएंगे। वहीं रतनसेन सिंह ने कहा कि बांध को सात मीटर चौड़ा करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है तो दो साल में इसे तैयार कर लिया जाएगा।
ये होंगे काम
पैडलेगंज से आरकेबीके मारुति शोरूम तक 2.5 किलोमीटर लंबाई में बंधे का निर्माण, ताल की तरफ बोल्डर लगाने का काम, इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन, सीवेज इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन, ताल की ओर रेलिंग, सोलर एलईडी लाइट, 500 पेड़ और उनको संरक्षित करने के लिए ट्री गार्ड और बैठने के लिए 26 बेंच।
इस बांध के किनारे करीब 500 पेड़ भी लगाए जाएंगे। साथ ही यहां बैठकर ताल का आनंद उठाने के लिए कुल 26 बेंच लगाए जाएंगे। वहीं रतनसेन सिंह ने कहा कि बांध को सात मीटर चौड़ा करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल जाती है तो दो साल में इसे तैयार कर लिया जाएगा।
ये होंगे काम
पैडलेगंज से आरकेबीके मारुति शोरूम तक 2.5 किलोमीटर लंबाई में बंधे का निर्माण, ताल की तरफ बोल्डर लगाने का काम, इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन, सीवेज इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन, ताल की ओर रेलिंग, सोलर एलईडी लाइट, 500 पेड़ और उनको संरक्षित करने के लिए ट्री गार्ड और बैठने के लिए 26 बेंच।
सहारा इस्टेट की एसटीपी खराब, रामगढ़ ताल में गिर रहा गंदा पानी
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद भी सहारा इस्टेट का गंदा पानी रामगढ़ ताल में गिर रहा है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लंबे समय से खराब है। इसपर एनजीटी की हाईपावर कमेटी ने कड़ी नाराजगी जताई थी। ताल में गंदे पानी को गिराने से रोकने की हिदायत भी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद भी गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की तरफ से कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है। एनजीटी ने व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी जीडीए को दी थी।
सहारा इस्टेट में 1000 मकान बने हैं। यमन, बहार, मल्हार, वृंदावनी सहित अन्य कॉलोनियों में करीब 5000 लोग रहते हैं। सबके घरों से निकलने वाला पानी सहारा कंपनी की ओर से लगाए गए एसटीपी में जाता है फिर रामगढ़ ताल में गिरता है। एसटीपी लंबे समय से खराब है।
सहारा इस्टेट में 1000 मकान बने हैं। यमन, बहार, मल्हार, वृंदावनी सहित अन्य कॉलोनियों में करीब 5000 लोग रहते हैं। सबके घरों से निकलने वाला पानी सहारा कंपनी की ओर से लगाए गए एसटीपी में जाता है फिर रामगढ़ ताल में गिरता है। एसटीपी लंबे समय से खराब है।