संवाद न्यूज़ एजेंसी गोरखपुर। जिले के टॉप 11 बदमाशो के मुकदमो के गवाहों व वादियों को सुरक्षा देगी। साथ ही पुलिस के साथ होने का एहसास कराएगी। ताकि गवाह निर्भीक होकर जल्द से जल्द कोर्ट में गवाही दे और वादी मुकदमा लड़ने से पीछे न हटे। जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों में यह सामने आया है कि जिले के ताप 11 में शामिल बदमाशो के कई मुकदमो के गवाह डर की वजह से गवाही नही दे रहे है। साथ ही वादी भी केस लड़ने से पीछे हट रहे है। जिससे सीधे तौर पर इन बदमाशो को लाभ मिल रहा है। मुकदमो की लंबी फेहरिस्त होने पर भी या तो ये बदमाश बेदाग हो जा रहे है या मुकदमो में एफआर लग जा रही है। कई मुकदमो के गवाह कोर्ट ही नही आ रहे जिससे बदमाश जमानत पर छूट जा रहे है। वंही कुछ बदमाश गवाहों को धमका भी रहे है। इन सब को देखते हुए एसएसपी ने बदमाशों के निवास स्थान के थानेदारों को सभी पुराने मुक्डमो की वर्तमान स्थिति देख कर सूचि बनाने का निर्देश दिया है। ताकि यह पता चल सके की किस किस बदमाश के किस किस मुकदमें में गवाह टुटा, या नही आ रहा, या धमकी मिल रही या फिर किस मुकदमें का वादी दबाव में पीछे हट गया। और मामले में पुलिस की क्या भूमिका रही। सूचि के बाद एसएसपी के देखरेख में एडिशनल एसपी व सीओ खुद वादियो व् गवाहों से बात करेंगे और भरोसा दिलाएंगे साथ ही सुरक्षा की व्यवस्था कराएंगे। इसके अलावा दोषी पुलिसकर्मियो पर कारवॉइ होगी। वही नए मुकदमो में भी गवाहों व वादियो की सुरक्षा दी जायेगी। जल्द से जल्द विवेचना कर चार्जशीट भी दाखिल करायी जायेगी। 00 विनोद के केस में लग चुकी है एफआर तो चन्दन के कई मुकदमो के गवाह टूटे पुलिस सूत्रों के अनुसार माफिया विनोद उपाध्याय के खिलाफ वर्ष 2019 में कोटवाली इलाके के एक व्यक्ति ने सीएम जनता दरबार में शिकायत कर केस दर्ज कराया था। जिसमे एफआर लग चुका है। पुलिस का कहना है कि वादी पीछे हट गया है । वंही चन्दन सिंह के जिले से बाहर के कई मुकदमो में एफआर लग चुकी है। तो जिले के कई मुकदमो में गवाह टूट चुके है। इन सब का लाभ उठाकर उसने डासना जेल से जमानत की अर्जी भी डाली थी। उधर उसके एक मुकदमें के गवाह को धमकी भी मिल रही है। अपनी पुरानी दहसत व इन सब का फायदा उठा कर ऐसे बड़े बदमाश बेदाग़, पाक साफ बने रहते है। 00 ये है टाप 11 बदमाश जिले के टॉप 11 बदमाशो में राघवेंद्र यादव, विनोद उपाध्याय, चन्दन सिंह, सुभाष शर्मा, सुधीर सिंह, अजीत शाही, प्रदीप सिंह, राधेशयम उर्फ़ राधे यादव, राकेश यादव,सत्यव्रत राय और शेलेन्द्र प्रताप सिंह शामिल है। इनमें से अधिकांश पर 20 से ज्यादा केस दर्ज है। 00 कुछ गवाहों के टूटने व वादियो के पीछे हटने की बात सामने आयी है। जांच कर और मुकदमो की वर्तमान स्थिति देखी जायेगी। जिसके बाद सुरक्षा से लेकर अन्य कई कदम उठाये जायेंगे। ताकि बदमाशो को जल्द से जल्द सजा दिलाने में मदद मिले।-डॉ सुनील गुप्ता एसएसपी