फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Police team searching for other victims of fraud

Gorakhpur News: सहजनवां के जनप्रतिनिधि भी हुए ठगी के शिकार, गंवा चुके हैं 80 लाख

Wed, 08 Apr 2026 02:52 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 02:52 AM IST
विज्ञापन
Police team searching for other victims of fraud
गोरखपुर। फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपियों ने सहजनवां के एक जनप्रतिनिधि को भी अपने जाल में फंसाया और उनके 80 लाख रुपये हड़प लिए। मामले में पुलिस ने पहले ही जनप्रतिनिधि के एक परिचित वैभव मणि त्रिपाठी को जेल भेजा था, जिसने जालसाजों से डील की मध्यस्थता की थी। पुलिस इस मामले में ठगी के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को अब तक जेल भिजवा चुकी है। वहीं अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
विज्ञापन

ठगी की शिकार रामगढ़ताल थानाक्षेत्र की शिवपुर कॉलोनी की रहने वाली जूही सिंह ने वैभव, करुणेश के अलावा अखिलेश पाठक, अभिषेक पाठक, गौतम कनौडिया, रामअवतार बंसल, गौरव कनौडिया और नरेंद्र त्रिपाठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। बीते फरवरी माह में पुलिस ने आरोपी वैभव मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। पूछताछ में उसने फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड मुंबई के सांताक्रूज निवासी काशिफ खान उर्फ काशिफ सरदार हाशिम खान मलिक, कृष्णा कुमारी और नवीन आहूजा उर्फ नवीन सर आहूजा के नाम बताए थे।
विज्ञापन

पुलिस ने तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जेल भेजे गए वैभव मणि ने फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर सहजनवां के जनप्रतिनिधि के भी 80 लाख रुपये लगवा दिए थे। आरोपियों ने उन्हें मुंबई बुलाकर 39 पन्ने के फर्जी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कराए। जब जनप्रतिनिधि को धोखाधड़ी का पता चला तो उन्होंने तुरंत अधिकारियों से संपर्क कर आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


हस्ताक्षर और बैंक अकाउंट की जांच शुरू

एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि पुलिस ने जालसाजों की ओर से इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों का सत्यापन शुरू कर दिया है। साथ ही निवेशकों की ओर से भेजी गई रकम के बैंक खातों का विवरण जुटाया जा रहा है ताकि पता चले कि आरोपियों के खातों में कितनी रकम आई। प्रारंभिक जांच में दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। पूछताछ में पता चला कि ठगी के मास्टरमाइंड काशिफ खान का फैशन टीवी से करार था लेकिन उसे फ्रेंचाइजी देने का अधिकार नहीं था। इसके बावजूद उसने पूरे देश में लोगों से फ्रेंचाइजी के नाम पर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस अब अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed