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Gorakhpur News: सातवें दिन खुला पोर्टल...जमा हुए आवेदन, लगी रिपोर्ट
Thu, 08 Feb 2024 01:01 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 08 Feb 2024 01:01 PM IST
सार
तहसीलदार सदर विकास सिंह ने बताया कि पोर्टल खुलने के बाद रिपोर्ट लगाई जा रही है, जबकि छह दिन बाद पोर्टल खुलने से अधिक आवेदनों का बैकलाॅग होने का अनुमान है। आवेदनों की संख्या अधिक होगी तो अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर रिपोर्ट लगाई जाएगी।
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गोरखपुर कचहरी। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
ई- डिस्टि्रक्ट पोर्टल बुधवार को सातवें दिन खुला तो जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र के लिए लोगों को आवेदन करने का असर मिला, जबकि पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट भी लगाई गई। इससे जरूरतमंदों को प्रमाणपत्र मिलने की उम्मीद जगी है।
तकनीकी कारणों से छह दिन पोर्टल नहीं चलने के कारण करीब पांच हजार लोगों के काम अटक गए हैं। बुधवार को पोर्टल चलने लगा तो आवेदन करने वाले लोगों की संख्या अधिक हो गई और आवेदन अपलोड करने में अधिक समय लगा। उन लोगों को भी राहत मिली, जिन्होंने आवेदन किया है और रिपोर्ट लगने के इंतजार में तहसील कार्यालय और जनसेवा केंद्रों का चक्कर लगा रहे थे।
बुधवार को कितने आवेदनों में रिपोर्ट लगी और कितने नए लोगों ने आवेदन किया है? इसकी रिपोर्ट पोर्टल पर बृहस्पतिवार को दिखेगी, लेकिन तहसील प्रशासन ने अधिक आवेदन जमा होने का अनुमान लगाकर निस्तारित करने की तैयारी की है। नियम के अनुसार एक सप्ताह के अंदर आवेदकों को प्रमाणपत्र मिल जाना चाहिए। तहसीलदार और लेखपाल के पोर्टल में ऑनलाइन रिपोर्ट लगने के बाद आवेदक प्रमाणपत्र अपलोड कर लेते हैं।
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तहसीलदार सदर विकास सिंह ने बताया कि पोर्टल खुलने के बाद रिपोर्ट लगाई जा रही है, जबकि छह दिन बाद पोर्टल खुलने से अधिक आवेदनों का बैकलाॅग होने का अनुमान है। आवेदनों की संख्या अधिक होगी तो अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर रिपोर्ट लगाई जाएगी।
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तकनीकी कारणों से छह दिन पोर्टल नहीं चलने के कारण करीब पांच हजार लोगों के काम अटक गए हैं। बुधवार को पोर्टल चलने लगा तो आवेदन करने वाले लोगों की संख्या अधिक हो गई और आवेदन अपलोड करने में अधिक समय लगा। उन लोगों को भी राहत मिली, जिन्होंने आवेदन किया है और रिपोर्ट लगने के इंतजार में तहसील कार्यालय और जनसेवा केंद्रों का चक्कर लगा रहे थे।
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बुधवार को कितने आवेदनों में रिपोर्ट लगी और कितने नए लोगों ने आवेदन किया है? इसकी रिपोर्ट पोर्टल पर बृहस्पतिवार को दिखेगी, लेकिन तहसील प्रशासन ने अधिक आवेदन जमा होने का अनुमान लगाकर निस्तारित करने की तैयारी की है। नियम के अनुसार एक सप्ताह के अंदर आवेदकों को प्रमाणपत्र मिल जाना चाहिए। तहसीलदार और लेखपाल के पोर्टल में ऑनलाइन रिपोर्ट लगने के बाद आवेदक प्रमाणपत्र अपलोड कर लेते हैं।
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तहसीलदार सदर विकास सिंह ने बताया कि पोर्टल खुलने के बाद रिपोर्ट लगाई जा रही है, जबकि छह दिन बाद पोर्टल खुलने से अधिक आवेदनों का बैकलाॅग होने का अनुमान है। आवेदनों की संख्या अधिक होगी तो अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर रिपोर्ट लगाई जाएगी।