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Gorakhpur News: कुम्हारों को इनोवेटिव पॉटरी की नई तकनीक की दी जानकारी
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एमएमएमयूटी में दो दिवसीय कार्यशाला का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, सीतापुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘इनोवेटिव पॉटरी’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया।
एमएमएमयूटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में औरंगाबाद, भरवलिया, गुलरिहा व एकला के लगभग 60 कुम्हारों ने प्रतिभाग किया। कारीगरों को इस विधा की नई तकनीक के विषय में प्रशिक्षण दिया गया। उनके द्वारा बनाए गए उत्पाद की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी एके पाल ने प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं एवं उनसे मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. जावेद ने अपने उत्पाद को बेहतर ढंग से बेचने के तरीके बताए। एक जिला एक उत्पाद के तहत टेराकोटा के चयन की भी जानकारी दी।
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आईईटी, सीतापुर के निदेशक डॉ. जगवीर सिंह ने टेराकोटा उत्पाद में रचनात्मकता और इनोवेशन के बारे में बताया। उन्होंने शिल्पकारों को अपने कार्यों में विविधता और रचनात्मकता लाने के गुर बताए।
एमएमएमयूटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के चेयरमैन प्रो. वीके द्विवेदी ने बताया कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके शिल्पकार अपने उत्पाद की क्षमता बढ़ा सकते हैं। उन्होंने शिल्पकारों के लिए वर्चुअल कैटलॉग विकसित किए जाने की घोषणा की।
उन्होंने शिल्पकारों से अपना एक समूह बनाकर अपने प्रोडक्ट को एक ब्रांड के तहत बाजार में उपलब्ध कराने की भी बात कहीं।कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो जेपी सिंह, जेआरएफ श्याम, अनुराग मौर्य और ट्रेनिंग प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर सुकन्या पाण्डेय आदि का योगदान रहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, सीतापुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘इनोवेटिव पॉटरी’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया।
एमएमएमयूटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में औरंगाबाद, भरवलिया, गुलरिहा व एकला के लगभग 60 कुम्हारों ने प्रतिभाग किया। कारीगरों को इस विधा की नई तकनीक के विषय में प्रशिक्षण दिया गया। उनके द्वारा बनाए गए उत्पाद की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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जिला ग्रामोद्योग अधिकारी एके पाल ने प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं एवं उनसे मिलने वाले लाभ के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. जावेद ने अपने उत्पाद को बेहतर ढंग से बेचने के तरीके बताए। एक जिला एक उत्पाद के तहत टेराकोटा के चयन की भी जानकारी दी।
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आईईटी, सीतापुर के निदेशक डॉ. जगवीर सिंह ने टेराकोटा उत्पाद में रचनात्मकता और इनोवेशन के बारे में बताया। उन्होंने शिल्पकारों को अपने कार्यों में विविधता और रचनात्मकता लाने के गुर बताए।
एमएमएमयूटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के चेयरमैन प्रो. वीके द्विवेदी ने बताया कि साइंस एंड टेक्नोलॉजी का प्रयोग करके शिल्पकार अपने उत्पाद की क्षमता बढ़ा सकते हैं। उन्होंने शिल्पकारों के लिए वर्चुअल कैटलॉग विकसित किए जाने की घोषणा की।
उन्होंने शिल्पकारों से अपना एक समूह बनाकर अपने प्रोडक्ट को एक ब्रांड के तहत बाजार में उपलब्ध कराने की भी बात कहीं।कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो जेपी सिंह, जेआरएफ श्याम, अनुराग मौर्य और ट्रेनिंग प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर सुकन्या पाण्डेय आदि का योगदान रहा।