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लॉकडाउन में घर तक ऐसे पहुंच रहा है एटीएम, तीन दिन में लोगों ने निकाले लाखों रुपये, जानें कैसे
Fri, 17 Apr 2020 01:07 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 17 Apr 2020 01:07 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : Social media
तीन दिनों से डाक विभाग चिट्ठी के साथ ही रुपये भी बांट रहा है। बैंकों में लगने वाली भीड़ कम कर सोशल डिस्टेंसिंग बनाने के उद्देश्य से कमिश्नर जयंत नार्लिकर और डीएम के. विजयेंद्र पांडियन के निर्देश पर मंगलवार से डाक विभाग द्वारा पंचायतों में माइक्रो बैंकिंग सेवाएं संचालित की जा रही हैं।
तीन दिन में मंडल के 968 डाकियों ने 3221 लोगों के खाते से 56.77 लाख रुपये निकालकर उनके हाथ में सौंपे। केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा मनरेगा श्रमिकों की लंबित मजदूरी, निराश्रित, वृद्धा पेशन, विकलांग पेंशन, जनधन खातों एवं उज्ज्वला योजना और पीएम किसान योजना के लाभार्थियों समेत कई अन्य के खातों में धनराशि भेजी है।
लॉकडाउन के बीच इस धनराशि को निकालने के लिए बैकों में भीड़ उमड़ रही थी। जिसके बाद मण्डल में डाक विभाग और पंचायती राज विभाग की मदद से माइक्रो बैंकिंग सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इसके लिए ग्राम पंचायतों से ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव का भी सहयोग लिया जा रहा है। लोगों को यह सलाह दी जा रही है कि वे धन की निकासी के लिए बैंक न जाएं बल्कि अपनी बारी का इंतजार अपने घर पर ही बैठ कर करें।
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तीन दिन में मंडल के 968 डाकियों ने 3221 लोगों के खाते से 56.77 लाख रुपये निकालकर उनके हाथ में सौंपे। केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा मनरेगा श्रमिकों की लंबित मजदूरी, निराश्रित, वृद्धा पेशन, विकलांग पेंशन, जनधन खातों एवं उज्ज्वला योजना और पीएम किसान योजना के लाभार्थियों समेत कई अन्य के खातों में धनराशि भेजी है।
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लॉकडाउन के बीच इस धनराशि को निकालने के लिए बैकों में भीड़ उमड़ रही थी। जिसके बाद मण्डल में डाक विभाग और पंचायती राज विभाग की मदद से माइक्रो बैंकिंग सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इसके लिए ग्राम पंचायतों से ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव का भी सहयोग लिया जा रहा है। लोगों को यह सलाह दी जा रही है कि वे धन की निकासी के लिए बैंक न जाएं बल्कि अपनी बारी का इंतजार अपने घर पर ही बैठ कर करें।
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गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज जिले में सीडीओ की तरफ से ग्रामीणों को इस सेवा का लाभ देने के लिए रोस्टर बनाया गया है। सीडीओ हर्षिता माथुर ने बताया कि माइक्रो बैकिंग की सेवाएं धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रही हैं। लोगों तक जानकरी पहुंचने लगी है, यही वजह है कि अब बैंकों में भीड़ थोड़ी कम होने लगी है।
जिला डाकिए लाभार्थी निकासी
गोरखपुर -292 -1429 -2368000
देवरिया -227 -561 -1068850
कुशीनगर -163 -538 -998339
महराजगंज -186 -693 -1242130
कुल -968 -3221 -5677319
जिला डाकिए लाभार्थी निकासी
गोरखपुर -292 -1429 -2368000
देवरिया -227 -561 -1068850
कुशीनगर -163 -538 -998339
महराजगंज -186 -693 -1242130
कुल -968 -3221 -5677319