{"_id":"65d9040f28dd199c1f0b0a6b","slug":"police-will-destroy-the-patient-mafia-networkcampaign-will-continue-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-476702-2024-02-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: मरीज-माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करेगी पुलिस...चलेगा अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: मरीज-माफिया के नेटवर्क को ध्वस्त करेगी पुलिस...चलेगा अभियान
Sat, 24 Feb 2024 11:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो. गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो. गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 24 Feb 2024 11:44 AM IST
सार
गोरखपुर पुलिस ने मरीज माफियाओं का नेटवर्क को ध्वस्त करने का फैसला किया है। डीआईजी ने रेंज के सभी एसपी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य विभाग से तालमेल कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
डीआईजी आनंद कुलकर्णी
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मरीज माफिया के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस, गोरखपुर की तर्ज पर पड़ोसी जिलों महराजगंज, कुशीनगर और देवरिया में भी अभियान चलाएगी। इसके लिए डीआईजी आनंद कुलकर्णी ने रेंज के तीन अन्य जिलों के पुलिस कप्तान को पत्र भेजकर अभियान चलाने का निर्देश दिया है। पत्र में गोरखपुर में हुई कार्रवाई का जिक्र करने के साथ ही जांच का तरीका भी समझाया गया है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम इस मुहिम को मिलकर अंजाम तक पहुंचाएगी।
विज्ञापन
गोरखपुर में मरीज माफिया पर कार्रवाई होने के बाद आसपास के जिलों में भी हड़कंप मचा है। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज में भी कई ऐसे ही फर्जी तरीके से नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। बिना डॉक्टर के ही मरीज को भर्ती किया जाता है और फिर मरीज की जान जाने के बाद ही जानकारी दी जाती है।
विज्ञापन
डाॅक्टर के नाम पर अस्पताल का पंजीकरण है, वह कभी आते ही नहीं। कई कस्बों में पंजीकरण न होने के बाद भी अस्पताल का बोर्ड लगाकर मरीजों को ठगा जा रहा है। डीआईजी ने इसका संज्ञान लेते हुए तीनों जिले के एसपी को संयुक्त टीम गठित कराने को कहा है, जिससे ऐसे लोगों पर शिकंजा कसा जा सके। मरीज व एंबुलेंस माफिया पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भी भेजी जाएगी।
विज्ञापन
गिरोह में शामिल आरोपी फरार, तलाश में दबिश
बीआरडी मेडिकल कॉलेज से मरीज की खरीद-फरोख्त के मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब नामजद आरोपी फरार हो गए हैं। पुलिस की टीम रात के समय तलाश में घरों पर दबिश देने पहुंची तो आरोपी फरार मिले। तीन हाॅस्पिटल के संचालक व एंबुलेंस माफिया के जेल जाने के बाद हड़कंप की स्थिति है। ईशु हाॅस्पिटल की संचालक रेनू के अलावा मनोज निगम के न्यायालय में समर्पण करने की सूचना पर पुलिस ने वहां भी पहरा बैठा दिया है।
संदिग्ध अस्पतालों पर लगे ताले
पुलिस ने 10 संदिग्ध अस्पतालों की जांच शुरू की तो इसमें से कई पर ताला बंद मिला है। वहीं, सीएमओ दफ्तर भी कई डॉक्टर अब पहुंचने लगे है कि पुराने जगह पर उनके नाम का इस्तेमाल किया गया है। अब उनका अस्पताल से नाता नहीं है। पुलिस ने इधर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है तो डीआईजी ने इसे देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज पुलिस को भी कार्रवाई का आदेश दे दिया गया है।
डीआईजी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि रेंज के सभी जिले में मरीज माफिया पर कार्रवाई का निर्देश पुलिस को दिया गया है। गोरखपुर में हुई कार्रवाई में कई मामले सामने आए है। इसी तरह अन्य जिले में स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर अभियान चलाकर कार्रवाई को पत्र लिखा गया है।