गोरखपुर: गबन का दोषी मिलने पर डाककर्मी निलंबित, शुरुआती जांच में 10 लाख से अधिक की गड़बड़ी का सामने आया मामला
प्रवर डाक अधीक्षक ने की कार्रवाई, जांच पूरी होने के बाद ही कितने का गबन हुआ, यह सामने आ सकेगा।
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प्रवर डाक अधीक्षक ने बताया कि डाकघर में अलग-अलग योजनाओं में लाभार्थियों का खाता खोला गया था। इसमें सरकारी योजनाओं के तहत लोगों को आर्थिक लाभ दिया जाना था। कूड़ाघाट शाखा डाकघर में भी खाते खोले गए थे। इसी दौरान सूचना मिली थी कि डाकघर के कर्मचारी शैलेंद्र द्वारा खाताधारकों के खाते में वित्तीय अनियमितता की जा रही है।
सूचना पर उन्होंने इस संबंध में गोपनीय जांच कराई। इस दौरान शुरुआत में 10 लाख रुपये से अधिक के गबन की आशंका सामने आई। उन्होंने पूरे मामले पर अपनी निगरानी में टीम बनाकर जांच शुरू करवा दी। साथ ही कर्मचारी को निलंबित कर दिया।
उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही कितने का गबन हुआ, यह सामने आ सकेगा। सूत्रों के मुताबिक बचत खाता और मंथली इनकम स्कीम व अन्य योजनाओं के खातों की धनराशि दूसरे के खाते में भेज दी गई है। वहीं फिलहाल जांच के आरोपी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच पूरी कर ली है। चेक और नकद भुगतान को लेकर थोड़ी भ्रम की स्थिति हो गई थी। हालांकि, स्पष्टीकरण के बाद निलंबन की कार्रवाई खत्म कर दी गई है। प्रवर डाक अधीक्षक ने निलंबन की कार्रवाई खत्म करने की बात से इनकार किया।